Angarki Chaturthi 2018: संकष्टी चतुर्थी के दिन करें ये टोटका, हो जाएंगे आपके सारे काम सिद्ध
Angarki Chaturthi 2018: संकष्टी चतुर्थी के दिन करें ये टोटका, हो जाएंगे आपके सारे काम सिद्ध
Written by: India TV Lifestyle Desk
Published : Apr 02, 2018 11:55 pm IST,
Updated : Apr 02, 2018 11:55 pm IST
संकष्टी चतुर्थी: आज मंगलवार का दिन भी है और जब कभी चतुर्थी तिथि के दिन मंगलवार पड़ता है, तो वह अंगार की चतुर्थी हो जाती है, यानी अंगारकी चतुर्थी का सीधा संबंध मंगल ग्रह से है और मंगल एक तेज ग्रह है। मंगल का संबंध ताकत से। इस दिन करें ये उपाय
sankashti chaturthi
जीवन में बल और वीर्य की प्राप्ति के लिये आज के दिन एक केले का पत्ता लेकर, उसपर केसरिया सिन्दूर में चमेली का तेल मिलाकर त्रिकोण बनाएं। आपको यहां बता दूं कि अंगारकी चतुर्थी के दिन केले के पत्ते का बहुत महत्व होता है और यह बहुत ही शुभ माना जाता है। अतः आज के दिन केले के पत्ते से संबंधित उपाय करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आज के दिन केले के पत्ते पर केसरिया सिन्दूर और चमेली के तेल से त्रिकोण बनाकर उसके बीच में एक चमेली के तेल की शीशी और एक डिब्बी में या कागज की पुड़िया में 50 ग्राम सिन्दूर रख दें और ये मंत्र पढ़ें- ‘अवन्ती समृत्थं सुमेषानस्थ धरानन्दनं रक्त वस्त्रं समीड़े’
इस मंत्र को पढ़ने के बाद चमेली का तेल और सिन्दूर हनुमान जी को चढ़ा दें, जबकि केले का पत्ता नदी में विसर्जित कर दें। ऐसा करने से आपके जीवन में बल और वीर्य की प्राप्ति होगी।
अगर आपका जीवनसाथी किसी न किसी कारण से हमेशा चिंता में रहता है, जिसके चलते आप दोनों के रिश्ते की गति भी कुछ थम-सी गई है तो आज के दिन कच्चे सूत के तीन गोले लेकर, उन्हें सिन्दूर और चमेली के तेल में रंग लीजिये। अब इस रंगे हुए धागे को नीम के पेड़ के तने में कम से कम 6 बार और ज्यादा से ज्यादा 21 बार लपेट दें। लेकिन ध्यान रहे कि भूलकर भी आठ बार न लपेटें, तेरह बार न लपेटें और सोलह बार न लपेटें। अगर धागा ज्यादा हो तो उसे लपेटने के बाद, मोड़कर वहीं पेड़ पर लटका दें। ऐसा करने से आपके जीवनसाथी की चिंता जल्द से जल्द दूर होगी और आपके रिश्ते की गति फिर से तेज हो जायेगी।
अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति से परेशान हैं, यहां तक कि आपको कर्ज लेने तक की नौबत आ गई है या आपने पहले से कोई कर्जा ले रखा है, जिसकी किश्त आपसे चुकाई नहीं जा रही, तो आज के दिन एक थाली या केले का पत्ते लीजिये और उस थाली या केले के पत्ते पर हल्दी से एक त्रिकोण का निशान बनाएं। अब उस त्रिकोण के निशान के आगे एक घी का दीपक जलाएं और उसके बीच में 900 ग्राम मसूर की दाल और सात खड़ी, यानी साबुत लाल मिर्च रखें और ऋग्वेद के आठवें मंडल के सूक्त 44 की बाईसवीं ऋचा से लिये गये ये मंत्र 108 बार पढ़ें। मंत्र है-
‘अग्ने सखस्य बोधि नः’
इस मंत्र जाप के बाद सारी सामग्री को नदी में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से आपको जल्दी ही कर्ज से मुक्ति मिलेगी और आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी।