प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक चिकित्सा को वो मान्यता नहीं मिलती जिसकी वो हकदार है। अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए पारंपरिक चिकित्सा को विज्ञान के माध्यम से जनता का विश्वास जीतना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इस शिखर सम्मेलन में आप सभी ने अश्वगंधा का उदाहरण देखा है। सदियों से इसका उपयोग हमारी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में होता रहा है। कोविड-19 के दौरान इसकी वैश्विक मांग तेजी से बढ़ी और कई देशों में इसका उपयोग शुरू हुआ। भारत अपने शोध और साक्ष्य-आधारित सत्यापन के माध्यम से अश्वगंधा को बढ़ावा दे रहा है।
पेट के लिए फायदेमंद- इस जड़ी बूटी को पेट के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। अगर पेट में कीड़े पैदा हो जाएं, तो उपचार के लिए इस जड़ी बूटी की मदद ली जा सकती है। अश्वगंधा कब्ज से छुटकारा दिलाने में भी कारगर साबित हो सकती है। कफ की समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी अश्वगंधा का सेवन किया जा सकता है। छाती में दर्द होने पर आप इस जड़ी बूटी को कंज्यूम कर सकते हैं।
गठिया के दर्द से मिलेगी राहत- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गठिया के दर्द से राहत पाने के लिए आप अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं। अश्वगंधा हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में कारगर साबित हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कमजोरी को दूर करने के लिए भी इस जड़ी बूटी को डाइट प्लान का हिस्सा बनाया जा सकता है।
आंखों के लिए फायदेमंद- आचार्य श्री बालकृष्ण के मुताबिक अश्वगंधा आंखों के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। अश्वगंधा में मौजूद तमाम पोषक तत्व गले के रोग को दूर करने में भी कारगर साबित हो सकते हैं। टीबी से जूझ रहे मरीजों को भी अश्वगंधा का सेवन करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए सही मात्रा में और सही तरीके से इस जड़ी बूटी का सेवन करना बेहद जरूरी है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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