राजस्थान के सिरोही शहर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। यहां बाइक से जा रहे एक युवक के गले में अचानक चाइनीज़ मांझे का धागा आ गया। जान बचाने के प्रयास में युवक ने धागा एक हाथ से पकड़ लिया, लेकिन तेज और धारदार मांझे ने पलक झपकते ही युवक की गर्दन और हाथ को चीर दिया। देखते ही देखते युवक के गले और हाथ से खून की धार बहने लगी जिसे देखकर कर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल युवक को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने युवक के गले और हाथ में 7-7 टांके लगाए। डॉक्टरों के अनुसार युवक फिलहाल खतरे से बाहर है, लेकिन चोटें गंभीर बताई जा रही हैं।
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंधित होने के बावजूद चाइनीज मांझा आखिर बिक कैसे रहा है? क्या सिरोही कोतवाली पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से खुलेआम यह जानलेवा धागा बाजारों में उपलब्ध है?
युवक के गले में चाइनीज मांझा फंसना भले ही एक उदाहरण हो, लेकिन हकीकत यह है कि हर दिन न जाने कितने मूक पशु-पक्षी इस धारदार धागे का शिकार बनकर तड़प-तड़पकर दम तोड़ देते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी सवालों के घेरे में है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सिरोही पुलिस-प्रशासन चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा या फिर हर बार की तरह औपचारिकता निभाकर मामले पर इतिश्री कर ली जाएगी।
(रिपोर्ट- विक्रमसिंह करणोत)
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