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Data Protection Bill 2021: 'डेटा संरक्षण विधेयक 2021' को सरकार ने लिया वापस, जानें किसने की सराहना?

 Edited By: Shashi Rai @km_shashi
 Published : Aug 04, 2022 02:09 pm IST,  Updated : Aug 04, 2022 02:23 pm IST

Data Protection Bill 2021: सरकार ने बुधवार को इस विधेयक को लोकसभा से वापस ले लिया और कहा कि वह 'नए कानून' लेकर आएगी जो व्यापक कानूनी ढांचे के अनुरूप होंगे। गूगल, मेटा और अमेजन जैसी कंपनियों के अमेरिका स्थित संगठन आईटीआई ने भारत सरकार के विधेयक को वापस लेने के कदम की सराहना की।

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Representative image Image Source : INDIA TV

Highlights

  • 'डेटा संरक्षण विधेयक 2021' को सरकार ने लिया वापस
  • गूगल, मेटा और अमेजन जैसी कंपनियों ने की सराहना
  • उद्योग संगठनों ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा था पत्र

Data Protection Bill 2021: सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग ने 'डेटा संरक्षण विधेयक, 2021' को वापस लेने के सरकार के कदम की सराहना की है और नए मसौदे पर सलाह-मशविरे की प्रक्रिया में भागीदारी करने की इच्छा जताई है। निजी डेटा संरक्षण विधेयक पर संयुक्त समिति ने संसद में जो डेटा संरक्षण विधेयक पेश किया था, उसकी उद्योग ने आलोचना की थी। इस विधेयक को 11 दिसंबर, 2019 को सदन में पेश किया गया था। इसके बाद इसे दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेज दिया गया था। समिति की रिपोर्ट 16 दिसंबर, 2021 को लोकसभा में पेश की गई थी। इसमें कुछ बिंदू उस मसौदा विधेयक से भिन्न थे जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने तैयार किया था। 

नए कानून लेकर आने का वादा

सरकार ने बुधवार को इस विधेयक को लोकसभा से वापस ले लिया और कहा कि वह 'नए कानून' लेकर आएगी जो व्यापक कानूनी ढांचे के अनुरूप होंगे। गूगल, मेटा और अमेजन जैसी कंपनियों के अमेरिका स्थित संगठन आईटीआई ने भारत सरकार के विधेयक को वापस लेने के कदम की सराहना की। आईटीआई के कंट्री मैनेजर (भारत) कुमार दीप ने कहा, ''हमें विश्वास है कि जब रूपरेखा पर परामर्श शुरू होगा तो सरकार सभी विचारों पर गौर करेगी। हम इसमें शामिल होने के लिए उत्सुक हैं।''

आईटीआई ने भी किया था विरोध 

आईटीआई उन वैश्विक उद्योग संगठनों में से एक है जिसने विधेयक के संयुक्त समिति वाले संस्करण का विरोध किया था। करीब एक दर्जन उद्योग संगठनों ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर कहा था कि प्रस्तावित विधेयक को लागू करने का भारत के कारोबारी माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और विदेशी निवेश भी कम हो जाएगा।

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