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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सबरीमला मंदिर में की पूजा-अर्चना

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 11, 2021 10:20 pm IST,  Updated : Apr 11, 2021 10:39 pm IST

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple) ने भगवान अयप्पा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सबरीमला मंदिर में की पूजा-अर्चना- India TV Hindi
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सबरीमला मंदिर में की पूजा-अर्चना Image Source : ANI

तिरुवनंतपुरम: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple) ने भगवान अयप्पा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। गौरतलब है कि केरल में मनाए जाने वाले विशु त्यौहार से पहले शनिवार को मंदिर खोला गया था। मंदिर खुलने के बाद कई श्रद्धालु दर्शन पूजन करने के लिए यहां पहुंचे। ऐसे में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी मंदिर आकर पूजा-अर्चना की और भगवान अयप्पा के दर्शन किए।

चुनाव में मुद्दा रहा ‘सबरीमला में महिलाओं के प्रवेश

बता दें कि केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान सबरीमला मंदिर को मुद्दा बनाया गया। सत्तारूढ़ एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) को निशाने पर लेने के लिए विपक्षी यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) और राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने ‘सबरीमला में महिलाओं के प्रवेश’ के मुद्दे को प्राथमिकता दी।

हाल ही में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि सबरीमला के मुख्य देव भगवान अयप्पा और अन्य देवी-देवताओं का आशीर्वाद एलडीएफ सरकार के साथ है जिसने लोगों के कल्याण के लिए काम किया है। वहीं, विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इस चुनाव में वाममोर्चा सरकार निश्चित ही भगवान अयप्पा एवं उनके श्रद्धालुओं के कोप का भाजन बनेगी। 

विजयन को निशाने पर लेते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने हाल में ही कहा था कि तीन साल पहले सबरीमला में मुख्यमंत्री ने जो कुछ किया, वह ‘आसुरी कृत्य’ था और राज्य के लोग उनके ‘कपट भरे इस कर्म’ को नहीं भूलेंगे। 

जब एलडीएफ सरकार ने सबरीमला में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति संबंधी उच्चतम न्यायालय के 2018 के आदेश को लागू करने का निर्णय किया था तब केरल में दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने हिंसक प्रदर्शन किया था। 

पारंपरिक रूप से इस मंदिर में 10 से 50 साल तक आयु वर्ग (माहवारी आयु वर्ग) की महिलाओं का प्रवेश निषिद्ध है।

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