1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. भगवान जगन्नाथ के रथ का पहिया संसद में किया जाएगा स्थापित, लोकसभा अध्यक्ष ने रखा प्रस्ताव

भगवान जगन्नाथ के रथ का पहिया संसद में किया जाएगा स्थापित, लोकसभा अध्यक्ष ने रखा प्रस्ताव

 Edited By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Aug 30, 2025 06:21 pm IST,  Updated : Aug 30, 2025 06:21 pm IST

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा में इस्तेमाल किए गए रथ के तीनों पहियों को संसद में स्थापित किया जाएगा। एजेटीए के प्रस्ताव पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सहमति व्यक्त की है।

wheel of Lord Jagannaths chariot will be installed in Parliament Lok Sabha Speaker proposed- India TV Hindi
भगवान जगन्नाथ के रथ का पहिया संसद में किया जाएगा स्थापित Image Source : PTI

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पुरी रथ यात्रा के दौरान इस्तेमाल किए गए रथों के तीन पहिये संसद परिसर में स्थापित करने के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। एसजेटीए ने एक बयान में कहा, ‘‘पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के दौरे के दौरान प्रशासन ने संसद परिसर में रथों के तीन पहिये स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। बिरला ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।’’ 

संसद परिसर में स्थापित किया जाएगा रथ का पहिया

एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘माननीय लोकसभा अध्यक्ष ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ आज श्री जगन्नाथ मंदिर में महाप्रभु का आशीर्वाद लिया। हम माननीय अध्यक्ष के प्रति अत्यंत आभारी हैं कि उन्होंने रथ यात्रा के दौरान इस्तेमाल किए गए तीन रथों में से प्रत्येक रथ का एक पहिया संसद परिसर में एक प्रमुख स्थान पर स्थापित करने के हमारे प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की।’’ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पुरी से सांसद संबित पात्रा के साथ पहुंचे बिरला का शुक्रवार को लायन्स गेट पर एसजेटीए के मुख्य प्रशासक ने स्वागत किया। 

क्या बोले अरबिंद पाधी

पाधी ने कहा कि नंदीघोष (भगवान जगन्नाथ), दर्पदलन (देवी सुभद्रा) और भगवान बलभद्र (तालध्वज) के रथों के पहिए दिल्ली ले जाकर ओडिशा की कालातीत संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत के स्थायी प्रतीक के रूप में स्थापित किए जाएंगे। वार्षिक रथ यात्रा के बाद, देवताओं के तीनों रथों को हर साल खंडित कर दिया जाता है। नंदीघोष रथ के मुख्य बढ़ई बिजय महापात्र के अनुसार, कुछ प्रमुख भागों को छोड़कर, हर साल रथों के निर्माण में नयी लकड़ी का उपयोग किया जाता है। खंडित रथ के हिस्सों को गोदाम में रखा जाता है, और उनमें से कुछ नीलाम कर दिए जाते हैं, जिनमें पहिये भी शामिल हैं।

(इनपुट-भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत