हेल्थ डेस्क: आमतौर पर देखा जाएं तो लड़कियों से ज्यादा लड़के अक्रामक होते है। लेकिन आने वाले समय में कौन कैसा अक्रामक निकले ये कहना मुश्किल हो जाता है। अधिकतर बच्चों में आक्रामकता सामान्य स्तर की होती है और उससे कोई ज्यादा समस्या नहीं होती।
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कुछ मामलों में बच्चे इतनी ज्यादा आक्रामकता दिखाते हैं की उन्हें माता-पिता, शिक्षकों या मनोचिकित्सक द्वारा ध्यान देने की सख्त जरूरत होती है| इसलिए आक्रामक व्यवहार बचपन में सामान्य या विकट समस्या उत्पन्न कर सकता है जो अव्यवस्थित आचरण या अपराधी प्रवृत्ति विकसित करने में सहायक हो सकता है|
अगर आपके घर में भी कोई बच्चा है और उसे इस अक्रामता से बचाना है तो ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थो का सेवन कराएं। ये बच्चों की आक्रामकता को कम करने में सहायक साबित हो सकता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है। ओमेगा-3 फैटी एसिड स्वाभाविक रूप से फैटी मछली जैसे टूना, समुद्री खाद्य पदार्थो और कुछ नट तथा बीजों में पाए जाते हैं।
निष्कर्षों से पता चला है कि बच्चों के आहार में ओमेगा-3, विटामिन, खनिज की खुराक शामिल करने से उनके आक्रामक और असामाजिक व्यवहार में कमी लाई जा सकती है। इस शोध के लिए अध्ययनकर्ताओं ने 11 से 12 साल के 290 बच्चों और उनके आक्रामक व्यवहारों पर लगातार शोध किया।
इस दौरान, इन जिन बच्चों को संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी और ओमेगा-3 अनुपूरक का संयोजन दिया गया। ऐसे बच्चों में अन्य बच्चों की तुलना में कम आक्रामकता पाई गई।
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया से थेरेस रिचमंड ने बताया, "लगातार तीन महीनों तक ओमेगा-3 युक्त आहार देने पर बच्चों के व्यवहार में आक्रामकता काफी हद तक कम हुई।" यह शोध 'जर्नल ऑफ चाइल्ड साइकोलॉजी एंड साइकियाट्री' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।