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गृह मंत्री अमित शाह के शनिवार को कश्मीर के हालात की समीक्षा करने की संभावना

केंद्र सरकार ने पहले ही खुफिया ब्यूरो के एक शीर्ष अधिकारी को आतंकवादियों के खिलाफ अभियान के समन्वय के लिए श्रीनगर भेज दिया है। श्रीनगर में बृहस्पतिवार को एक सरकारी स्कूल के भीतर एक महिला प्रधानाध्यापिका और एक शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी।

Bhasha Bhasha
Published on: October 08, 2021 22:16 IST
Amit Shah to hold crucial meet with J-K LG to review situation on Saturday- India TV Hindi
Image Source : PTI अमित शाह शनिवार को जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ सुरक्षा स्थिति पर चर्चा कर सकते हैं।

नयी दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ केंद्र शासित प्रदेश में हिंदुओं और सिखों सहित हाल में लक्षित हत्याओं के मद्देनजर सुरक्षा स्थिति पर चर्चा कर सकते हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा कि पिछले पांच दिनों में कम से कम सात नागरिकों की आतंकवादियों ने हत्या कर दी। सूत्रों ने कहा कि गृह मंत्री और उपराज्यपाल मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति और कश्मीर घाटी में आतंकवादी हमलों की रोकथाम कैसे हो, इसकी विस्तृत समीक्षा करेंगे। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय, खुफिया एजेंसियों और जम्मू कश्मीर प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। 

सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को उच्च स्तरीय बैठक में अमित शाह को आसान ठिकानों पर हमले करने के लिए आतंकवादियों की नयी साजिश और सुरक्षा कड़ी करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी गई। शाह ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि हत्याओं में शामिल लोगों की गिरफ्तारी हो और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। 

केंद्र सरकार ने पहले ही खुफिया ब्यूरो के एक शीर्ष अधिकारी को आतंकवादियों के खिलाफ अभियान के समन्वय के लिए श्रीनगर भेज दिया है। श्रीनगर में बृहस्पतिवार को एक सरकारी स्कूल के भीतर एक महिला प्रधानाध्यापिका और एक शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। पिछले पांच दिनों में मारे गए सात लोगों में से चार अल्पसंख्यक समुदायों के थे और छह मौतें श्रीनगर में हुईं। 

अधिकारियों ने कहा कि ऐसे सभी मामलों में आतंकवादी पिस्तौल का इस्तेमाल करते हैं, जिसे वे आसानी से ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकतर कृत्य नए भर्ती किए गए आतंकवादियों या आतंकवादी संगठनों में शामिल होने को तैयार लोगों द्वारा किए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस साल अब तक जम्मू कश्मीर में 97 आतंकवादी हमले हुए हैं जिनमें से 71 सुरक्षा बलों पर और 26 नागरिकों पर हमले हो चुके हैं। पिछले साल कुल 105 हमले हुए-80 सुरक्षा बलों पर और 25 नागरिकों पर।

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