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ठाकरे राज में राज्यपाल का अपमान? नहीं दी विमान को उड़ान की अनुमति: सूत्र

महाराष्ट्र में एकबार फिर उद्धव सरकार और राज्यपाल में फिर ठन गई है। सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सरकारी प्लेन देने से इनकार कर दिया जिसके चलते उन्हें प्राइवेट प्लेन से देहरादून रवाना होना पड़ा।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Updated on: February 11, 2021 13:07 IST
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Image Source : INDIA TV ठाकरे राज में राज्यपाल का अपमान? नहीं दी विमान को उड़ान की अनुमति: सूत्र

मुंबई: महाराष्ट्र में एकबार फिर उद्धव सरकार और राज्यपाल में फिर ठन गई है। सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सरकारी प्लेन देने से इनकार कर दिया जिसके चलते उन्हें प्राइवेट प्लेन से देहरादून रवाना होना पड़ा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्यपाल के देहरादून दौरे की जानकारी राज्य सरकार को एक हफ्ते पहले ही दे दी गई थी। राज्यपाल तय समय के मुताबिक सरकारी प्लेन में बैठ भी गए। वे करीब 15 मिनट तक प्लेन में बैठे रहे और उड़ान भरने का इंतजार करते रहे लेकिन अचानक कहा गया कि आपकी उड़ान के लिए अनुमति नहीं है.. इससे नाराज होकर राज्यपाल प्राइवेट प्लेन से देहरादून रवाना हो गए।

ऐसा नहीं है कि महाराष्ट्र में पहली बार राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच तनातनी की खबरें आई हों। इससे पहले भी दोनों के बीच चिट्ठी विवाद सुर्खियों में रहा था। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की चिट्ठी का जवाब उद्धव ठाकरे ने बेहद तल्ख अंदाज में दिया था। 

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दरअसल दोनों के बीच चिट्टी विवाद राज्य में धार्मिक स्थलों को खोले जाने को लेकर गहराया था। कोश्यारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था, ‘क्या आप अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं?’ इसके जवाब में ठाकरे ने सवाल किया कि क्या कोश्यारी के लिए हिंदुत्व का मतलब केवल धार्मिक स्थलों को पुन: खोलने से है और क्या उन्हें नहीं खोलने का मतलब धर्मनिरपेक्ष होना है। ठाकरे ने कहा, ‘क्या धर्मनिरपेक्षता संविधान का अहम हिस्सा नहीं है, जिसके नाम पर आपने राज्यपाल बनते समय शपथ ग्रहण की थी। लोगों की भावनाओं और आस्थाओं को ध्यान में रखने के साथ साथ, उनके जीवन की रक्षा करना भी अहम है।

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