Tuesday, March 03, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती, भूधंसाव के बीच जोशीमठ में रह रहीं 84 गर्भवती महिलाएं

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती, भूधंसाव के बीच जोशीमठ में रह रहीं 84 गर्भवती महिलाएं

Edited By: Sudhanshu Gaur @SudhanshuGaur24 Published : Jan 21, 2023 11:33 pm IST, Updated : Jan 21, 2023 11:34 pm IST

जोशीमठ में अभी 84 गर्भवती रह रही हैं, जिनमें 18 महिलाएं ऐसी हैं, जिनका प्रसव 15 फरवरी तक होना है। सुरक्षित प्रसव के लिए यहां तीन एंबुलेंस और 108 सेवा की एंबुलेंस की चौबीसों घंटे के लिए तैनाती की गई है।

 जोशीमठ में रह रहीं 84 गर्भवती महिलाएं - India TV Hindi
Image Source : FILE जोशीमठ में रह रहीं 84 गर्भवती महिलाएं

मां बनना हर महिला के जीवन का सबसे सुखद पल होता है, लेकिन जोशीमठ में गर्भवती महिलाएं न सिर्फ अपने बल्कि अपने अजन्मे बच्चे के भविष्य की चिंता में घुली जा रही हैं। वहीं जोशीमठ के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। हर दिन एक नई समस्या उनके सामने आ कर खड़ी हो जाती है। शहर आपदा से प्रभावित है, जिसके चलते वो महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं जिनका अगले एक महीने में प्रसव होना है। मुश्किल की इस घड़ी में स्वास्थ्य विभाग महिलाओं की हर संभव मदद कर रहा है। वो डिप्रेशन का शिकार न हों, इसका ध्यान रखा जा रहा है। महिला चिकित्सक उनका मनोबल बढ़ा रही हैं। गर्भवती महिलाओं का प्रसव गोपेश्वर में कराया जाएगा।

सुरक्षित प्रसव के लिए यहां तीन एंबुलेंस और 108 सेवा की एंबुलेंस की चौबीसों घंटे के लिए तैनाती की गई 

पूरे जोशीमठ में अभी 84 गर्भवती रह रही हैं, जिनमें 18 महिलाएं ऐसी हैं, जिनका प्रसव 15 फरवरी तक होना है। सुरक्षित प्रसव के लिए यहां तीन एंबुलेंस और 108 सेवा की एंबुलेंस की चौबीसों घंटे के लिए तैनाती की गई है। प्रसूताओं को सीधे उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग और जिला चिकित्सालय गोपश्वर शिफ्ट करने की व्यवस्था की गई है। हालात इसलिए भी मुश्किल बने हुए हैं, क्योंकि जोशीमठ के स्वास्थ्य केंद्र में न तो सर्जन है और न ही महिला चिकित्सक। अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी नहीं मिल पा रही।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. ज्योत्सना नैथवाल ने बताया कि जोशीमठ शहर में अधिकांश गर्भवती उन परिवारों से हैं, जिनके घर भूधंसाव की जद में आ चुके हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की लगातार काउंसलिंग की जा रही है। अगर किसी गर्भवती को थोड़ी भी दिक्कत होती है, तो उसे सीधे कर्णप्रयाग या गोपेश्वर ले जाने की व्यवस्था की गई है।

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement