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पुष्कर पशु मेला में नगीना नाम की घोड़ी का जलवा, कीमत एक करोड़ रुपए, डाइट जानकर दंग रह जाएंगे

राजस्थान के पुष्कर पशु मेला में नगीना नाम की घोड़ी चर्चा में है। इसके मालिक ने इसकी कीमत एक करोड़ रुपए रखी है। इसकी सुंदरता सभी पशु प्रेमियों का मन मोह रही है।

Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
Published : Oct 26, 2025 04:42 pm IST, Updated : Oct 26, 2025 04:42 pm IST
Nagina Ghodi- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT नगीना घोड़ी

अजमेर: राजस्थान के पुष्कर पशु मेला में एक घोड़ी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस घोड़ी का नाम नगीना है और उसकी ऊंचाई 63.5 इंच है। ये घोड़ी अभी केवल 31 महीने की है लेकिन इसकी कीमत पूरे मेले में चर्चा का विषय बनी हुई है। इसकी कीमत एक करोड़ रुपए है। ये घोड़ी भटिंडा (पंजाब) से आई है।

घोड़ी मालिक ने क्या बताया?

घोड़ी मालिक गौरावाई ने बताया कि वह भटिंडा से पिछले 15 वर्षों से लगातार पुष्कर मेला में आ रहे हैं। वे इस बार पुष्कर मेला में 30 अश्व लेकर आए हैं। सभी एक से एक उम्दा नस्ल के हैं। नगीना घोड़ी मारवाड़ी नस्ल की है।

नगीना नाम की ये घोड़ी पंजाब के अंतराष्ट्रीय अश्व शो में पांच बार विजेता रह चुकी है। इसकी ऊंचाई 63.5 इंच है। देखने में घोड़ी सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है।

अभी नगीना की उम्र महज 31 माह ही है। अब तक इस घोड़ी की कीमत 55 लाख रुपए लग चुकी है लेकिन घोड़ी मालिक गौरावाई इसे इतने कम दाम में बेचने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वह एक करोड़ रुपए से कम में नगीना को नहीं बेचेंगे। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इसका ग्राहक भी आ जाएगा।

नगीना के माता-पिता का नाम भी है दिलचस्प, डाइट भी जानिए

घोड़ी मालिक गौरावाई ने बताया है कि नगीना के पिता का नाम दिलबाग और दादा का नाम काला कांटा है। गौरावाई ने नगीना के भोजन के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि नगीना की डाइट बैलेंस है जिसमें चना, सोयाबीन, कैल्शियम, विटामिन, जिंक, कॉपर आदि सभी का मिश्रण उबाल कर खिलाया जाता है।

पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक का भी सामने आया बयान

पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर सुनील घीया ने बताया कि अभी तक मेले में आने वाले पशुपालकों के लिए ऑनलाइन स्थान मुहैया करवाया गया है। लाइट और पानी की व्यवस्था राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी को निशुल्क दी जा रही है। चिकित्सा सुविधा भी निशुल्क है। अब तक हजारों पशु, मेले में पहुंच चुके हैं, जिसमें ऊंट वंश, गऊ वंश, अश्व वंश आदि शामिल हैं। (इनपुट: अजमेर से राजकुमार वर्मा)

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