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'नस्लीय भेदभाव या हिंसा के नहीं कोई सबूत', त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मौत पर बोली देहरादून पुलिस

 Reported By: Shoaib Raza Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Dec 30, 2025 07:22 am IST,  Updated : Dec 30, 2025 07:32 am IST

देहरादून पुलिस ने कहा कि इस घटना को नस्लीय भेदभाव से जोड़ा जा रहा है। सोशल मीडिया में इसको लेकर ट्रेंड चलाया जा रहा है। पुलिस की जांच में अब तक की जांच में नस्लीय भेदभाव या हिंसा का कोई सबूत सामने नहीं आए हैं।

देहरादून में त्रिपुरा के रहने वाले एंजेल चकमा की मौत- India TV Hindi
देहरादून में त्रिपुरा के रहने वाले एंजेल चकमा की मौत Image Source : PTI

देहरादून के सेलाकुई इलाके में युवाओं के दो गुटों के बीच हुई हाथापाई के बाद, इस घटना में घायल त्रिपुरा के रहने वाले एंजेल चकमा की शुक्रवार (26 दिसंबर) को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में एक FIR दर्ज की गई। छह आरोपियों में से पांच को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें से कानून का उल्लंघन करने वाले दो नाबालिगों को बाद में सुरक्षा हिरासत में रखा गया। इस मामले की जांच करते हुए देहरादून पुलिस ने कहा कि प्रथम दृष्टया में नस्लीय हिंसा के कोई सबूत नहीं है।

नेपाल का एक आरोपी अभी भी फरार

देहरादून पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान एक और आरोपी, जो कि नेपाल का रहने वाला है। उसका भी नाम सामने आया है। घटना के बाद से वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिशें कर रही हैं।

नस्लीय दुर्व्यवहार या हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं- पुलिस

पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट देखे हैं, जो इस घटना को नस्लीय भेदभाव से जोड़ रहे हैं। हालांकि, अब तक की जांच में नस्लीय भेदभाव या हिंसा का कोई सबूत सामने नहीं आया है। घटना के दिन (9 दिसंबर 2025) से लेकर 26 दिसंबर तक, पुलिस या मीडिया से बातचीत में किसी ने भी नस्लीय दुर्व्यवहार या हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं की।

हंसी-मजाक में कुछ टिप्पणियां लगीं आपत्तिजनक 

इसके अलावा, मामले में दर्ज FIR में भी ऐसा कोई आरोप नहीं है। सामने आए तथ्यों के अनुसार, 9 दिसंबर, 2025 को मणिपुर के रहने वाले सूरज खवास के बेटे की बर्थडे पार्टी में दोस्तों के बीच हंसी-मजाक हुआ। पीड़ित के ग्रुप को कुछ टिप्पणियां आपत्तिजनक लगीं, जिससे विवाद शुरू हो गया। इसके बाद हुई हाथापाई में मृतक एंजेल चकमा और उसके भाई माइकल चकमा घायल हो गए। बाद में एंजेल की इलाज के दौरान चोटों के कारण मौत हो गई।

खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज

जांच में पता चला है कि एक आरोपी, जिसका नाम सूरज खवास है। वह मणिपुर का है। दूसरे आरोपी का नाम यक्षराज है, जो कि नेपाल का है। एक नाबालिग बुक्सा अनुसूचित जनजाति का है और बाकी दो उत्तराखंड के हैं। स्थानीय निवासियों के विस्तृत बयान दर्ज किए गए हैं। साथ ही CCTV फुटेज सहित डिजिटल सबूत भी जुटाए गए हैं।

बिना किसी भेदभाव और पारदर्शी तरीके से हो रही जांच

अब तक किसी भी आरोपी द्वारा मृतक के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी या दुर्व्यवहार का कोई मामला सामने नहीं आया है। जांच जारी है और कोई भी नया सबूत मिलने पर उसे विधिवत दर्ज किया जाएगा।

इसके साथ ही देहरादून पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष, बिना किसी भेदभाव और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। सभी कानूनी कार्रवाई कानून के अनुसार सख्ती से की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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