Waqf Amendment Bill Live Update: मोदी सरकार 3.0 ने अपनी पहली परीक्षा डिस्टिंक्शन के साथ पास कर ली है। गुरुवार को राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पर दिन भर चर्चा हुई और देर रात यह बिल राज्यसभा में पास हो गया। बता दें कि लोकसभा में बुधवार रात बिल के पक्ष में 288 सांसदों ने वोट किया था वहीं बिल के विरोध में 232 वोट पड़े, और 14 घंटे से ज्यादा चली गरमा गरम बहस के बाद यह बिल वहां भी पास हो गया था। इस दौरान विपक्ष बिल को मुसलमानों के खिलाफ साबित करने में लगा रहा। विपक्ष के सांसदों ने चर्चा के दौरान बिल के खिलाफ 100 से ज्यादा संशोधन प्रस्ताव दिए। लेकिन वोटिंग के दौरान विपक्ष के सभी संशोधन गिर गए।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 राज्यसभा में गुरुवार को दिन भर चली चर्चा के बाद देर रात पास हो गया। बता दें कि इससे पहले यह बिल लोकसभा में भी पास हो गया था।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर दिन भर चली चर्चा के बाद वोटिंग शुरू हो गई। विपक्ष के संशोधन प्रस्तावों पर वोटिंग में एक के बाद एक प्रस्ताव गिरते चले गए। इस दौरान RJD के मनोज झा, कांग्रेस के नासिर हुसैन और NCP की फौजिया खान के संशोधन प्रस्ताव सदन में ध्वनिमत से गिर गए।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'सरकार ने सभी सवालों के जवाब दिए। JPC ने कई सुझावों को स्वीकार किया। वक्फ बिल पर सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है।'
राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'मुस्लिम देशों में वक्फ बोर्ड है ही नहीं। सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध हो रहा है। मोदी सरकार ने मुसलमानों को प्रतिनिधित्व दिया है। हम गरीब मुसलमानों के लिए बिल लेकर आए हैं। वक्फ बिल पर सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है।'
वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, 'वक्फ बिल पर बहुत लोगों को शिकायत है। तमाम पार्टियों को शिकायत है और जो लोग जबरदस्ती इसको सपोर्ट कर रहे हैं, जैसे नीतीश कुमार की पार्टी के लोग, तो वो अंदर बहुत नाराजगी है और इसकी वजह से लोग(JD(U) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कासिम अंसारी) इस्तीफा दे रहे हैं। इसका भारी नुकसान बिहार में लोगों को होने वाला है।'
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वक्फ विधेयक को मुसलमानों के खिलाफ बताते हुए गुरुवार को आरोप लगाया कि यह (विधेयक) अल्पसंख्यकों को तबाह करने के लिए लाया गया है। खरगे ने कहा कि देश में ऐसा माहौल बना है कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों को तंग करने के लिए लाया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने उच्च सदन में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि लोकसभा में इस विधेयक के पक्ष में 288 मत आए जबकि विपक्ष में 238 मत। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि इसमें खामियां और कमियां हैं तथा सरकार को इस पर गौर करना चाहिए।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वक्फ संशोधन विधेयक पर दिए गए बयान पर भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा, 'ममता बनर्जी की सरकार आगामी चुनावों में राज्य से जा रही है। उन्हें पहले इस पर ध्यान देना चाहिए, वे अपनी सरकार बचा लें। यह बिल पारित हो गया है। गरीब मुसलमान खुश हैं। गोरखपुर में जश्न के तौर पर मिठाइयां बांटी गई हैं।'
वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, 'वे अनावश्यक रूप से विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वे आम तौर पर लोगों का ध्यान भटकाने के लिए मुद्दा बनाते रहते हैं। वे हितधारकों को विश्वास में नहीं लेते हैं और उनको विश्वास में लिए बगैर वो फैसले लेते हैं। उन्होंने तीन कृषि कानून भी पारित किए और फिर उन्हें निरस्त करना पड़ा।'
वक्फ बिल संशोधन विधेयक पर जम्मू-कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम ने कहा, 'यह बिल मुसलमानों के खिलाफ है। जो कानून पहले से मौजूद है, उसमें संशोधन किया गया है। यह बिल मुसलमानों के साथ विश्वासघात है और इस विश्वासघात की वजह से उनमें अराजकता है। हमने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। मुसलमानों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि 232 सदस्य इसके खिलाफ थे। यह एक बड़ी संख्या है और उनकी बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। हम जल्द ही सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, लेकिन पहले हम आपस में तय करेंगे कि हम आगे कैसे बढ़ेंगे। हम इसे बड़े पैमाने पर करेंगे।'
वक्फ बिल का विरोध करते हुए राज्यसभा में सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा, 'मुसलमानों को बीजेपी की नीयत पर भरोसा नहीं है। वक्फ बिल मुसलमानों के हित में नहीं है। यह मुसलमानों को परेशान करने के लिए है।'
वक्फ संशोधन विधेयक पर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने मुंबई में कहा, 'यह हमारे देश के मुसलमानों के लिए एक और काला दिन है। हमने देखा है कि जब से वे(भाजपा) सत्ता में आए हैं, उन्होंने केवल नफरत फैलाई है और यह कल उनके द्वारा दिखाए गए उदाहरणों में से एक है। यह पूरी तरह से एक असंवैधानिक विधेयक है। यह मुसलमानों पर सीधा हमला है और वे केवल हमारी वक्फ संपत्तियों को हड़पना चाहते हैं। हम अपने संविधान के अनुसार इस विधेयक के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे। हम सभी कानूनी रास्ते अपनाएंगे।'
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक की प्रति फाड़े जाने पर उन्होंने कहा, 'उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण दिया कि जब वे व्यथित थे तो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एक कानून को फाड़ दिया था। उनकी अंतरात्मा ने भी कहा कि यह विधेयक असंवैधानिक है। भाजपा देश को बांटने की कोशिश कर रही है। यह हमारे समुदाय पर सीधा हमला है।'
जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा, 'वक्फ (संशोधन) विधेयक-2025 का मूल उद्देश्य रिफॉर्म्स लाकर वक्फ की प्रॉपर्टी का उचित मैनेजमेंट करना है। इस सदन के माध्यम से देश की जनता को बताना चाहता हूं कि पीएम श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चलने वाली सरकार पूरी तरह से डेमोक्रेटिक नॉर्म्स को फॉलो करके आगे बढ़ रही है।'
राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर जारी चर्चा में बोलते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, 'वक्फ बिल पर विरोधी गलत नैरेटिव बना रहे हैं। बिल पर सभी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।'
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने पर भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने कोलकाता में कहा, 'यह संविधान की जीत है। भाजपा ने हमेशा मुसलमानों को अपना भाई माना है जबकि अन्य पार्टियां विशेषकर ये तृणमूल की सरकार मुसलमानों को सिर्फ अपना वोट बैंक मानती हैं ये बिल सबके हक में होगा।'
राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोज झा ने राज्यसभा में बोलते हुए वक्फ संशोधन विधेयक को असंवैधानिक बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ समुदायों को हाशिए पर धकेला जा रहा है।
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने पर दिल्ली हज कमेटी की अध्यक्ष कौसर जहां ने कहा, 'यह एक ऐतिहासिक दिन है। वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और आज यह राज्यसभा में भी पारित हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह मील का पत्थर साबित हुआ है। वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन और सदुपयोग किया जाएगा। यह कौम की बेहतरी के लिए एक अच्छा कदम है।'
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने भाजपा राज्य कार्यालय में लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने का जश्न मनाया।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में DMK सांसद संसद में काले कपड़े पहनकर आए। उन्होंने कहा, "... यह लोकसभा द्वारा पारित एक कठोर कानून है।"
वक्फ संशोधन बिल पर राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा, आप सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करते हैं, फिर आप पर हम ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाते हैं। यह विधेयक पूरी तरह से झूठ पर आधारित है। पिछले 6 महीने में गलत सूचना अभियान चलाया गया है। भाजपा की फर्जी फैक्ट्री गलत सूचना फैलाने में लगी हुई है।
राज्यसभा में किरेन रिजिजू ने कहा कि दुनिया की सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति भारत में है और भारत में सबसे ज्यादा जमीन भी वक्फ बोर्ड के पास है। रेलवे और रक्षा क्षेत्र की संपत्ति देश की संपत्ति है और ये सभी देशवासी की सुविधा और रक्षा के लिए इस्तेमाल होती है। संशोधन के बाद वक्फ संपत्ति की पूरी ट्रैकिंग होगी। इससे गरीब मुसलमानों का भला होगा। रिजिजू ने कहा कि जो संपत्ति वक्फ के पास पंजीकृत है तो उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं होगी, लेकिन जो मामला विवादित है, उसमें अदालत फैसला करेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जमीन, राज्य सरकार का मामला है और केंद्र का उसमें कोई दखल नहीं होगा।
रिजिजू ने कहा, 2013 में तत्कालीन सरकार ने दिल्ली के प्रीमियम इलाके में स्थित 123 संपत्तियों को डी-नोटिफाई करके दिल्ली वक्फ बोर्ड को सौंप दिया। जबकि इनका कोर्ट में केस चल रहा था। ये संपत्तियां शहरी विकास मंत्रालय के अधीन थीं। इनमें सीजीओ कॉम्पलेक्स समेत कई अहम संपत्ति शामिल हैं। हमने संशोधन किया है कि पांच साल इस्लाम का पालन करने वाला व्यक्ति ही संपत्ति को वक्फ घोषित कर सकता है। साथ ही वक्फ बोर्ड में मुस्लिमों के सभी वर्गों जैसे शिया सुन्नी वर्ग के लोग शामिल होंगे। हमने वक्फ बोर्ड को समावेशी बनाने की कोशिश की है। सेंट्रल वक्फ काउंसिल के 22 सदस्यों में से तीन सांसद, 10 सदस्य मुस्लिम वर्ग के हो सकते हैं। मुस्लिमों में भी दो सदस्य महिलाएं होनी जरूरी हैं। वक्फ काउंसिल में चार से ज्यादा गैर मुस्लिम सदस्य नहीं होंगे। साथ ही दो पूर्व जज, सचिव स्तर के अधिकारी, चार नामी हस्तियां हो सकती हैं।
रिजिजू ने कहा कि देश की आजादी के बाद 1954 में वक्फ को लेकर राज्यों में बोर्ड का गठन हुआ। 1995 में इसे लेकर विस्तृत कानून आया। वक्फ को लेकर स्पष्ट कानून आए। साल 2013 में यूपीए सरकार ने चुनाव के वक्त वक्फ कानून में कुछ बदलाव किए। उस वक्त भी जेपीसी गठन हुआ, जिसमें 13 सदस्य थे। इस बार 31 सदस्य थे। उस बार जेपीसी की बैठक 22 हुईं और इस बार 36 बैठकें। उस समय 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से चर्चा हुई और इस बार 25 राज्यों के साथ ही कई अन्य संगठनों और सांसदों से चर्चा की गई। साथ ही लाखों की संख्या में सुझाव मिले। पहले समिति ने सिर्फ जम्मू, श्रीनगर और लेह का ही दौरा किया, लेकिन इस बार 10 शहरों में समिति के सदस्यों ने दौरा किया।
किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि संयुक्त संसदीय समिति ने 10 शहरों में जाकर विधेयक को लेकर लोगों की राय जानी और 284 संगठनों से बातचीत की गई। उन्होंने कहा, वक्फ प्रॉपर्टी को लेकर बहुत ज्यादा केस पेंडिंग हैं। इस पर लगातार हो रहे विवाद के चलते बिल जरूरी है। जो कांग्रेस नहीं कर पाई उसे मोदी सरकार कर रही है।
किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी पक्षों से बातचीत के बाद बिल को तैयार किया गया। 284 संगठन के लोगों से बात की गई। JPC को 1 करोड़ से ज्यादा सुझाव मिले। इससे पहले किसी बिल पर इतनी लंबी चर्चा नहीं हुई।
कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन पार्टी की तरफ से बहस की शुरुआत करेंगे। सैयद नासिर हुसैन कांग्रेस संसदीय समिति के राज्यसभा में पार्टी व्हिप भी हैं। सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करेंगे।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल 2025 पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से बातचीत के बाद बिल तैयार किया गया।
अब से आधे घंटे बाद यानि दोपहर 1 बजे राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू राज्यसभा में बिल को पेश करेंगे। इससे पहले आधी रात को 12 घंटे की चर्चा के बाद लोकसभा से बिल पास हो गया जहां विपक्ष बिल का विरोध कर रहा है तो वहीं लोकसभा में बिल पास होने की खुशी में मुंबई में मुस्लिम समाज के लोगों ने जश्न मनाया। सड़कों पर आतिशबाजी की।
संसद में वक्फ बिल का समर्थन करने पर नीतीश की पार्टी में ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। जेडीयू महासचिव मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने अपनी पार्टी के स्टैंड पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस बिल पर सेक्युलर और कम्यूनल सब बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में वो जल्द बैठक कर रणनीति बनाएंगे।
अनुराग ठाकुर के आरोप पर राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- मुझ पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए गए। मेरी भावनाओं को आहत किया गया। बता दें कि अनुराग ठाकुर ने कर्नाटक जमीन घोटाले में खरगे का नाम लिया था।
NDA जो वक्फ संशोधन बिल का सपोर्ट कर रही है, उसके सांसदों की संख्या 119 है और 6 मनोनीत सदस्य हैं जो सरकार का साथ ही देते हैं। ऐसे में बिल के समर्थन में 125 सांसद हैं। तो वहीं, बिल का विरोध करने वाली इंडिया ब्लॉक के सांसदों की संख्या 88 है और YSR कांग्रेस ने बिल का विरोध करने का ऐलान कर दिया है ऐसे में बिल का विरोध करने वालों का आंकड़ा बढ़कर 95 हो जा रहा है। जबकि 16 सांसद ऐसे हैं जिनपर संस्पेंस है कि वो बिल का समर्थन करेंगे या विरोध। लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि ये बिल मुस्लिमों के खिलाफ नहीं है, बल्कि इससे मुस्लिमों को फायदा ही होगा।
आज राज्यसभा में दोपहर 1 बजे वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा। इस पर राज्यसभा में बहस होगी, उसके बाद वोटिंग की प्रक्रिया होगी। अगर राज्यसभा का नंबर गेम देखें तो आंकड़ा यहां भी सरकार के फेवर में है। राज्यसभा में मौजूदा सांसदों की संख्या 236 है और बिल को पास कराने के लिए 119 सांसदों की जरुरत पड़ेगी।
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, देश की संसद रात 2 बजे तक चलाई जा रही थी और रात 1:30 बजे अमेरिका ने टैरिफ लगा दिया। देश और खासकर भाजपा के मतदाताओं को यह समझना चाहिए कि टैरिफ के मुद्दे से लोगों को भटकाने के लिए यह वक्फ विधेयक पहले से ही योजनाबद्ध मुद्दा था ताकि अमेरिका 26% टैरिफ लगा सके।
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर भारतीय सूफी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कशिश वारसी ने कहा, "मैं संसद में इस विधेयक के पारित होने पर सरकार को बधाई देता हूं। कल लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री के भाषण से सब कुछ स्पष्ट हो गया। मैं देश के मुसलमानों से अपील करता हूं कि वे इस विधेयक को पढ़ें... यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित हो जाएगा।"
नफरत की नींव पर यह बिल पास किया गया है। यह बिल कहीं न कहीं अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने के लिए और उनके मनोबल को तोड़ने के लिए लाया गया है। ऐसा लगता है कि एक बदले की भावना के साथ यह बिल लाया गया- कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत
यह संविधान की सुरक्षा की जीत है। वक्फ जो मन चाहे अब उस पर दावा नहीं कर पाएगा। सामाजिक न्याय की जीत हुई है। गरीब मुसलमानों, महिलाओं, अनाथ बच्चों आदि को भी वक्फ की संपत्ति से लाभ मिलेगा। यह सुशासन की भी जीत है। अब यह बिल राज्यसभा में जाएगा और जब यह कानून बन जाएगा तो सभी बुराइयां जो वक्फ प्रणाली में थीं वह खत्म हो जाएंगी। यह बिल गरीब मुसलमानों के अधिकारों को सुनिश्चित करेगा और संवैधानिक व्यवस्था को कायम रखेगा- बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला
राज्यसभा में दोपहर 1 बजे वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। राज्यसभा में सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों की बैठक हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वे बिल को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति बना रहे हैं।
सरकार को भरोसा है कि वो राज्यसभा में भी बिल को पास करवा लेगी। बीजेपी ने आज अपने तेजतर्रार सांसदों को चर्चा के लिए उतारा है। बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, बृजलाल, मेघा कुलकर्णी, शमिक भट्टाचार्य, राधामोहन दास अग्रवाल और गुलाम अली बीजेपी के तरफ से बिल के पक्ष में अपने तर्क रखेंगे।
यह वक्फ संशोधन विधेयक संविधान के मूल सिद्धांत के खिलाफ है। यह संभवतः मुस्लिम समुदाय के हितों को कमजोर करता है, और यह धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है। यह मुस्लिम समुदाय के साथ बहुत बड़ा अन्याय है और हम अंत तक उनके लिए लड़ेंगे- MDMK सांसद दुरई वाइको
वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पास हो गया है अब इसे आज यानी 3 अप्रैल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा में इस बिल के पास होने के दौरान लंबी चर्चा हुई। लोकसभा में पास होने के बाद आज राज्यसभा में इसे पेश किया जाएगा।
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