जम्मू: पड़ोसियों में ऐसा प्यार आपने शायद ही देखा होगा। दरअसल, जम्मू में जम्मू विकास प्राधिकरण यानी JDA ने अतिक्रमण विरोधी अभियान में एक पत्रकार के पिता का मकान तोड़ दिया था, जिससे वह दुखी था। जब ये परेशानी उसके हिंदू पड़ोसी से नहीं देखी गई तो उसने पत्रकार के परिवार को अपना घर फिर से बनाने के लिए तोहफे में जमीन देने की पेशकश कर दी। हालांकि, अब जम्मू शहर में ध्वस्तीकरण अभियान ने राजनीतिक विवाद भी पैदा कर दिया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने मौके पर जाकर जायजा लिया है और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की है। इसके अलावा, उमर अब्दुल्ला सरकार और अधिकारियों पर ‘‘चुनिंदा कार्रवाई’’ का आरोप लगाया है।
कितनी जमीन तोहफे में दे रहे कुलदीप?
बता दें कि कुलदीप कुमार और उनकी बेटी तान्या ने प्रभावित पत्रकार के परिवार को जम्मू के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में करीब 150 वर्ग गज जमीन देने की पेशकश की है। कुलदीप कुमार ने बताया, ‘‘मैं अपनी बेटी हाथ से प्रभावित परिवार को जमीन गिफ्ट में दे रहा हूं ताकि वह अपना घर दोबारा बना लें।’’ उन्होंने आगे कहा कि वह पत्रकार के घर के निर्माण में भी मदद करेंगे। प्रभावित परिवार को उपहार देने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसकी लोग तारीफ कर रहे हैं।
रविंदर रैना ने की सौहार्द की तारीफ
इस बीच, जम्मू-कश्मीर बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष रविंदर रैना ने इलाके का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘चुनिंदा’तरीके से ध्वस्तीकरण अभियान चला है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। रैना बोले, ‘‘यह देखकर मुझे दुख हुआ। हमारे पीएम गरीबों को घर देने में विश्वास करते हैं, उन्हें गिराने में नहीं। हम हरसंभव मदद की कोशिश करेंगे।’’ इस दौरान, उन्होंने कुलदीप कुमार के पड़ोसी पत्रकार को जमीने तोहफे में देने वाले कदम को जम्मू-कश्मीर के सौहार्द का प्रतीक बताया।
पत्रकार ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
वहीं, प्रभावित पत्रकार ने बताया कि तोड़ दिया गया मकान उनके पिता का था। उनका परिवार इस घर में बीते 40 साल से रह रहा था। उन्होंने सवाल किया कि कोई नोटिस क्यों नहीं दिया गया। यह चुनिंदा निशाना था।
(इनपुट- भाषा)
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