भारतीय वायुसेना के प्रमुख एपी सिंह ने मंगलवार को बड़ी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ी जानकारी शेयर की है। वायुसेना प्रमुख ने बताया है कि ऑपरेशन सिंदूर के समय भारतीय वायुसेना अच्छी स्थिति में थी और पाकिस्तान पर हमले जारी रख सकती थी। हालांकि, ऐसा नहीं किया गया क्योंकि जरूरी लक्ष्यों को हासिल कर लिया गया था। आर्मी वॉर कॉलेज में एक चर्चा के दौरान वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने ये भी कहा कि आज वायु शक्ति का इस्तेमाल आक्रामक तरीके से किया जाना चाहिए।
9 और 10 मई की रात पाकिस्तान पर किए गए हमले का जिक्र करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा- "उस रात हम अच्छी स्थिति में थे। हम हमले जारी रख सकते थे, लेकिन वह हमारा उद्देश्य नहीं था। हमारा उद्देश्य पहले ही पूरा हो चुका था। आप उस युद्ध को क्यों लंबा खींचना चाहते हैं, जिसे अपना उद्देश्य हासिल करने के बाद रोका जा सकता है। मुझे लगता है कि यही जरूरी है। चाहे युद्ध आज का हो या कल का, वायु शक्ति की प्रासंगिकता बढ़ती ही रहेगी।"
एयरफोर्स चीफ एपी सिंह ने एकीकृत सैन्य कमान योजना को भी जल्दबाजी में लागू करने के प्रति आगाह किया है। उन्होंने कहा है कि सेना के तीनों अंगों (थल सेना, वायुसेना और नौसेना) के बीच तालमेल को बढ़ाने के लिए शीर्ष सैन्य अधिकारियों को शामिल कर के दिल्ली में एक संयुक्त योजना एवं समन्वय केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव किया है। एपी सिंह ने कहा है कि इस समय सब कुछ बाधित करते हुए एक नया ढांचा बनाना कोई बहुत अच्छा विचार नहीं है।
आपको बता दें कि एकीकृत कमान का मकसद सेना, वायुसेना और नौसेना की ताकत को एकीकृत करने और युद्धों एवं अभियानों के लिए उनके संसाधनों के अधिक से अधिक इस्तेमाल की कोशिश करना है। इस योजना के अनुसार प्रत्येक थिएटर कमान में सेना, नौसेना और वायुसेना की इकाइयां होंगी। ये सभी एक निर्दिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए एक इकाई के रूप में काम करेंगी। फिलहाल भारत में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की अलग-अलग कमान हैं। (इनपुट: भाषा)
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