हिंदू धर्म में सावन माह का अलग ही महत्व है। साथ ही इसी माह में आने वाली एकादशी व्रत का भी खास महत्व है। इसे कामिका एकादशी व्रत के नाम से जाना जाता है। माना जाता है कि कामिका एकादशी का व्रत रखने से जातक की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। बता दें कि एकाधसी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। कुछ पुराणों में तो कामिका एकादशी व्रत करने से श्रेष्ठ संतान प्राप्ति की बात कही गई है तो आइए जाने कि कामिका एकादशी कब रखा जाएगा...
पंचांग के मुताबिक, सावन माह के कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि की शुरुआत 20 और 21 जुलाई की रात 12.12 एएम पर शुरू हो जाएगी, जो 21 जुलाई की रात 09.38 बजे समाप्त होगी। वहीं, व्रत का पारण 22 जुलाई की सुबह 06.12 बजे से 07.05 बजे तक किया जाएगा।
सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर वृद्धि और ध्रुव योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भक्तिभाव से पूजा की जाएगी। साथ ही एकादशी का हर्षोल्लास से व्रत किया जाएगा।
कामिका एकादशी व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस व्रत के पुण्य प्रभाव से ब्रह्म हत्या के दोष से भी मुक्ति मिल जाती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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