नई दिल्ली: मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में 20 दिसंबर को 39वें MAMCOS Day का आयोजन किया गया। इस मौके पर दुनिया भर में विभिन्न स्थानों पर काम कर रहे इस कॉलेज के पूर्व छात्र डॉक्टर एक बार फिर एकत्र हुए। इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा इस कार्यक्रम के चीफ गेस्ट थे। रजत शर्मा ने डॉक्टरों को संबोधित करते हुए उन्हें देश के 'साइलेंट हीरोज' बताया और अपने अनुभव साझा किए। बता दें कि हर साल 20 नवंबर को MAMCOS Day मनाया जाता है, जिसमें मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र डॉक्टर इस खास रीयूनियन में एक साथ वापस आते हैं।
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र देश और दुनिया में काम कर रहे हैं, जो जब साथ आते हैं तो एक अलग अनुभव साझा करते हैं। रजत शर्मा ने डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा, 'डियर डॉक्टर्स, मैं डॉक्टर हर्ष महाजन जी का शुक्रिया करना चाहता हूं, उन्होंने मुझे यहां डॉक्टर्स के बीच बुलाया है। हम मुसीबत में डॉक्टर को याद करते हैं, लेकिन यहां ने मुझे याद किया है। किसी डॉक्टर ने मुझसे पूछा कि 'आप की अदालत' को लगभग 35 साल हो गए हैं, अब तो आदत हो गई होगी, लेकिन मैं आज भी नया शो करता हूं तो मेरे पैर कांपते हैं, पसीना आता है। ये सोचता हूं आज लाइट गड़बड़ हो जाए, ये शो आज ना हो, कल शूट हो। आज भी उतना ही नर्वस होता हूं।'
रजत शर्मा ने 'आप की अदालत' के अपने पहले शो का जिक्र किया और कहा, 'पहला शो लालू जी का शूट किया। ना सेट रेडी था, ना कैमरा मैन आया था। किसी ना किसी तरीके से वो शूट किया। लालू जी ने बहुत अच्छे जवाब दिए, मगर आखिरी में डायरेक्टर ने बताया कि आपका ऑडियो रिकॉर्ड नहीं हुआ, मगर आखिरी में एडिटिंग में वो सही किया।' उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, 'अटल जी को लाना सबसे बड़ा चैलेंज था। वो बीजेपी के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार थे। उस सदी के सबसे बड़े वक्ता थे। उनकी जुबान पर सरस्वती थी। ऐसे-ऐसे ओरेटर से कुछ ना कुछ सीखने को भी मिलता है।'
अटल बिहारी वाजपेयी के बड़प्पन के बारे में बताते हुए रजत शर्मा ने कहा, 'ऐसे बड़े लोग असल में कितने बड़े होते हैं, इसका एग्जांपल मैं आपको देता हूं। अटल जी ने एक डिनर में मुझे मिले और कहा कि प्रधानमंत्री बनने का क्रम उसी दिन से शुरू हो गया था, जिस दिन हम अदालत में आए थे। उस दिन से जनता का नजरिया, उसका रुख भी बदला। मुझे जीतने के बाद आपसे मिलना चाहिए था। मैंने कहा, 13 दिन आप प्रधानमंत्री थे, कैसे मिलते, उन्होंने कहा, नहीं आपसे मिलना चाहिए था। मैं आपसे मित्रता करना चाहता हूं। मुझे ये सुनकर 3 दिन तक नींद नहीं आई।'
2014 के लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने शो का जिक्र करते हुए रजत शर्मा ने कहा, '2014 के इलेक्शन से पहले वो प्रोग्राम करना था। वो आए, रात को शूट करना था, मगर उनका गला खराब था, मुमकिन नहीं हो रहा था शूट करना। मेरी पत्नी जो कि प्रोग्राम डायरेक्टर भी हैं, उन्होंने कहा, मैं आपको काली मिर्च का पानी देती हूं। मगर उन्होंने कहा, इससे कुछ फायदा नहीं हो रहा है, तो मैंने उनसे गुजारिश की, एक बार आप उन लोगों से मिल लीजिए जो शो के लिए आए थे। मोदी जी गए तो लोग चीखने लगे, आई लव यू मोदी जी कहने लगे। फिर ऐसा सहयोग बना कि अगले 1-1.5 घंटे तक हमने शो शूट किया। मैंने पूछा कि आपकी आवाज ठीक कैसे हुई, तो उन्होंने कहा, कुछ भगवान की कृपा आप पर और कुछ मुझ पर भी है। ऐसे हम सोचते कुछ हैं और होता कुछ और है।'
डॉक्टरों की प्रशंसा करते हुए रजत शर्मा ने कहा, 'आप सभी डॉक्टर्स हमारे देश के साइलेंट हीरोज हैं। आप बिना कुछ कहे लोगों को जिंदगी देते हैं, आप हमारे देश की लाइफलाइन हैं। एक बहुत पुराना गाना है, 'उसको नहीं देखा पर उसकी जरूरत क्या होगी।, डॉक्टर से अलग भगवान की सूरत क्या होगी'। मैं दुनिया के किसी भी कोने में जाता हूं, वहां कोई ना कोई एक इंडियन डॉक्टर मिल जाता है और वह एक डॉक्टर होता है, जिसपर पूरे शहर को भरोसा होता है। इंडियन डॉक्टर ने देश का मान बढ़ाया है। जब कोई किसी डॉक्टर को देखता है तो उसे भगवान दिखाई देता है, लेकिन डॉक्टर को मरिज के दर्द से कितना दर्द होता है। रात को 2:00 बजे फोन उठाते हैं, अपने घरवालों को छोड़कर मरीज के पास जाते हैं। डॉक्टर हमारे देश की लाइफलाइन हैं।'
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