रीवाः रीवा के शासकीय राजनिवास (सर्किट हाउस) में तीन वर्ष पूर्व हुए बहुचर्चित नाबालिग गैंगरेप मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय की पॉक्सो कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पदमा जाटव ने प्रकरण में कथावाचक महंत सीताराम बाबा समेत 5 दोषियों को अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। पूरे मामले में कुल 9 आरोपियों को नामजद किया गया था, जिनमें से अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय त्रिपाठी सहित 4 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करते हुए अदालत ने बरी कर दिया।
हनुमान कथा में उपदेश देने रीवा आया था "महंत सीताराम"
3 वर्ष पूर्व 1 अप्रैल से 10 अप्रैल 2022 तक संकट मोचन हनुमान कथा का आयोजन रीवा के समदड़िया गोल्ड मॉल में होना था। इसमें वेदांती महाराज के कथित पौत्र कथावाचक संत सीताराम को भी अपने उपदेश देने थे। इसके लिए आयोजको के द्वारा रीवा के शासकीय राजनिवास (सर्किट हाउस) में महंत सीताराम के लिए ठहरने का इंतेजाम किया गया था। मगर राजनिवास मे ठहरे महंत सीताराम के द्वारा अपने अन्य साथियो की मदद से घिनौना कृत्य करते हुए एक किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाया गया।
28 मार्च 2022 को नाबालिग ने दर्ज कराई थी गैंगरेप की शिकायत
28 मार्च 2022 की देर शाम एक नाबालिग किशोरी खुद के साथ हुए दुराचार के मामले की शिकायत लेकर अपने परिजनों के साथ शहर के सिविल लाइन थाने पहुंची थी। पीड़िता का आरोप था की उसके परिचित विनोद पांडे नाम के शख्स ने परीक्षा में पास कराने के बहाने पहले उसे सैनिक स्कूल कें पास बुलाया।उसकी बातों में आकर वह वहां पहुंच गई। इसके बाद विनोद पांडे ने अपने एक साथी को भेजकर किशोरी को राजनिवास बुलवाया। सर्किट हाउस में विनोद पांडे, संत सीताराम और दो अन्य लोग मौजूद थे।
किशोरी कें बयानों के मुताबिक जब वह राजनिवास पहुंची तब वहां पर चार लोग मौजूद थे। आरोपियों ने पहले खुद शराब पी इसके बाद जबरन किशोरी को भी शराब पिलाई। इस दौरान पीड़िता ने घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे मे कैद किया था। किशोरी को शराब पिलाने के बाद तीनों आरोपी कमरे से बाहर चले गए और महंत सीताराम ने किशोरी के साथ जबरन दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। बाबा महंत सीताराम के द्वारा किए गए दुष्कर्म की वरदात के बाद पीड़िता किसी तरह से बाबा की चंगुल से छूट कर थाने पहुंची और पुलिस अधिकारियो के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए थे।
राजनिवास के कमरा नंबर 4 मे हुई थी वारदात
शासकीय राजनिवास सर्किट हाउस के कमरा नंबर 4 मे किशोरी के साथ हुए गैंगरेप की वारदात की घटना ने रीवा ही नहीं समूचे मध्य प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। घटना को लेकर चारों ओर केवल आक्रोश दिखाई दे रहा था। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। विरोध बढ़ता देख पुलिस ने एक्शन लिया किशोरी के साथ हुए दुराचार के मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं फरार चल रहे मुख्य आरोपी महंत सीताराम को पुलिस ने सिंगरौली जिले से गिरफ्तार किया था।
पुलिस की मानें तो वारदात के बाद मुख्य आरोपी महंत सीताराम फरार था और सिंगरौली के नए बस स्टैंड में बाल कटाने के लिए नाई की दुकान पर गया था लेकिन वह अपने बड़े बालो को कटवाकर अपना हुलिया बदलता और पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होता इससे पहले ही रीवा पुलिस की टीम ने सिंगरौली पुलिस की मदद से संत सीताराम को नाई की दुकान से गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ रीवा ले आई।
रिपोर्ट- अशोक मिश्रा