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पुलिस ने लॉन्च किया 'किरायेदार' पोर्टल, मकान मालिकों पर हुई थी FIR, जानें क्या है मकसद

 Published : Dec 20, 2025 07:06 pm IST,  Updated : Dec 20, 2025 07:06 pm IST

पुलिस ने 'किरायेदार' नामक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य किरायेदारों की रिपोर्टिंग और जांच को सरल बनाना है। इस पोर्टल के जरिए मकान मालिकों के लिए नियमों का पालन करना आसान होगा और सुरक्षा मजबूत होगी।

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कई मकान मालिकों पर आदेशों की अवहेलना के लिए FIR भी हुई थी। Image Source : PEXELS REPRESENTATIONAL

जम्मू: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को एक ऑनलाइन पोर्टल 'किरायेदार' शुरू किया है जिसका मकसद किरायेदारों की रिपोर्टिंग और जांच में आ रही दिक्कतों को दूर करना है। बता दें कि हाल ही में नियमों का पालन नहीं करने वाले कई मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, जिसमें FIR भी दर्ज की गईं, लेकिन फिर भी कुछ कमियां रह गई थीं। यह वेब पोर्टल मकान मालिकों के लिए नियमों का पालन करना आसान बनाएगा और किरायेदारों की जांच को तेज करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल के जरिए सुरक्षा मजबूत होगी और राष्ट्रविरोधी तत्वों पर नकेल कसी जा सकेगी।

'किरायेदारों की रिपोर्टिंग और जांच में काफी बढ़ोतरी होगी'

जम्मू के SSP जोगिंदर सिंह ने जम्मू में आम लोगों के लिए 'किरायेदार' पोर्टल लॉन्च किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे किरायेदारों की रिपोर्टिंग और जांच में काफी बढ़ोतरी होगी। SSP ने कहा कि इससे आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी और जम्मू के नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिलेगा। उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर में पहले राष्ट्र-विरोधी तत्वों ने असामाजिक गतिविधियां की हैं। नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना और आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि केंद्र शासित प्रदेश के हर कोने में शांति और समृद्धि फैल सके।'

'सर्दियों में दूसरे इलाकों से लोग बड़ी संख्या में आते हैं'

SSP सिंह ने बताया कि जम्मू सर्दियों की राजधानी है, इसलिए सर्दियों में यहां दूसरे इलाकों से लोग बड़ी संख्या में आते हैं। उन्होंने कहा, 'इनमें से ज्यादातर किराए के मकान में रहते हैं। इसके अलावा, जम्मू और आसपास के इलाकों में कई बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनकी वजह से मजदूर, ठेकेदार और तकनीकी कर्मचारी भी किराए के घरों में रह रहे हैं।' SSP ने चेतावनी दी कि राष्ट्र-विरोधी तत्व इस बड़ी संख्या में आने वाले लोगों का फायदा उठाकर झूठी पहचान के साथ किराए का मकान ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि किरायेदारों की रिपोर्टिंग और जांच को अनिवार्य किया गया है।

'कई लोग पुलिस स्टेशन आने से हिचकिचाते हैं'

SSP ने कहा, 'उपायुक्त ने भी इसके आदेश जारी किए हैं। लेकिन देखा गया है कि कई मकान मालिक बुजुर्ग हैं, बाहर रहते हैं या नौकरी और व्यस्तता की वजह से पुलिस स्टेशन नहीं जा पाते। कई लोग पुलिस स्टेशन आने से भी हिचकिचाते हैं। इन वजहों से रिपोर्टिंग की प्रक्रिया में बाधा आ रही थी। इसके चलते नियम तोड़ने वाले मकान मालिकों के खिलाफ 12 FIR दर्ज की गईं और पुलिस ने 10000 से ज्यादा किरायेदारों की जांच की। इन समस्याओं को दूर करने के लिए जम्मू पुलिस ने खुद आगे बढ़कर यह ऑनलाइन पोर्टल बनाया है।'

'ऐप कहीं से भी, कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है'

SSP ने बताया कि 'किरायेदार' पोर्टल को IIT जम्मू के 3 छात्रों और कठुआ के एक स्थानीय युवक की मदद से तैयार किया गया है। मार्गदर्शन सिटी वेस्ट जम्मू के एसडीपीओ ने किया।यह पोर्टल बहुत आसान है। इसे कहीं से भी, कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह मकान मालिकों और पुलिस के बीच एक अच्छा संपर्क का माध्यम बनेगा, जिससे आम लोगों को फायदा होगा।इस पहल से अब मकान मालिकों को पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

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