धर्म डेस्क: आज संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी है। हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत किया जाता है। हालांकि वैसे तो आज तृतीया तिथि है, लेकिन तृतीया तिथि आज शाम 04:44 पर ही समाप्त हो जायेगी और उसके बाद चतुर्थी तिथि लग जायेगी, जो कि कल शाम 05:33 तक रहेगी और कल का चन्द्रोदय रात 10:26 पर होगा, यानी कल का चन्द्रोदय पंचमी तिथि में होगा। क्षितिज के कारण चन्द्रमा 15 मिनट बाद दिखाई पड़ता है।
संकष्टी चतुर्थी का व्रत उस दिन किया जाता है, जिस दिन चन्द्रमा चतुर्थी तिथि में उदय होता है और आज का चन्द्रोदय रात 09:30 पर, यानी चतुर्थी तिथि में होगा। अतः संकष्टी चतुर्थी का व्रत आज ही के दिन किया जायेगा।
संकष्टी चतुर्थी के साथ ही आज मंगलवार का दिन भी है और जब कभी चतुर्थी तिथि के दिन मंगलवार पड़ता है, तो वह अंगार की चतुर्थी हो जाती है, यानी अंगारकी चतुर्थी का सीधा संबंध मंगल ग्रह से है और मंगल एक तेज ग्रह है। मंगल का संबंध ताकत से है। अच्छे दाम्पत्य संबंध स्थापित करता है और व्यक्ति में जोश उत्पन्न करता है, जबकि मंगल के निगेटिव होने पर मनुष्य की ऊर्जा स्वार्थ की पूर्ति और लूट-खसोट के लिये खर्च होती है। कमजोर मंगल दाम्पत्य संबंधों की ऊष्मा को नष्ट कर देता है, जीवन रसविहीन हो जाता है और किसी भी तरह के काम में मन नहीं लगता, जिसके चलते बिजनेस में भी नुकसान उठाना पड़ जाता है। यहां तक कि कर्ज भी लेना पड़ता है। तो ऐसी स्थिति से बचने के लिये, मंगल को अपने फेवर में करने के लिये, दाम्पत्य संबंधों की ऊष्मा को बरकरार रखने के लिये, जीवन में बल और वीर्य की प्राप्ति के लिये और कर्ज से मुक्ति पाने के लिये आज अंगारकी चतुर्थी के दिन कौन-से उपाय किए जाने चाहिए।
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