Sawan 2020: भोलेनाथ की अराधना से दूर होगी विवाह में आ रही अड़चन, बस इस तरह करें पूजा
Sawan 2020: भोलेनाथ की अराधना से दूर होगी विवाह में आ रही अड़चन, बस इस तरह करें पूजा
Written by: India TV Lifestyle Desk
Published : Jul 11, 2020 07:41 am IST,
Updated : Jul 11, 2020 07:44 am IST
कई लोगों की शादी तय नहीं हो पाती या फिर काम बनने-बनते रह जाता है। ऐसे में भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने से आपकी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी।
Image Source : INSTAGRAM/MAHADEV.SHIVJI
Shiv Parvati - शिव पार्वती
सावन महीना भगवान शिव के आराधकों के लिए खास माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भोलेनाथ को सावन का महीना प्रिय होता है। सावन के दौरान शिवालयों, मंदिरों और अपने घर पर भी भक्त भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं। वैसे तो शिव जी अपने भक्तों पर अपनी कृपा हमेशा बनाए रखते हैं लेकिन श्रावण वास के महीने में भोले भंडारी की आराधना करने से सारी मनोकामनाएं जल्दी पूरी कर देते हैं। कई लोग शादी में आ रही अड़चन से परेशान रहते हैं। कोशिश करने के बाद भी या तो उनकी शादी तय नहीं हो रही होती या फिर कई बार उनकी शादी की बात बनने बनते रह जाती है। ऐसे में भोलेनाथ की पूजा अर्चना करना फलदायी होता है।
जानें क्यों आती हैं शादी में बाधाएं
जिन लोगों की कुंडली में पांचों तत्वों में अग्नि या वायु तत्व की मात्रा ज्यादा होती है उन जातकों की शादी में बाधा आती है।
कुंडली में चंद्रमा, शुक्र या बृहस्पति की स्थिति कमजोर हो उनकी शादी तय होने में भी दिक्कत होती है।
सप्तम भाव की स्थिति पापक्रांत होने पर भी शादी से जुड़ी परेशानियां आती हैं।
विवाह में आ रही अड़चन के लिए ऐसे करें पूजा
अगर किसी व्यक्ति की शादी में अड़चन आ रही हो तो वो शिवलिंग पर रोजाना केसर मिला दूध चढ़ाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से विवाह से संबंधित कार्य जल्दी बनते हैं।
भोलेनाथ और पार्वती जी की एक साथ पूजा करने से भी लाभ होगा। मान्यता है कि अगर इन दोनों की एक साथ पूजा की जाए तो शादी में आ रही सारी अड़चनें दूर हो जाती हैं।
सावन में नियमित रूप से पीले वस्त्र धारण करें। साथ ही शिव-पार्वती को संयुक्त रूप से एक ही माला अर्पित करें। इसके साथ ही शिव और पार्वती की पूजा अर्चना करें और 'ऊं गौरी शंकराय नम:' का जाप करें। मान्यता है कि सावन में ऐसा करने से मनोकामना जल्द पूरी हो जाती है।
पूरे महीने पीले कपड़े धारण करने के अलावा शिवलिंग पर सुगंध अर्पित करें। इसके साथ ही जल चढ़ाकर 'ऊं पार्वतीपतये नम:' का जाप करें। ऐसा करने से भी अड़चनें दूर होंगी।
108 बेलपत्र पर चंदन से 'राम' लिखकर शिव को अर्पित करें। बेलपत्र अर्पित करते वक्त शिव जी के मंत्र 'ऊं नम: शिवाय' का जाप जरूर करें।