पाकिस्तान ने 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकवादी हमले पर बड़ा कबुलनामा करते हुए पाकिस्तान सरकार में मंत्री फवाद चौधरी ने पुलवामा हमले को बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा कि इमरान खान ने यह हमला कराया और यह उनके नेतृत्व में एक बड़ी उपलब्धि थी। पाकिस्तानी मंत्री के संसद में दिए बयान के बाद अब जब पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से पुलवामा में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है, तो आइए देखें कि भारत के कुछ दिग्गज क्या कह रहे थे।
आज जब हम पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 CRPF जवानों को याद कर रहे है, तो पूछें:
1. हमले से सबसे अधिक किसे फायदा हुआ?
2. हमले में जांच का परिणाम क्या है?
3. बीजेपी सरकार में किसने अभी तक हमले को लेकर हुई सुरक्षा चूक के लिए जवाबदेह ठहराया है?
पाकिस्तान और इमरान खान खुलकर मोदी जी का समर्थन कर रहे हैं। अब यह स्पष्ट है कि मोदी जी ने कुछ गुप्त समझौता किया है।
हर कोई पूछ रहा है - क्या पाकिस्तान ने मोदी जी की मदद के लिए चुनाव से ठीक पहले 14 फरवरी को पुलवामा में हमारे 40 बहादुर सैनिकों को मार दिया था?
ममता बनर्जी ने कहा था, 'मोदी-बाबू, हमले (पुलवामा हमला) के समय आप कहां थे?' पार्टी की विस्तारित कोर कमेटी बैठक में तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ने कहा, 'आपको पहले से पता था कि यह घटना होगी। आपके पास पहले से जानकारी थी।'
ममता ने कहा था, 'केंद्र सरकार के पास इस संबंध में खुफिया जानकारी थी। फिर जवानों को उस दिन हवाई मार्ग से क्यों नहीं जाने दिया गया? काफिले के मार्ग की नाका जांच क्यों नहीं की गई?'
ममता ने कहा था, 'जवानों को मरने के लिए क्यों छोड़ दिया? यह इसलिए क्योंकि आप चुनावों से पहले मामले का राजनीतिकरण करना चाहते थे। हमारे जवानों के खून का इस तरह राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।'
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