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India TV Exclusive: बालाकोट एयरस्ट्राइक का सबसे सॉलिड सबूत, चुन-चुनकर जैश के ठिकाने पर गिरे बम

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 15, 2019 10:37 pm IST,  Updated : Mar 16, 2019 12:02 am IST

टारगेट का चुनाव करते वक्त इस बात का ख्याल ऱखा गया कि एयर स्ट्राइक में कैंप में मौजूद जैश के ज्यादा से ज्यादा दहशतगर्दों का खात्मा हो सके।

India TV Exclusive Balakot IAF Airstrike full truth- India TV Hindi
India TV Exclusive Balakot IAF Airstrike full truth Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली: बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े टेरर कैंप पर हुई एयरस्ट्राइक से पहले देश की खुफिया एजेंसियों ने एयरफोर्स को बालाकोट के टेरर कैंप की एक एक जानकारी मुहैया करवाई थी। कैंप का पूरा नक्शा, कौन सा कमरा कहां है, किस कमरे में कौन रहता है, आतंकवादियों के ट्रेनर कहां रहते हैं, कैंप में जैश के बड़े-बड़े दहशतगर्दों का ठिकाना कहां है, कहां हथियार रखे जाते हैं, और रात में कौन कहां मौजूद रहता है। मतलब जैश के इस कैंप की एक एक जानकारी हासिल करने के बाद बम गिराने की जगह तय की गई थी। 

टारगेट का चुनाव करते वक्त इस बात का ख्याल ऱखा गया कि एयर स्ट्राइक में कैंप में मौजूद जैश के ज्यादा से ज्यादा दहशतगर्दों का खात्मा हो सके। सबकुछ तय होने के बाद 25 और 26 फरवरी की दरमयानी रात भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 फाइटर जैट पाकिस्तान की सरहद में घुसे और बालाकोट में जाकर जैश ए मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी कैंप पर 1000 किलो के बम गिराए और सुरक्षित वापस लौट आए।

भारतीय वायुसेना को बालाकोट में हमले से पहले जैश के कैंप की चप्पे-चप्पे की पूरी जानकारी तस्वीरों के साथ मौजूद थी। दिन में और रात के वक्त, किस समय कितने आतंकवादी कैंप के किस एरिया में होते हैं। इसकी पूरी डिटेल हमारी फौज के पास थी। बालाकोट में मसूद अज़हर का टेरर ट्रेनिंग कैंपस करीब 6 एकड़ में फैला हुआ था। ट्रेनिंग कैंप में भी सबसे पहला निशाना यानि प्राइम टारगेट था मेन मुजाहिद हॉस्टल यानी ये वो जगह थी ..जहां पर आतंकियों के रहने का इंतजाम था।

जैश का जो डॉजियर पाकिस्तान को सौंपा गया है उसमें भी इस बात का जिक्र है कि बालाकोट के ट्रेनिंग कैंप में कम से कम 600 आतंकवादियों को रखने का इंतजाम किया गया था। मेन मुजाहिद हॉस्टल के इस पूरे एरिया में रिफ्रेशमेंट सेंटर के साथ एक गार्डन था। वो ट्रेनिंग हाउस था जहा आतंकवादियों को बंदूक चलाने की प्रैक्टिस करवाई जाती थी। इस कंपाउंड में कुछ मकान ऐसे भी थे, जो खाली थे। लेकिन इन्हीं खाली मकानों के बीच जैश के बड़े कमांडर और आतंकवादियों के ट्रेनर उमर गौरी नाम के दहशतगर्द का घर भी था। 

भारतीय वायुसेना के पायलट्स को मेन मुजाहिद हॉस्टल के अलावा जो और दूसरे टारगेट सौंपे गए थे उनमें ट्रेनिंग हॉल के साथ ट्रेनिंग ग्राउंड भी था जहां आतंकवादियों को कॉम्बैट टेक्टिक्स सिखाने के साथ दूसरी फिजकल एक्टिविटीज भी करवाई जाती थी। आपको याद होगा कि इटली की एक रिपोर्टर Francesca Marino ने ये खुलासा किया था कि जब्बा टॉप पर बने आतंक के इस सेंटर में पाकिस्तान आर्मी के साथ पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी आईएसआई का कर्नल सलीम भी मौजूद था। इस एयर स्ट्राइक में कर्नल सलीम भी मारा गया था। कर्नल सलीम के ठहरने का स्थाई इंतजाम भी इस आतंकी कैंप के गेस्ट हाउस में था।

आतंकी कैम्प के इस इलाके में आने जाने वालों पर निगरानी के लिए स्पेशल कैबिन बने हुए थे। इसी इलाके में खाली वक्त में ट्रेनिंग ले रहे दहशतगर्दों के रिफ्रैशमेंट के लिए एक चाय की दुकान भी थी जहां ब्रेक मिलने पर मसूद अजहर के कैंप में ट्रेनिंग ले रहे आतंकवादी चाय की दुकान पर इक्कठे होते थे। इसके अलावा इस आतंकी कैंप तक लीड वाले वो रूट भी सैटैलाइट मैप में मौजूद है..जहां से पाकिस्तान की ISI के अफसर ...इस फैसिलिटी तक अप डाउन करते थे। सैटेलाइट मैप की डीटेल्स उस टीम को ब्रीफ की गई थी जिसपर इसे बॉम्बिंग के जरिए डिस्ट्रॉय करने की जिम्मेदारी थी। यह ऑपरेशन कितना सक्सेसफुल था इसका अंदाजा इसी बात से लग सकता है कि इसकी जानकारी अगले दिन पाकिस्तान ने ही दी थी। 

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