Wednesday, May 22, 2024
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Lakhimpur Kheri Violence Case: आशीष की जमानत को चुनौती वाली याचिका पर आज को होगी सुनवाई

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की विशेष पीठ ने 30 मार्च को उत्तर प्रदेश सरकार को आशीष की जमानत रद्द करने के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच की निगरानी कर रहे एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की दो रिपोर्ट पर चार अप्रैल तक जवाब देने का निर्देश दिया था।

Written by: IndiaTV Hindi Desk
Published on: April 04, 2022 8:20 IST
Ashish Mishra, son of junior minister Ajay Mishra and one of the accused in the Lakhimpur Kheri viol- India TV Hindi
Image Source : ANI FILE PHOTO Ashish Mishra, son of junior minister Ajay Mishra and one of the accused in the Lakhimpur Kheri violence

Highlights

  • आरोपी आशीष मिश्र की जमानत को चुनौती वाली याचिका पर सुनवाई आज
  • हिंसा में चार किसानों समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा को जमानत दिये जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा। हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की विशेष पीठ ने 30 मार्च को उत्तर प्रदेश सरकार को आशीष की जमानत रद्द करने के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच की निगरानी कर रहे एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की दो रिपोर्ट पर चार अप्रैल तक जवाब देने का निर्देश दिया था।

शीर्ष अदालत ने कहा कि निगरानी न्यायाधीश ने मामले में आशीष मिश्रा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत को रद्द करने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा था। पीठ ने कहा था, ‘‘एसआईटी ने उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को निगरानी न्यायाधीश के दो पत्र भेजे हैं जिन्होंने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करने के लिए राज्य को लिखा था।’’

राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने तब पीठ को सूचित किया था कि अतिरिक्त सचिव (गृह) ने कहा है कि उन्हें पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। पीठ ने तब जेठमलानी को एसआईटी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर गौर करने और चार अप्रैल तक जवाब देने को कहा था। इससे पहले, राज्य सरकार ने कहा था कि जमानत देने को चुनौती देने का निर्णय संबंधित अधिकारियों द्वारा विचाराधीन है।

शीर्ष अदालत ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश कुमार जैन को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में उत्तर प्रदेश की एसआईटी की जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया था। पिछले साल तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हिंसा के दौरान आठ लोग मारे गए थे, जब किसान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इलाके के दौरे का विरोध कर रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार, चार किसानों को एक एसयूवी ने कुचल दिया, जिसमें आशीष मिश्रा बैठा था। घटना के बाद गुस्साए किसानों ने चालक और भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी।

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