भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट के बीच बुधवार को अधिकृत डीलरों के लिए कई नए निर्देशों की घोषणा की। ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। केंद्रीय बैंक ने एक अधिसूचना में कहा कि अधिकृत डीलर यानी विदेशी मुद्रा लेनदेन की अनुमति वाले बैंक अब रुपये से जुड़े नॉन-डिलीवेरेबल डेरिवेटिव (NDD) अनुबंधों की पेशकश निवासी और अनिवासी ग्राहकों के लिए नहीं कर सकेंगे।
नॉन-डिलीवेरेबल सौदे नहीं कर सकेंगे ग्राहक
हालांकि, अधिकृत डीलर बैंकों को डिलीवेरेबल विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव अनुबंध पेश करने की अनुमति जारी रहेगी, ताकि ग्राहक जोखिम से बचाव की अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें। इसके साथ ये शर्त है कि ग्राहक इसके समानांतर नॉन-डिलीवेरेबल सौदे नहीं कर सकेंगे।
डीलर बैंकों पर 'संबंधित पक्षों' के साथ विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव सौदे करने से रोक
आरबीआई ने ये भी निर्देश दिया कि अधिकृत डीलर बैंक ऐसे किसी भी विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव अनुबंध को दोबारा बुक नहीं कर सकेंगे, जिसे इन निर्देशों के लागू होने के बाद रद्द किया गया हो। नियमों के अनुपालन के लिए बैंक ग्राहकों से आवश्यक जानकारी या दस्तावेज मांग सकते हैं। इसके अलावा, डीलर बैंकों को अपने 'संबंधित पक्षों' के साथ किसी भी तरह के विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव सौदे करने से रोक दिया गया है।
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की नेट ओपन पोजीशन पर 10 करोड़ डॉलर की सीमा
'संबंधित पक्ष' की परिभाषा भारतीय लेखा मानक (इंड एएस) 24 या अंतरराष्ट्रीय मानक (आईएएस) 24 के अनुरूप तय होगी। ये कदम ऐसे समय उठाया गया है जब रुपया हाल ही में कारोबारी सत्र के दौरान 95 रुपये प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी पार कर गया था। इससे पहले, आरबीआई ने अधिकृत डीलर बैंकों के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की नेट ओपन पोजीशन (विदेशी मुद्रा में कुल खरीद और बिक्री के बीच का अंतर) पर 10 करोड़ डॉलर की सीमा भी तय की थी।