भारत ने साल 2025 के आखिर में एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। सरकार ने जानकारी दी है कि जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
शुरुआत में भारत को जापान की E5 शिंकानसेन सीरीज की ट्रेन देनी थी, बाद में प्रोजेक्ट में देरी और जापान में टेक्निकल अपग्रेडेशन के चलते अब भारत को नई पीढ़ी की E10 सीरीज ट्रेन की पेशकश की गई है।
येस बैंक ने शनिवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में SMBC की हिस्सेदारी को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया था, जिसकी वजह से आज बैंक के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी अन्य शर्तों के अधीन है, जिनमें बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रासंगिक प्रावधानों का अनुपालन शामिल है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि जापान अपने देश को कार, ट्रक, चावल और अन्य कृषि उत्पादों सहित कई चीजों के व्यापार के लिए खोल देगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने बताया कि यह समझौता सैंकड़ों हजारों नौकरियां पैदा करेगा।
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को लेकर कई जापानी विजिटर्स भारतीय रेल प्रदर्शनी के आसपास जमा हुए और भारतीय रेल की उत्पत्ति और दशकों में इसके अविश्वसनीय परिवर्तन के बारे में प्रस्तुतियों को उत्सुकता से सुना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान और दक्षिण कोरिया के लिए नए टैरिफ रेट की घोषणा कर दी है। अमेरिकी प्रशासन ने सोमवार को जापान और दक्षिण कोरिया पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया।
शिंकानसेन का अर्थ है- नई मेन लाइन। शिंकानसेन हाई-स्पीड रेल लाइन का एक ग्रुप है, जिन पर जापान की बुलेट ट्रेन दौड़ती हैं।
भारत ने अपने पहले बुलेट ट्रेन रूट के लिए E5 ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई थी, जिसकी टॉप स्पीड 320 किमी प्रति घंटा है।
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि डंपिंग रोधी शुल्क पांच साल की अवधि के लिए लगाया जाएगा। दोनों देश भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं।
जिम्नी वित्त वर्ष 2024-25 में दूसरी सबसे अधिक निर्यात की जाने वाली मारुति सुजुकी कार है। यह कंपनी का दूसरा मॉडल है जिसे इस वित्त वर्ष में अगस्त 2024 में फ्रोंक्स के बाद जापान में निर्यात किया जाएगा।
जापान सेमीकंडक्टर परिवेश के संयुक्त विकास और अपनी ग्लोबल सप्लाई चेन की मजबूती को बनाए रखने के लिए भारत के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला अमेरिका के बाद दूसरा क्वाड पार्टनर है।
जापान के लिए एक और चिंता का विषय कमजोर होती मुद्रा है। हाल ही में अमेरिकी डॉलर लगभग 155 जापानी येन पर कारोबार कर रहा है, जो एक साल पहले 140-येन के स्तर से ऊपर है।
रूस-यूक्रेन और इजरायल-हमास युद्ध के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके चलते कई देशों में जीडीपी की रफ्तार धीमी हो गई है।
सोमवार को दोपहर 2.28 बजे तक Nikkei 225 इंडेक्स 4,186.97 अंकों (11.66%) की भारी-भरकम गिरावट के साथ 31,722.73 अंकों पर कारोबार कर रहा था। पिछले हफ्ते शुक्रवार को भी Nikkei 225 में 5.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
दोनों एयरलाइन के बीच हुए इस समझौते के बाद भारत और जापान आने-जाने वाले पैसेंजर एक ही टिकट पर अपनी फ्लाइट बुक कर सकेंगे।
हाल के वर्षों में जापान में होने वाली ये सबसे बड़ी छंटनियों में से एक है। इसका असर जापान के कॉरपोरेट कल्चर पर होगा, जहां मजबूत श्रम कानूनों के चलते छंटनी होना कोई आम बात नहीं हैं।
बैंक ऑफ जापान ने अपनी पॉलिसी मीटिंग में अल्पकालिक ब्याज दर को निगेटिव 0.1 (-0.1) प्रतिशत से बढ़ाकर 0.1 प्रतिशत कर दिया है। ब्याज दरों में फरवरी 2007 के बाद पहली बार बढ़ोतरी हुई है।
समझौते पर आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव विकास शील और भारत में जापान के राजदूत सुजुकी हिरोशी ने हस्ताक्षर किए। इससे पहले भी जापान भारत की आर्थिक तरक्की में लगातार सहयोग करता रहा है।
जापान और जर्मनी दोनों ने छोटे तथा मझोले आकार के व्यवसायों के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्था का निर्माण किया। जापान के विपरीत जर्मनी ने मजबूत यूरो और मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ठोस आर्थिक कदम उठाए। कमजोर येन भी जापान के लिए नुकसान की वजह बना।
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