Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र की सियासी महाभारत जारी है। इसका केंद्र बिंदु मुंबई और गुवाहाटी हैं। एकनाथ शिंदे गुट के बागी विधायक गुवाहाटी में जमे हुए हैं। वहीं मुंबई में ठाकरे की शिवसेना बैठकें कर रही हैं। कल शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें कई निर्णय लिए गए। बैठक के बाद स्पष्ट कहा गया कि बाला साहेब और शिवसेना के नाम का इस्तेमाल कोई अन्य नहीं कर सकता है। वहीं एकनाथ शिंदे ने अपने बयान में महाविकास अघाड़ी को अजगर बताया और उसके चंगुल से शिवसेना को निकालने की बात कही। बयानों व आरोप—प्रत्यारोप की राजनीति भी लगातार जारी है। आज महाराष्ट्र की राजनीति में क्या होगा, यह जानने के लिए बने रहिए इंडिया टीवी डिजिटल के साथ।
संजय राउत पर एकनाथ शिंदे ने पलटवार किया है। शिंदे ने ट्वीट किया, "बालासाहेब ठाकरे और हिन्दू विचार के लिए अगर मर भी गए तो भी कोई बात नहीं। ऐसा हूआ तो हम हमारा भाग्य समझेंगे"
महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से सियासी उथल-पुथल जारी है। इस बीच, महाराष्ट्र के ठाणे जिले में आज बागी नेता एकनाथ शिंदे के समर्थकों ने शिवसेना नेता संजय राउत का पुतला फूंका। वहीं, संजय राउत ने आज एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ये जो 40 लोग (बागी विधायक) वहां गए हैं ना, वो जिंदा प्रेत हैं... ये मुर्दा हैं... उनकी बॉडी ही यहां (मुंबई) आएगी।
शिवसेना कल सोमवार को गोवंडी में रैली करेगी। मुंबई के अणुशक्ति नगर विधानसभा क्षेत्र में रैली होगी। यह मुस्लिम बहुल इलाका है। इस रैली में अदित्य ठाकरे और सीएम उद्धव ठाकरे भी शामिल हो सकते हैं।
महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय ने ट्वीट किया है कि महाराष्ट्र पुलिस सतर्क है। किसी भी कानून और व्यवस्था के मुद्दे से निपटने के लिए तैयार है, यदि कुछ उत्पन्न होता है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में निषेधाज्ञा लागू है। शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति से कानून के अनुसार निपटा जाएगा। आज राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में व्यवधान की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। गुवाहाटी गए सभी विधायकों के कार्यालय, आवास पर पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की गई है। गुवाहाटी गए विधायकों की सुरक्षा कभी नहीं हटाई गई।
शिवसेना के बागी विधायक दीपक केसरकर ने कहा कि शिंदे गुट के विधायक किसी भी समय महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहली मान्यता एकनाथ शिंदे गुट को दी जानी चाहिए। हम एमवीए सरकार के साथ नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक से दो विधायक और हमारे साथ आएंगे। उनके समर्थन और अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ हमारी ताकत बढ़कर 51 हो जाएगी। हम 3-4 दिनों में एक निर्णय पर पहुंचेंगे और उसके बाद हम सीधे महाराष्ट्र वापस जाएंगे।
महाराष्ट्र का सियासी संग्राम अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शिंदे ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। कल अर्जेंट हियरिंग की मंग की जा सकती है। उपाध्यक्ष ने सिर्फ 48 घंटे का वक्त दिया है, जबकि नोटिस का जवाब देने के लिए कम से कम सात दिन का वक्त दिया जाता है। साथ ही जिन ग्राउंड्स पर अयोग्य ठहराने का नोटिस दिया गया है उसे भी चुनौती देंगे।
ठाणे के उल्हासनगर पुलिस ने शिवसेना के 7 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। एकनाथ शिंदे के बेटे के कार्यालय पर हमले मामले में शिवसेना के इ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शिवसेना के शाखा प्रमुख सुरेश पाटिल, नितिन बोथ, उमेश पवार, संतोष कानसे, लतेश पाटिल और युवा सेना के बाला बागुरे का नाम है।
युवा सेना की कार्यकारणी को संबोधित करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि 20 मई को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को बंगले पर बुलाया और पूछा था कि क्या तुम मुख्यमंत्री बनना चाहते हो, लेकिन उस वक्त उन्होंने इधर-उधर की बातें करनी शुरू कर दी थीं और कहा था कि नहीं आप ही हमारे मुख्यमंत्री हैं और रहेंगे। उसके ठीक एक महीने बाद ही उन्होंने बागी होकर धोखा दे दिया। असल में मुख्यमंत्री साहब की बीमारी का इन लोगों ने फायदा उठाया है।
शिवसेना कोटे के ज्यादातर मंत्री एकनाथ शिंदे के साथ हैं।
I. एकनाथ शिंदे, नगर विकास मंत्री
II. उदय सामंत, उच्च शिक्षा मंत्री
III. दादा भुसे, कृषि मंत्री
IV. गुलाबरावपाटिल, जल आपूर्ति मंत्री
V. अब्दुल सत्तार, राज्यमंत्री
VI. बच्चू कडू, राज्यमंत्री
VII. संदीपान भूमरे, कैबिनेट मंत्री
VIII. शंभूराजे देशाई, राज्यमंत्री
IX. राजेंद्र यद्रावकर, राज्यमंत्री
दिल्ली पहुंचे एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि एकनाथ शिंदे और उनके साथ गुवाहाटी गए अन्य विधायकों ने एक नया गठबंधन बनाने के लिए कहा है, लेकिन एनसीपी और कांग्रेस की नीति हमारी ओर से बनाई गई गठबंधन सरकार का समर्थन करने के लिए स्पष्ट है। महाराष्ट्र में एमवीए सरकार है और हम इसका समर्थन जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में एकनाथ शिंदे और अन्य विधायक एनसीपी के साथ थे। पिछले 2.5 वर्षों में उन्हें कोई समस्या नहीं हुई, फिर आज क्यों? यह सिर्फ एक बहाना है...हम अंतिम समय तक सीएम उद्धव ठाकरे का समर्थन करेंगे।
राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने बागी विधायकों के निवास और उनके परिजनों के सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। राज्य के डीजीपी को उचित सुरक्षा मुहैय्या कराने के आदेश दिए।
महाराष्ट्र में सियासी ड्रामे के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने विवादित बयान दिया है। एक कार्यक्रम में राउत ने कहा कि ये जो 40 लोग वहां गए है ना वो जिंदा प्रेत है, ये मुर्दा हैं। उनकी बॉडी ही यहां आएगी, आत्मा नहीं आएगी। तड़फ रहे हैं वहां ,जब ये यहां उतरेंगे तो तो ये मन से जीवित नही रहेंगे उनको पता है ये। जो आग लगाई है उस आग में क्या हो सकता है आकर दिखाओ। मेरा चेलेंज है।
युवा सेना राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अदित्य ठाकरे ने शिंदे खेमे के विधायकों को लेकर कहा ये सब राक्षसी महत्वकांक्षा है। बगावत करने से पहले यहां आकर बात करनी थी। कितने महत्वपूर्ण विभाग उनको दिए। जो विभाग मुख्यमंत्री के पास रहते हैं उनको दिए। सूरत से गोवाहाटी गए और कहा जाएंगे। इतना पैसा कहां से आया। सिर्फ खाने का बिल 8 लाख है। सीआरपीएफ सिक्योरिटी क्यों दी? यही सिक्योरिटी कश्मीरी पंडितों को देते। बीजेपी का हाथ नहीं, तो फिर बीजेपी के मंत्री वहां क्यों गए। हिम्मत है तो मुंबई में ठाणे में बगावत क्यों नहीं की? मुंबई में क्यों सामने नहीं आए। युवा सेना के लोग यहां जुटे उन पर गर्व है। बागियों के साथ लड़ाई शुरू हुई।
महाराष्ट्र के भंडारा विधायक नरेंद्र भोंडेकर का जन्मदिन गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे और अन्य विधायकों की मौजूदगी में मनाया गया।
सूत्रों के मुताबकि, गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे खेमे की बैठक चल रही है। एकनाथ शिंदे ने सभी को आश्वासन दिया है कि सभी विधायक परिवारों को केंद्रीय सुरक्षा दी जाएगी। सुरक्षित मुंबई कैसे पहुंचे, इस पर चर्चा हुई। अगले 2 दिनों में सरकार बनाने का दावा पेश करने और कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
शिवसेना के वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कहा कि 2-3वीं (दलबदल विरोधी कानून को पार करने के लिए) की अवधारणा केवल विलय होने पर ही लागू होती है। जब तक विधायक किसी अन्य पार्टी में विलय नहीं करते, अयोग्यता लागू रहती है। आज तक विलय नहीं हुआ, उन्होंने स्वेच्छा से सदस्यता छोड़ी है। उन्होंने कहा कि शिवसेना की ओर से अलग-अलग समय पर कई बैठकें बुलाई गईं, जिहां इनमें से किसी ने भी हिस्सा नहीं लिया। बीजेपी शासित राज्यों का दौरा करना, बीजेपी नेताओं से मिलना और सरकार गिराने का प्रयास करना विद्रोहियों की ओर से उल्लंघन के समान है।
शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा, "महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी है। कई विधायक दलबदल कर असम जा चुके हैं। हमने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और अब तक 16 विधायकों को नोटिस दिया जा चुका है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने शिंदे गुट के विधायकों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं और जो लौटना चाहते हैं उनके लिए शिवसेना के दरवाजे खुले हैं। जो बागी विधायक गद्दार हैं, उन्हें पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा।
महाराष्ट्र में चल रहे लगातार राजनीतिक घमासान के बीच शिवसेना के एक और नेता बागी हो गए हैं। शिवसेना नेता और मंत्री उदय सामंत सूरत से गुवाहाटी के लिए रवाना हो गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वे शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। उदय सामंत महाराष्ट्र सरकार में उच्च शिक्षा व तकनीकी मंत्री हैं। उदय सामंत भी उद्धव ठाकरे के बेहद करीबी विधायको में से एक हैं। सामंत रत्नागिरी से विधायक हैं।
मुंबई के कलीना में आदित्य ठाकरे मौजूद हैं। वे पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हैें। इस दौरान कार्यक्रम में शिवसेना सांसद विनायक राउत ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है। यह टिप्पणी उन्होंने एकनाथ शिंदे के खिलाफ दी है। फिर आदित्य ठाकरे ने संबोधित किया। इस दौरान नारेबाजी भी हुई। आदित्य ठाकरे ने कहा कि मैं पर्यावरण मंत्री हूं। अच्छा हुआ, कुछ गंदगी हमारी पार्टी से दूर हो गई। उन्होंने कहा कि 20 मई को सीएम ठाकरे ने शिंदे से पूछा था कि क्या तुम्हें सीएम बनना है लेकिन उन्होंने तब इनकार किया था। जिंन्होने शिवसेना से गद्दारी की है उन्हें महाराष्ट्र कभी माफ नहीं करेगा। आदित्य ने कहा कि हमारी पार्टी के दरवाजे खुले हैं, जिन्हें आना है आए, जिन्हें जाना है वो जाए..लेकिन जिन्होंने पार्टी के साथ धोखा किया, उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी के होटल में एक-एक विधायकों के हाथों को पकड़कर कैदी की तरह व्यवहार हो रहा है। इसी के लिए वह गए गद्दारी करके?
मुंबई के कलीना में आदित्य ठाकरे मौजूद हैं। वे पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हैें। इस दौरान कार्यक्रम में शिवसेना सांसद विनायक राउत ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है। यह टिप्पणी उन्होंने एकनाथ शिंदे के खिलाफ दी है। फिर आदित्य ठाकरे ने संबोधित किया। इस दौरान नारेबाजी भी हुई। आदित्य ठाकरे ने कहा कि मैं पर्यावरण मंत्री हूं। अच्छा हुआ, कुछ गंदगी हमारी पार्टी से दूर हो गई। उन्होंने कहा कि 20 मई को सीएम ठाकरे ने शिंदे से पूछा था कि क्या तुम्हें सीएम बनना है लेकिन उन्होंने तब इनकार किया था। जिंन्होने शिवसेना से गद्दारी की है उन्हें महाराष्ट्र कभी माफ नहीं करेगा। आदित्य ने कहा कि हमारी पार्टी के दरवाजे खुले हैं, जिन्हें आना है आए, जिन्हें जाना है वो जाए..लेकिन जिन्होंने पार्टी के साथ धोखा किया, उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी के होटल में एक-एक विधायकों के हाथों को पकड़कर कैदी की तरह व्यवहार हो रहा है। इसी के लिए वह गए गद्दारी करके?
फड़णवीस के आवास पर बीजेपी नेताओं की बैठक चल रही है। इस बैठक चित्रा वाघ, प्रसाद लाड, प्रवीन दरेकर , असिश शेलार, गिरीश महाजन, हर्षवर्धन पाटिल , परिणय फूके, दादा राव केचे, बाबनराव पचपुते, राजहंस सिंह और रवि राणा बैठक में शामिल हैं।
महाराष्ट्र। राज्य सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुंबई में कलिना, सांताक्रूज में पार्टी कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम में शामिल हुए।
जयंत पाटिल फिर एनसीपी चीफ शरद पवार से मिलने उनके घर पहुंचे। सुबह एक घण्टे की बैठक हुई थी जिसमें अजित पवार, सुभाष देसाई, अशोक चव्हाण, बालासाहेब थोराट कांग्रेस से शामिल हुए थे। उनके निकलने के थोड़ी देर के बाद गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल पहुंचे। थोड़ी देर में वो निकले। अब जयंत पाटिल दोबारा पहुंचे
मुम्बई से सटे पालघर जिले में शिंदे के विरोध में शिवसैनिक सड़क पर उतरे और शिंदे के खिलाफ नारे लगाते हुए कई कई किलोमीटर तक मार्च किया गया। पालघर के विधायक वानगा भी शिंदे के समर्थन में हैं और गुवाहटी में मौजूद हैं।
दिल्ली जाने से पहले शरद पवार फुल एक्शन के मोड में हैं। गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल शरद पवार से मिलने पहुंचे। जबकि अजित पवार और जयंत पाटिल और प्रफुल्ल पटेल शरद पवार से मिलकर निकले। इसके पहले अनिल देसाई और बालासाहेब और थोराट मिलकर गए हैं। MVA सरकार बचाने की रणनीति पर पवार एक के बाद एक नेताओं से बैठक कर रहे हैं। वे 2.40 की फ्लाइट से दिल्ली जाएंगे।
आज भी देवेंद्र फडणवीस ने अपने सरकारी आवास सागर बंगले पर भाजपा कोर टीम की बैठक बुलाई है। इस बैठक में चंद्रकांत पाटिल,आशीष शेलार,प्रसाद लाड़, गिरीश महाजन,प्रवीण दरेकर,धनंजय महाडिक,सहित अहम नेता उपस्थित रहेंगे। यह बैठक 2 बजे के बाद शुरू होने की जानकारी है।
शिवसेना के बागी विधायकों के घर और दफ्तर के बाहर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया जाएगा। इंडिया टीवी को पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बागी विधायकों के घर, परिवार को सुरक्षा केंद्र सरकार मुहैया करवाएगी।
शिवसेना के धुले मेयर सतीश महाले ने दिया इस्तीफा। सतीश ने एकनाथ शिंदे के समर्थन में दिया इस्तीफा है। सतीश महाले का दावा है कि संकट के समय शिंदे उनकी मदद कर रहे हैं। सतीश महाले हाल ही में ठाकरे द्वारा बुलाई गई जिला प्रमुखों की बैठक में भी शामिल हुए थे इउसके बावजूद शिंदे के समर्थन में इस्तीफा दिया।
महाराष्ट्र। एकनाथ शिंदे खेमे के समर्थकों ने ठाणे में सीएम उद्धव ठाकरे के समर्थन में लगाए गए पोस्टरों पर पेंट लगाया।
महाराष्ट्र। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुंबई में सामना कार्यालय के बाहर शिवसेना के बागी विधायकों के विरोध में बाइक रैली की।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बागी मंत्रियों पर कार्रवाई कर सकते हैं। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से आई है। ठाकरे इन सभी 7 मंत्रियों को बर्खास्त करने के लिए राज्यपाल को चिट्ठी लिख सकते हैं।
शिंदे ग्रुप की तरफ इंडिया टीवी को आधिकारिक जानकारी दी गई है कि विधानसभा डिप्टी स्पीकर के नोटिस के जवाब में वो कोर्ट जाएंगे। शिंदे गुट का कहना है कि कम से कम नोटिस के जवाब के लिए 7 दिन का समय दिया जाना चाहिए था। इसी बीच बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने को लेकर ड्राफ्ट भी तैयार किया जा रहा है।सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में यह याचिका दाखिल की जाएगी।
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद राज्यपाल कोश्यारी राजभवन पहुंचे। राजभवन ने इस संबंध में एक तस्वीर जारी की है। कोरोना के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

एनसीपी प्रमुख शरद पवार दिल्ली जा रहे हैं। आज दोपहर 2.40 की फ्लाइट से वे दिल्ली जाएंगे। शरद पवार के दफ्तर की तरफ से उनके दिल्ली जाने की आधिकारिक पुष्टि की गई है। सूत्रों के मुताबिक MVA सरकार बचाने के लिए दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन किससे मिलेंगे ये स्पष्ट नहीं है।
शरद पवार, बालासाहेब थोराट और अशोक चव्हाण सहित शिवसेना के अनिल देसाई की बैठक एक घंटे चली। दरअसल उद्धव की इस मुश्किल की घड़ी में शरद पवार पूरी तरह से उनके साथ ही नहीं खड़े हैं, बल्कि बागी विधायकों को लेकर रणनीति बनाने में लगे हैं। जब शिंदे ग्रुप द्वारा विधानसभा डिप्टी स्पीकर के नोटिस पर कोर्ट जाने का मन बनाने की खबर आई तो इसके आगे की रणनीति बनाने के लिए एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना नेताओं की जॉइंट बैठक पवार के घर पर हुई। माना जा रहा कि पिछले 3 से 4 दिन से नोटिस भेजने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच शनिवार को नोटिस भेजने के पीछे भी शरद पवार की ही रणनीति थी।
शिंदे गुट का कहना है कि डिप्टी स्पीकर को बागी विधायकों को नोटिस का जवाब देने के लिए कम से कम 7 दिन का समय देना चाहिए था। लेकिन सिर्फ दो ही दिन का समय दिया गया। सही समय पर हम इसका जवाब दिया जाएगा। ये गुट, एकनाथ शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटाने के डिप्टी स्पीकर के फैसले पर क़ानूनी राय लेकर कोर्ट जाएंगा।
आज महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गए। वे कोरोना के चलते रिलायंस हॉस्पिटल में एडमिट हुए थे।
ठाणे के बाद नवी मुंबई महानगर पालिका के दर्जनों नगरसेवक शिंदे गुट के संपर्क में हैं। सूत्रों के मुताबिक शिवसेना के एक पूर्व कद्दावर नेता जो अब बीजेपी में है, इसके पहले वो एनसीपी में भी रह चुके है। वो शिंदे ग्रुप के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं। ऐसे में थाने के बाद नवी मुंबई में भी उद्धव के लिए मुश्किल बढ़ सकती है। क्योंकि वर्तमान में बीजेपी के इस नेता का नवी मुम्बई में एक छत्रराज रहा है। इसी के बूते वो शिवसेना से एनसीपी, फिर बीजेपी में गए। अब सेना के खिलाफ़ शिंदे गुट के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।
नितेश राणे ने एक ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने आदित्य ठाकरे के उस बयान की खिल्ली उड़ाई, जिसमे आदित्य ने कहा था कि विधानभवन का रास्ता वर्ली होकर जाता है। भाजपा विधायक नितेश राणे ने लिखा कि 'एयरपोर्ट से विधानभवन का रास्ता वर्ली से होकर जाता है,मेरा म्याऊं म्याऊं सुनकर रुक जाना'।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर हलचल बढ़ गई है। कई नेता उनके घर गए हैं। शरद पवार के घर कांग्रेस के नेता पहुंचे। बाळासाहेब थोराट और अशोक चव्हाण उनके घर पहुंचे हैं। शिवसेना सांसद अनिल देसाई भी शरद पवार के घर पहुंचे।
सूत्रों के अनुसार शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने 12 बजे गुवाहाटी के होटल में विधायकों की बैठक बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
राजभवन के सूत्रों ने बताया है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को कोविड-19 से ठीक होने के बाद आज अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।
गुवाहाटी में जमे बागी विधायकों का विरोध लगातार जारी है। इसी बीच आज सुबह 10 बजे सामना कार्यालय से एकनाथ शिंदे गुट के विरोध में शिवसैनिक बड़ी बाइक रैली निकालेंगे।
एकनाथ शिंदे गुट ने भी डिप्टी स्पीकर के सोमवार शाम 5 बजे तक विधायकों की पेशी के मामले में जवाब दिया है। शिवसेना के 16 बागी विधायकों के कल पेशी के डिप्टी स्पीकर के समन को शिंदे गुट कोर्ट में देगी चुनौती। शिंदे गुट ने कहा है कि वे अपना पक्ष रखने के लिए 7 दिन के समय की मांग करेंगे। इनके मुताबिक डिप्टी स्पीकर को 2 दिन की जगह 7 दिन का समय देना चाहिए था।
संजय राउत ने अपने ट्वीट में डिप्टी स्पीकर नरहरि ज़िरवाल की तस्वीर ट्वीट कर शिंदे गुट के 16 विधायकों को कल शाम 5:30 बजे पेश होने के दिए आदेश पर चुटकी ली है। उन्होंने लिखा है 'कब तक छिपोगे गुवाहाटी में..आना ही पड़ेगा चौपाटी में'।

शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा है कि 'यह महाराष्ट्र का दुर्भाग्य है कि जब बेरोजगारी और महंगाई है, तो कुछ लोगों को केवल सत्ता में आने की चिंता है। शिवसेना प्रमुख के बिना उनका (बागी विधायक) अस्तित्व भी नहीं रह सकता और उनसे कोई पूछेगा भी नहीं'।
महाराष्ट्र में जारी सत्ता संघर्ष के बीच कल मुंबई में शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम प्रस्ताव पास हुए। पहले प्रस्ताव में कहा गया है कि शिवसेना में सभी तरह के निर्णय लेने के सभी अधिकार पार्टी चीफ उद्धव ठाकरे के पास रहेंगे। दूसरा में कहा गया कि बालासाहेब ठाकरे और शिवसेना के नाम का इस्तेमाल कोई अन्य नहीं कर सकता है। तीसरे प्रस्ताव में कहा गया कि पार्टी से गद्दारी करने वालों पर कार्रवाई करने का अधिकार भी उद्धव ठाकरे के पास होगा।
महाराष्ट्र मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने गुवाहाटी गए बागी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा है कि महाराष्ट्र में पिछले 2-4 दिनों को देखकर ऐसा लगता है कि जो चले गए, अच्छे के लिए चले गए। पूरे देश ने देखा कि COVID19 के दौरान सबसे असरदार काम करने वाले को अपना सरकारी आवास छोड़ना पड़ा।
एकनाथ शिंदे ने अपने ट्वीट में महा विकास अघाड़ी को अजगर बताया है। उन्होंने शिवसैनिकों के नाम संदेश में कहा कि यह लड़ाई शिवसेना और शिवसेना के हित के लिए समर्पित है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि "प्रिय शिवसैनिकों... अच्छी तरह से समझो और MVA (महा विकास अघाड़ी) के खेल को पहचानो! मैं शिवसेना और शिवसैनिकों को MVA के अजगर के चंगुल से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहा हूं। यह लड़ाई आप शिवसैनिकों के हित के लिए समर्पित है... आपका एकनाथ संभाजी शिंदे।"
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