रांची: बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ ही झारखंड में भी एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। इसे लेकर सभी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन ने झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। अपने पिता एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, भाजपा की झारखंड प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, जनता दल (यूनाइटेड) विधायक सरयू राय और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ, बाबूलाल सोरेन ने घाटशिला अनुमंडल कार्यालय में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
क्यों हो रहा है उपचुनाव?
बता दें कि झारखंड की घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को उपचुनाव होगा। इसके अलावा इस सीट पर भी 14 नवंबर को ही नतीजे सामने आएंगे। घाटशिला सीट झामुमो विधायक एवं झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के अगस्त में निधन के बाद खाली हुई थी। रामदास सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की पूर्वी सिंहभूम जिला समिति के अध्यक्ष भी थे। झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो ने घाटशिला उपचुनाव के लिए रामदास के बड़े बेटे सोमेश सोरेन को मैदान में उतारा है।
नामांकन के बाद क्या बोले बाबूलाल?
वहीं नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद, बाबूलाल सोरेन ने जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि घाटशिला के लोग ‘‘मौजूदा सरकार से तंग आ चुके हैं, जो सभी मोर्चों पर काम करने में विफल रही है।’’ जद (यू) विधायक सरयू राय ने कहा कि अगर एनडीए उम्मीदवार घाटशिला सीट जीतता है, तो इससे विपक्षी दलों का मनोबल निश्चित रूप से बढ़ेगा। सरयू राय ने कहा, ‘‘अगर राजग उम्मीदवार जीतते हैं, तो राज्य विधानसभा में हमारी आवाज मजबूत होगी। यह सत्तारूढ़ सरकार की लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में विफलता को प्रदर्शित करेगा।’’ वहीं चंपई सोरेन ने कहा कि घाटशिला के लोग बदलाव चाहते हैं, क्योंकि मौजूदा सरकार ‘‘सभी मोर्चों पर काम करने में विफल रही है।’’ बता दें कि बाबूलाल सोरेन 2024 के विधानसभा चुनाव में घाटशिला सीट से रामदास से हार गए थे। (इनपुट- पीटीआई)
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