1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. CBI vs CBI: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, संस्थान के हित में होनी चाहिए सरकार की कार्रवाई की भावना

CBI vs CBI: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, संस्थान के हित में होनी चाहिए सरकार की कार्रवाई की भावना

 Reported By: Bhasha
 Published : Dec 06, 2018 12:55 pm IST,  Updated : Dec 06, 2018 12:55 pm IST

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा से अधिकार वापस लेने और उन्हें छुट्टी पर भेजने के केंद्र के फैसले के खिलाफ दायर वर्मा की याचिका पर सुनवाई कर रहे उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार की कार्रवाई के पीछे की भावना संस्थान का हित होनी चाहिए।

CBI vs CBI: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, संस्थान के हित में होनी चाहिए सरकार की कार्रवाई की भावना- India TV Hindi
CBI vs CBI: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, संस्थान के हित में होनी चाहिए सरकार की कार्रवाई की भावना

नयी दिल्ली: सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा से अधिकार वापस लेने और उन्हें छुट्टी पर भेजने के केंद्र के फैसले के खिलाफ दायर वर्मा की याचिका पर सुनवाई कर रहे उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार की कार्रवाई के पीछे की भावना संस्थान का हित होनी चाहिए। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने उसे बताया है कि जिन परिस्थितियों में ये हालात पैदा हुए उनकी शुरूआत जुलाई में ही हो गई थी।

Related Stories

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की ओर से सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत के फैसलों और सीबीआई को संचालित करने वाले कानूनों का उल्लेख किया। शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सीबीआई निदेशक और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच झगड़ा रातोंरात सामने आया हो जिसकी वजह से सरकार को चयन समिति से परामर्श किये बिना निदेशक के अधिकार वापस लेने को विवश होना पड़ा हो।

सरकार ने वर्मा से अधिकार वापस लेने के फैसले को जायज ठहराते हुए बुधवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि सीबीआई निदेशक तथा विशेष निदेशक ‘बिल्लियों की तरह’ लड़ रहे हैं और देश की प्रमुख जांच एजेंसी सार्वजनिक परिहास का विषय बन गयी है।

अटार्नी जनरल (एजी) के के वेणुगोपाल ने शीर्ष अदालत से कहा कि सरकार ने अपने अधिकारों के तहत इस मामले में हस्तक्षेप किया है और दोनों अधिकारियों से अधिकार वापस लेकर उन्हें छुट्टी पर भेजा है।

वेणुगोपाल ने कहा कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की होती तो ‘‘भगवान ही जाने कि दोनों शीर्ष अधिकारियों के बीच यह लड़ाई कहां और कैसे खत्म होती।’’ उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सीबीआई में जनता का विश्वास बहाल करने के मकसद से की गयी। शीर्ष अदालत वर्मा की उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है जिनमें उन्होंने उनके खिलाफ केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत