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मिजोरम की ओर भागे म्यांमार सेना के 29 और सैनिक, मांगी शरण

 Edited By: Amar Deep
 Published : Nov 18, 2023 12:36 pm IST,  Updated : Nov 18, 2023 12:36 pm IST

लगातार गोलीबारी के बीच म्यांमार सेना के 29 और सैनिक तियाउ नदी पार कर मिजोरम की तरफ भाग निकले हैं। उन्होंने मिजोरम के चम्फाई में शरण ली। तियाउ नदी भारत और म्यांमार के बीच सीमा का कार्य करती है।

मिजोरम की ओर भागे म्यांमार सेना के 29 और सैनिक। - India TV Hindi
मिजोरम की ओर भागे म्यांमार सेना के 29 और सैनिक। Image Source : PEXELS

आइजोल: पुलिस के उच्च अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि पड़ोसी देश में उनके शिविर पर सैन्य-विरोधी विद्रोहियों द्वारा कब्जा किए जाने के बाद एक मेजर और एक कैप्टन समेत कुल 29 और म्यांमार सैनिक मिजोरम भाग गए। सेना और पीपुल्स डिफेंस फोर्स (पीडीएफ) के बीच बढ़ती गोलीबारी के बाद सोमवार से 29 और नवागंतुकों को मिलकर कुल 74 म्यांमार सैन्यकर्मी मिजोरम भाग गए। हालांकि अधिकांश म्यांमार सैनिकों को वापस भेज दिया गया था। मिजोरम के पुलिस महानिरीक्षक लालबियाकथांगा खियांग्ते ने कहा कि गुरुवार शाम को दो अधिकारियों सहित म्यांमार सेना के 29 और सैनिक मिजोरम के चम्फाई जिले में भाग गए और पुलिस से संपर्क किया। खियांग्ते ने फोन पर बताया कि "हमने उन्हें असम राइफल्स को सौंप दिया है। वह अब अर्ध-सैन्य बल की हिरासत में हैं। असम राइफल्स अपने उच्च अधिकारियों से परामर्श करने के बाद उचित कदम उठाएगी।"

तियाउ नदी पार कर पहुंचे मिजोरम

बता दें कि म्यांमार के सैनिक, अंतरराष्ट्रीय सीमा से कुछ किलोमीटर दूर चिन राज्य के तुईबुअल में अपने शिविर से भाग गए। गुरुवार शाम को मिजोरम में प्रवेश करने के लिए वह तियाउ नदी पार कर गए और भारतीय क्षेत्र में शरण मांगी। तियाउ नदी भारत और म्यांमार के बीच सीमा का कार्य करती है। पीडीएफ द्वारा म्यांमार के चिन राज्य में दो सैन्य ठिकानों पर नियंत्रण करने और अगले दिन उन्हें म्यांमार की सैन्य सरकार को सौंपने के बाद सोमवार (13 नवंबर) से अधिकारियों सहित 45 सैनिक मिजोरम भाग गए थे। सैनिकों के अलावा महिलाओं और बच्चों सहित लगभग 1400 म्यांमारियों ने सेना और पीडीएफ कैडरों के बीच गोलीबारी के बाद इस सप्ताह की शुरुआत में मिजोरम के चम्फाई में शरण ली थी।

शरणार्थियों को उपलब्ध कराई सहायता

ह्रुइमाविया ने चम्फाई से फोन पर बताया कि जिला प्रशासन ने शरणार्थियों को भोजन और राहत सामग्री उपलब्ध कराई है। उन असहाय निकाले गए लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता भी दी गई। सैन्य शासन द्वारा सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद फरवरी 2021 में म्यांमार से पहली आमद हुई। तब से म्यांमार से महिलाओं और बच्चों सहित 32000 लोगों ने पूर्वोत्तर राज्य में शरण ली है। अधिकांश शरणार्थी राहत शिविरों और सरकारी भवनों में रहते हैं, जबकि कई अन्य को उनके रिश्तेदारों ने ठहराया है और बड़ी संख्या में म्यांमारवासी किराए के घरों में रह रहे हैं। पूर्वी मिजोरम के छह जिले चम्फाई, सियाहा, लांगतलाई, सेरछिप, हनाथियाल और सैतुअल- म्यांमार के चिन राज्य के साथ 510 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली और पहाड़ी सीमा साझा करते हैं। असम राइफल्स जो 1643 किलोमीटर लंबी भारत-म्यांमार सीमा की रक्षा करती है, सीमा पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है।

(इनपुट: आईएएनएस)

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