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Kailash Mansarovar Yatra: कैलाश मानसरोवर यात्रा कब से कब तक होगी, कैसे करना है रजिस्ट्रेशन? यहां जानें

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Apr 23, 2025 03:03 pm IST,  Updated : Apr 23, 2025 03:12 pm IST

Kailash Mansarovar Yatra: कैलाश मानसरोवर यात्रा पांच सालों के इंतजार के बाद साल 2025 में एक बार फिर शुरू हो रही है। यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां आज हम आपको अपने इस लेख में देंगे।

Kailash Mansarovar Yatra- India TV Hindi
कैलाश मानसरोवर यात्रा Image Source : SOCIAL

Kailash Mansarovar Yatra: कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील को हिंदू धर्म का पवित्र स्थल माना जाता है। हर साल बड़ी संख्या में भक्त कैलाश मानसरोवर की यात्रा करते हैं। हालांकि, 2020 में कोविड-19 संक्रमण के चलते यह यात्रा स्थगित कर दी गई थी। अब 5 सालों के बाद 2025 में जून महीने से कैलाश मानसरोवर की यात्रा शुरू की जाएगी। भगवान शिव के निवास स्थान कहे जाने वाले कैलाश मानसरोवर की यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां आज हम आपको अपने इस लेख में देंगे। 

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025

कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय में हुई बैठक से यह निष्कर्ष निकला था कि साल 2025 में इस यात्रा को फिर से शुरू किया जाए। इस यात्रा के संचालन की जिम्मेदारी कुमाऊं मंडल विकास निगम को दी गई है। यात्रा की शुरूआत दिल्ली से होगी और पिथौरागढ़ के लिपुलेख से होते हुए यात्री कैलाश मानसरोवर पहुंचेंगे।

कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए आपको विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए आपके पास वैध पासपोर्ट, पैन कार्ड, 3 पासपोर्ट साइज की फोटो होनी चाहिए। आवेदन करने के बाद आपको रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होगी। अगर आपने आवेदन की पूरी प्रक्रिया सही तरीके से की है तो आपको मैसेज या ईमेल के माध्यम से इसकी सूचना प्राप्त हो जाएगी।

मानसरोवर यात्रा कब से शुरू होगी?

कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुरुआत 30 जून से होगी। यात्रा में 50-50 व्यक्तियों के कुल पांच दल होंगे। 50 व्यक्तियों का पहला दल 10 जुलाई को लिपुलेख पास से होते हुए चीन में प्रवेश करेगा। वहीं अंतिम दल 22 अगस्त 2025 को चीन से भारत की ओर वापसी करेगा। यानि यात्रा 10 जून से शुरू होकर 22 अगस्त तक चलेगी। यात्रा करने वाला हर दल दिल्ली से रवना होगा। पहला पड़ाव टनकपुर होगा जहां एक रात्रि दल को ठहराया जाएगा। इसके बाद धारचुला में दो रात, गुंजी में दो रात और नाभीढांग में दो रात रुकने के बाद दल कैलाश मानसरोवर क्षेत्र में प्रवेश करेगा। वापसी में बूंदी, चौकोड़ी, अल्मोड़ा होते हुए भक्त दिल्ली पहुंचेंगे। यात्रा का कुल समय 22 दिन है। 

कितने लोग करेंगे यात्रा?

भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार 50-50 के कुल 5 दल कैलाश मानसरोवर की यात्रा करेंगे। यानि कुल मिलाकर 250 लोग। हालांकि कुछ प्राइवेट टूर ऑपरेटर भी कैलाश मानसरोवर यात्री की व्यवस्था करवाते हैं, इसके लिए भी पंजीकरण की प्रक्रिया विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर ही की जाती है। अगर निजी टूर ऑपरेटर के जरिये यात्रा करने वाला हैं तो आवदेन प्रक्रिया में भी वो आपकी मदद कर सकते हैं। 

कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़ी जरूरी बातें 

  • कैलाश मानसरोवर की यात्रा 22 से 25 दिन की होती है। 
  • यात्रा पर डेढ़ से 3 लाख तक का खर्च आ सकता है। 
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आपका शारीरिक रूप से फिट होना जरूरी है। 
  • यात्रा करने वाले के पास एक वैध पासपोर्ट होना आवश्यक है। 

कैलाश मानसरोवर यात्रा के मार्ग

  • लिपुलेख पास: यह मार्ग उत्तराखंड के पिथोरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे से होकर गुजरता है। इस मार्ग में यात्रियों को ट्रैकिंग भी करनी पड़ती है। 
  • नाथुला मार्ग: यह मार्ग सिक्किम में नाथुला दर्रे से होकर जाता है। इस मार्ग में आप कुछ दूरी तक वाहन से भी यात्रा कर सकते हैं। 
  • नेपाल मार्ग: भारत के पड़ोसी राज्य नेपाल से भी कैलाश मानसरोवर की यात्रा की जा सकती है। हालांकि इसपर खर्च थोड़ा अधिक आता है। 

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