Cyclone Montha LIVE: चक्रवाती तूफान 'मोन्था' ने आंध्र प्रदेश में दस्तक दे दी है। इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश में भारतीय सेना और एनडीआरएफ की टीम अलर्ट पर है। ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी तेज हवाएं चल रही हैं। इन राज्यों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को अलर्ट पर रखा गया है। इस चक्रवाती तूफान से जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहे:
चक्रवाती तूफान मोन्था के आंध्र प्रदेश तट पर दस्तक देने के करीब पहुंचते ही, राज्य सरकार ने 22 जिलों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, 403 मंडलों के प्रभावित होने की संभावना है, 488 नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं, 76000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, और आपातकालीन सहायता प्रदान करने के लिए 219 चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है क्योंकि चक्रवात मोन्था के कारण ऊंची ज्वारीय लहरें और खगोलीय ज्वार से लगभग एक मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठ रही हैं, जिससे निचले इलाकों में जलमग्न होने का खतरा है। श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, अनकापल्ले, नेल्लोर, कोनासीमा और काकीनाडा जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। उप्पडा-काकीनाडा समुद्र तट सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है और यातायात के लिए बंद कर दी गई है।
चक्रवात 'मोंथा' के मद्देनजर ओडिशा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी रमेश चंद्र माझी ने बताया कि 123 अग्निशमन टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा, 'टीमें चक्रवात से प्रभावित सड़कों को साफ कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि चक्रवात से कोई जनहानि न हो।'
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने एसआरसी कंट्रोल रूम में चक्रवात मोन्था के प्रभाव और तैयारी की समीक्षा की।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात मोन्था ने भारी तबाही मचाई। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 38,000 हेक्टेयर खड़ी फसलें और 1.38 लाख हेक्टेयर बागवानी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। भारी बारिश और तेज हवाओं से राज्य को बड़ा नुकसान हुआ है।
साइक्लोन मोन्था ने आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दे दी है, और इसका पहला निशाना बना है मंगिनापुड़ी बीच। तेज हवाओं ने बीच के किनारे पर पेड़ों को जड़ से उखाड़ फेंका, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो गईं। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमें अपने काम में जुटी हुई हैं।
आंध्र प्रदेश में मंगलवार रात चक्रवात मोन्था काकीनाडा के पास लैंडफॉल किया। इस दौरान 90-110 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। इलाके में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, बिजली गुल हो गई और तटीय इलाकों में नुकसान हुआ। कई जिलों में भारी बारिश जारी है।
भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि गंभीर चक्रवाती तूफान 'मोंथा' का लैंडफॉल प्रक्रिया आंध्र प्रदेश के तट के पास शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया अगले 3-4 घंटे तक चलेगी। चक्रवात उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। दोपहर 4:30 बजे यह बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में केंद्रित था, लगभग 15.8° उत्तरी अक्षांश और 82.4° पूर्वी देशांतर पर। यह मछलीपट्टनम के दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में करीब 50 किमी, काकीनाडा के दक्षिण में 130 किमी और विशाखापट्टनम के दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में 230 किमी दूर था। IMD के अनुसार, चक्रवात मछलीपट्टनम और कलिंगापट्टनम के बीच, काकिनाड़ा के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा। लैंडफॉल के दौरान हवाओं की रफ्तार 90-100 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो 110 किमी प्रति घंटा तक झोंके मार सकती है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने चक्रवात 'मोंथा' के तट से टकराने से पहले सात तटीय जिलों में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। यह प्रतिबंध 28 अक्टूबर की रात 8:30 बजे से 29 अक्टूबर की सुबह 6:00 बजे तक लागू रहेगा।
प्रभावित जिले हैं:
केवल आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस, दमकल, पुलिस आदि) को छूट दी गई है। सरकार ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्री लहरों का खतरा बना हुआ है। पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सभी सड़कों पर ट्रैफिक रोका जाए। कोई भी वाहन बिना अनुमति नहीं चल सकता।
चक्रवात 'मोन्था' के कारण समुद्र में उफान और तेज हवाओं ने पोडाम्पेटा गांव के तट को काट दिया है। इससे गांव के किनारे पर बनी कई संपत्तियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, ऊंची लहरें और तेज आंधी तटीय इलाकों से लगातार टकरा रही हैं।
काकीनाडा सांसद उदय श्रीनिवास तांगेल्ला ने ANI से कहा, 'चक्रवात 'मोंथा' मंगलवार रात करीब 12 बजे तट से टकराने वाला है। इसके लिए आंध्र प्रदेश में 800 से ज्यादा राहत केंद्र बनाए गए हैं। गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में पहुंचाया गया है। काकीनाडा जिले में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। आपात स्थिति के लिए 1,000 बिजली मिस्त्री और 140 तैराक नावों के साथ तैयार हैं।'
IMD ने मंगलवार को कहा कि गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ के कारण 31 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश होगी। IMD ने एक स्पेशल बुलेटिन में कहा कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य में स्थित मोन्था उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा उसके मंगलवार रात तक आंध्र प्रदेश में काकीनाडा के पास पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने मछुआरों को गुरुवार तक पश्चिम बंगाल तट के आसपास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने बताया कि इस मौसम तंत्र के कारण मंगलवार से शुक्रवार के बीच दक्षिण बंगाल के उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, पुरुलिया, पूर्व और पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान है। (PTI)
बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवाती तूफान मोन्था के असर से राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश हुई है। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई है, जिसमें बूंदी जिले के नैनवा में मंगलवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में सबसे ज़्यादा 130 मिमी बारिश दर्ज की गई। उदयपुर, कोटा और आसपास के जिलों में आज और भारी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अजमेर, जयपुर, भरतपुर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
बताया जा रहा है कि साइक्लोन मोन्था 6 बजे के आसपास आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से गुजर सकता है।
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के सांसद उदय श्रीनिवास तंगेला ने कहा, चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह तैयार है। पिछले दो दिनों से सीएम और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सांसद के रूप में मैं जमीन पर हूं और 800 से अधिक राहत केंद्रों की व्यवस्था की है, जहां हम सभी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
चक्रवाती तूफान मोन्था के चलते खुर्दा रोड डिवीजन पर हेल्पलाइन नंबर पर जारी किए गए हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि किसी भी शख्स को तूफान के चलते कोई भी दिक्कत रहती है, तो वह इन नंबरों पर संपर्क कर सकता है।
चक्रवात मोन्था को लेकर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की उपस्थिति में बैठक की। सीएम ने तूफान के कहर से बचने के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए हैं।
चक्रवात मोन्था के चलते लाइफगार्ड और अग्निशमन विभाग के अधिकारी पुरी के समुद्री तटों से पर्यटकों को दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। समुद्री तट पर तेज हवाएं चल रही हैं।
ओडिशा के गंजम जिले में चक्रवात मोन्था के प्रभाव से गोपालपुर बंदरगाह में समुद्र की ऊंची लहरें उठ रही हैं। जिला प्रशासन ने लोगों के समुद्र तट पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मोन्था के मद्देनजर एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने कोठापट्टनम गांव को खाली कराए जाने की घोषणा की है। अधिकारियों ने लोगों से अपने घर खाली करने को कहा है। उप्पदा के 25 बस्तियों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात मोन्था के आगे बढ़ने से काकीनाडा में समुद्र उफान पर है। काकीनाडा और उप्पदा के बीच जमकर बारिश हो रही है। रोड का लगभग 8 किलोमीटर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। अधिकारियों ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए काकीनाडा और उप्पदा के बीच रोड को बंद कर दिया है।
तमिलनाडु में जैसे-जैसे मोन्था चक्रवात आगे बढ़ रहा है। चेन्नई के सभी हिस्सों में बारिश शुरू गो गई है। कूवम नदी उफान पर है।
चक्रवाती तूफान मोन्था के आने के बीच पुरी में समुद्री तट को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दे रही है। मछुआरों को समुद्री तट पर न आने को कहा गया है।
ओडिशा सरकार ने आठ दक्षिणी जिलों में खराब मौसम के कारण संवेदनशील स्थानों से लोगों को निकालने की तैयारी शुरू कर दी है, जहां 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है।
चक्रवात मोन्था के आज शाम मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच पहुंचने की आशंका के बीच तटीय शहर में बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। चक्रवाती तूफान को लेकर स्थानीय अधिकारी अलर्ट पर हैं।
केरल के कई जिलों में तेज हवाएं चलने के साथ भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया। अधिकारियों ने कहा कि अलप्पुझा जिले में तेज हवाओं के कारण अर्थुनकल तट के पास एक मछुआरे की नाव पलट जाने से मौत भी गई।
चक्रवात मोन्था के पूर्वी तट के करीब पहुंचने के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों से बात की है। सीएम नायडू ने तटीय क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा और क्षति को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, आईएमडी हैदराबाद के अधिकारी जीएनआरएस श्रीनिवास राव ने कहा, ' चक्रवात तूफान मंगलवार शाम या रात तक मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा क्षेत्र के आसपास आंध्र प्रदेश के तट तक पहुंचने की संभाना है। इस दौरान आंध्र प्रदेश के अधिकांश जिलों में भीषण भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी।'
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भविष्यवाणी की है कि आज चक्रवात 'मोन्था' एक 'गंभीर' चक्रवात में बदलने की संभावना है। यह मंगलवार शाम तक आंध्र प्रदेश के तटीय तटों से टकराएगा। इस दौरान तटीय इलाकों में तेज हवाएं भी चल रही हैं।
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