World Brain Tumour Day: समय रहते किसी बीमारी का इलाज न किया जाए तो वह खतरनाक हो जाता है। कैंसर की परेशानी का यदि जल्दी पता लग जाए तो उसे ठीक किया जा सकता है। देर होने पर मामूली ट्यूमर भी कैंसर में तब्दील हो सकता है।
आज वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे पर जानते हैं ब्रेन ट्यूमर आखिर है क्या?
जब दिमाग के सेल्स असामान्य तरीके से बढ़ने लगते है तो ब्रेन में टिश्यूज़ की एक गांठ सी बन जाती है, जिसे ट्यूमर कहते हैं। ये ट्यूमर 2 तरह का होता है। बिनाइन ट्यूमर और मैलिग्नेंट ट्यूमर। बिनाइन ट्यूमर धीरे धीरे बढ़ता है जबकि मैलिग्नेंट ट्यूमर की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है और ये कैंसरस होता है।WHO के मुताबिक दुनिया में हर साल लगभग 8 लाख लोग ब्रेन कैंसर से जान गवांते हैं। तो भारत में भी हर साल तकरीबन 50 हज़ार मामले सामने आते हैं। इनमें भी 20 फीसदी छोटे बच्चे होते है।
ब्रेन ट्यूमर बढ़ने की बड़ी वजह है खराब लाइफस्टाइल और टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल है। रोमानियन यूनिवर्सिटी की ताज़ा रिसर्च के मुताबिक घंटो मोबाइल पर बात करने से निकलने वाला रेडिएशन अल्जाइमर और ब्रेन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
अगर दिमाग इफेक्ट होगा तो शरीर का पूरा सिस्टम डिस्टर्ब हो जाएगा, क्योंकि सिर्फ 1400 ग्राम का ब्रेन पूरे शरीर को चलाता है। उठने बैठने से लेकर हर काम के लिए दिमाग बॉडी पार्ट्स को सिग्नल भेजता है और फिर वो अंग रिएक्ट करते हैं।
यानी शरीर का फंक्शन सही तरीके से चलाने के लिए ब्रेन का हेल्दी होना ज़रूरी है। आइए जानते है इस परेशानी से खुद को कैसे रखा जाए दूर? और किन उपायों को अपनाकर हम ब्रेन ट्यूमर जैसी परेशानी को ठीक कर सकते हैं।
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