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कांग्रेस और BJP के अध्यक्ष पद के चुनाव में क्या है अंतर, जानिए कैसे दोनो पार्टियों में चुना जाता है प्रेसिडेंट?

 Written By: Manoj Kumar @kumarman145
 Published : Aug 25, 2020 01:48 pm IST,  Updated : Aug 25, 2020 01:48 pm IST

भारतीय जनता पार्टी में जहां अध्यक्ष का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है वहीं कांग्रेस पार्टी के अंदर अध्यक्ष 5 वर्ष के लिए चुना जाता है।

Process of Congress and BJP President Elections- India TV Hindi
Process of Congress and BJP President Elections Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली। सोमवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) ने सोनिया गांधी को अगले पार्टी चुनाव तक अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए कहा और उनके उस प्रस्ताव को भी नामंजूर कर दिया जिसमें उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़ने की बात कही थी। सोनिया गांधी अब अगले 6 महीने तक यानि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के चुनाव तक अध्यक्ष बनी रहेंगी और उसके बाद नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। हालांकि आज तक कांग्रेस पार्टी में कभी भी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं हुआ है, अधिकतर सर्वसम्मति से ही अध्यक्ष का चयन हुआ है और ज्यादातर गांधी परिवार के लोग या उनके करीबी ही अध्यक्ष पद पर बैठे हैं।

अभी जेपी नड्डा हैं भाजपा अध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो इसी साल की शुरुआत में जेपी नड्डा अध्यक्ष बने हैं। अमित शाह के लगातार 2 कार्यकाल के बाद भाजपा में जेपी नड्डा को अध्यक्ष बनाया गया है। भारतीय जनता पार्टी में भी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं हुआ है बल्कि जेपी नड्डा की नियुक्ति की गई है। आखिर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के अंदर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया क्या है?

कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया

सबसे पहले कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया को समझते हैं। कांग्रेस पार्टी के संविधान के अनुसार अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सबसे पहले एक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त होता है और उसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक बन सकते हैं। कांग्रेस पार्टी के अंदर ऐसा कोई भी सदस्य खुद को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बना सकते है जिसके पास प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 10 सदस्यों का समर्थन हो। जो भी लोग प्रत्याशी बनते हैं उनके नामों को रिटर्निंग अधिकारी के पास रखा जाता है और चुनाव के लिए एक तारीख निर्धारित होती है। लेकिन इस बीच 7 दिन का समय भी दिया जाता है ताकि अगर कोई प्रत्याशी चाहे तो अपना नाम वापस भी ले सकता है। संविधान के मुताबिक एक से ज्यादा प्रत्याशी होने पर चुनाव होता है और अगर एक ही प्रत्याशी हो तो उसे अध्यक्ष मान लिया जाता है।

कांग्रेस में आज तक नहीं आई है चुनाव की नौबत

लेकिन आज तक कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद के चुनाव की नौबत नहीं आई है और एक ही व्यक्ति का नाम आखिर में बचा है। सोनिया गांधी जब पहली बार अध्यक्ष बनीं थी तो उनके खिलाफ कांग्रेस नेता जीतेंद्र प्रसाद ने चुनाव लड़ने का मन बनाया था लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के सदस्यों से उन्हें समर्थन नहीं मिल पाया था।

भाजपा अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया

बात अगर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के चुनाव की हो तो पार्टी संविधान के अनुसार वही व्यक्ति अध्यक्ष बन सकता है जो कम से कम 15 वर्षों तक पार्टी का सदस्य हो। भारतीय जनता पार्टी में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषद के सदस्यों की अध्यक्ष पद के चुनाव में अहम जिम्मेदारी होती है, राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषद के सदस्यों को मिलाकर निर्वाचक मंडल बनता है जो भारतीय जनता पार्टी के लिए अध्यक्ष पद का चुनाव करता है। भाजपा संविधान के अनुसार निर्वाचक मंडल के कम से कम 20 सदस्य चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति का संयुक्त रूप से प्रस्ताव कर सकते हैं और यह प्रस्ताव कम से कम 5 ऐसे प्रदेशों से आना जरूरी है जहां पर राष्ट्रीय परिषद के चुनाव पूरे हो चुके हों।

22 सालों से कांग्रेस में राहुल और सोनिया ही रहे अध्यक्ष

कांग्रेस पार्टी में सोनिया गांधी पहली 1998 में अध्यक्ष बनीं थी और तब से लेकर अबतक दिसंबर 2017 से अगस्त 2019 के बीच का समय छोड़ दें तो सोनिया गांधी ही कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष रही हैं, दिसंबर 2017 से अगस्त 2019 के दौरान राहुल गांधी अध्यक्ष बने थे लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़ दिया था।

22 वर्षों में भाजपा में आए 9 अध्यक्ष

वहीं दूसरी तरफ अगर भारतीय जनता पार्टी को देखें तो 1998 से लेकर अबतक 9 अध्यक्ष बन चुके हैं। 1998 में कुशाभाऊ ठाकरे भाजपा के अध्यक्ष थे, उनके बाद बंगारू लक्ष्मण, फिर के जन कृष्णमूर्त, फिर वैंकेया नायडू, फिर लालकृष्ण आडवाणी, फिर राजनाथ सिंह, फिर नितिन गडकरी, फिर अमित शाह और अब जेपी नड्डा अध्यक्ष हैं।

भाजपा और कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल

भारतीय जनता पार्टी में जहां अध्यक्ष का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है वहीं कांग्रेस पार्टी के अंदर अध्यक्ष 5 वर्ष के लिए चुना जाता है।

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