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BMC चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका, मुंबई उत्तर-पश्चिम से सांसद गजानन कीर्तिकर ने थामा एकनाथ शिंदे का हाथ

 Edited By: Pankaj Yadav @ThePankajY
 Published : Nov 12, 2022 09:40 am IST,  Updated : Nov 12, 2022 09:40 am IST

महाराष्‍ट्र में शुक्रवार को सियासी घटनाक्रम में मुंबई की उत्तर पश्चिम सीट से सांसद गजानन कीर्तिकर ने बालासाहेबंची शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) का हाथ थाम लिया। BMC चुनाव से पहले यह उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।

मुंबई उत्तर-पश्चिम से सांसद गजानन कीर्तिकर ने शिंदे गुट का दामन थाम लिया।- India TV Hindi
मुंबई उत्तर-पश्चिम से सांसद गजानन कीर्तिकर ने शिंदे गुट का दामन थाम लिया।

उत्तर पश्चिम मुंबई से लोकसभा के सदस्य और शिवसेना नेता गजानन कीर्तिकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले पार्टी के धड़े में शामिल हो गए हैं। शिंदे ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को बालासाहेबांची शिवसेना के नाम से जाना जाता है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं उनका स्वागत करता हूं और भविष्य की यात्रा के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।’’ कीर्तिकर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करने वाले शिवसेना के 13वें सांसद हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख हैं। इसे पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब तक कुल 18 में से 13 सांसदों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दिया है। 

कुछ बागी विधायक पार्टी में फिर से लौटेंगे

इस बीच उद्धव ठाकरे ने गजानन कीर्तिकर को पार्टी से निकाल दिया है। वहीं अब एकनाथ शिंदे को विद्रोह करने वाले पार्टी के 56 विधायकों में से 40 के समर्थन प्राप्त है। एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को सत्‍ता से बेदखल करते हुए भाजपा के समर्थन से महाराष्‍ट्र में सरकार बनाई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने कहा कि कम से कम कुछ बागी विधायक पार्टी में लौट आएंगे। समाचार एजेंसी पीटीआई ने संजय राउत के हवाले से बताया है कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को उम्‍मीद है कि कुछ बागी निश्चित रूप से वापस लौटेंगे। 

BMC चुनाव से पहले उद्धव को एक और झटका

सांसद गजानन कीर्तिकर ने कई मौकों पर एकनाथ शिंदे का पक्ष भी लिया था। उन्‍होंने कहा था कि उद्धव ठाकरे यह समझ नहीं पाए कि आखिर एकनाथ शिंदे ने ऐसा क्‍यों किया? वे इशारों और संकेतों में यह बता रहे थे कि वे भी एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो सकते हैं। महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ शिंदे गुट में शामिल होना उद्धव के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना आगामी नगर निगम चुनावों में कुछ सीटों पर अलग-अलग और अन्य सीटों पर साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री शिंदे ने अगस्त महीने में कहा था कि ‘‘वास्तविक’’ शिवसेना और भाजपा महाराष्ट्र नगर निगम के चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने दावा किया था कि उनके नेतृत्व वाली शिवसेना ही वास्तविक शिवसेना है।

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