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भोपाल गैंगरेप: 5 पुलिस अफसर सस्पेंड, जांच के लिए SIT का गठन

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 03, 2017 08:41 pm IST,  Updated : Nov 03, 2017 08:41 pm IST

पुलिस दंपति की 19 साल की बेटी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गंभीरता से लेते हुए पुलिस अफसरों के साथ शुक्रवार को बैठक की और लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों पर कार्रवाई व एसआईटी से जांच कराने के निर्देश दिए।

bhopal gangrape case- India TV Hindi
bhopal gangrape case

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पुलिसकर्मी दंपति की बेटी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सुनील लाड़ की रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को तीन थाना प्रभारी और दो उप निरीक्षकों (सब इंस्पेक्टर) को निलंबित कर दिया गया, वहीं एक नगर पुलिस अधीक्षक को पुलिस मुख्यालय में संलग्न किया गया है। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

पुलिस दंपति की 19 साल की बेटी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गंभीरता से लेते हुए पुलिस अफसरों के साथ शुक्रवार को बैठक की और लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों पर कार्रवाई व एसआईटी से जांच कराने के निर्देश दिए।

पुलिस महानिरीक्षक (कानून व व्यवस्था) मकरंद देउस्कर ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि लापरवाही बरतने पर एमपी नगर थाने के प्रभारी संजय सिंह बैस, हबीबगंज थाने के प्रभारी रविंद्र यादव, जीआरपी हबीबगंज के थाना प्रभारी मोहित सक्सेना, दो उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) टेकराम और उइके को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही एमपी नगर क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक कुलवंत सिंह को मुख्यालय में संलग्न कर दिया गया है। 

देउस्कर के मुताबिक, इस मामले को जघन्य अपराध की श्रेणी में रखते हुए इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसके प्रमुख डीआईजी सुधीर लाड़ होंगे। साथ ही जीआरपी, भोपाल पुलिस, महिला थाना प्रभारी इसमें शामिल रहेंगे।

पुलिस विभाग में, दूसरे शहर में कार्यरत दंपति की बेटी पूजा (काल्पनिक नाम) मंगलवार की देर शाम कोचिंग से अपने कमरे को लौट रही थी, तभी उसे हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पास नशे में धुत चार मनचलों ने अपनी हवस का शिकार बनाया था। उसे रिपोर्ट दर्ज कराने में दो दिन लग गए, क्योंकि पुलिस दो थानों के बीच का मामला बताकर टाल-मटोल करती रही। बाद में पुलिस ने मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया।

पुलिस द्वारा चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के दावे पर भी शुक्रवार को सवाल उठाया गया, क्योंकि इस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। बाद में आईजी देउस्कर ने भी माना कि अभी सिर्फ तीन आरोपी ही पकड़े गए हैं। एक आरोपी को लेकर भ्रम की स्थिति है। 

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