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Premanand Ji Maharaj Quotes In Hindi: हर पल जपो प्रभु का नाम, यही है श्रेष्ठ भजन – पढ़ें प्रेमानंद महाराज के जीवन बदल देने वाले विचार

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Nov 10, 2025 06:55 am IST,  Updated : Nov 10, 2025 07:52 pm IST

Premanand Ji Maharaj Quotes In Hindi: साधु-संतों की अनमोल बातें जीवन को सही राह दिखाती हैं और मन की सारी चिताएं दूर कर देती हैं। प्रेमानंद महाराज के भी कई ऐसे दिव्य विचार हैं तो आपके अंदर की सारी नकारात्मकता को दूर कर देंगे जिससे जीवन सफलता और सुख से भर जाएगा।

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हर कार्य करते समय नाम जप करना श्रेष्ठ भजन है - प्रेमानंद महाराज जी Image Source : CANVA

Premanand Ji Maharaj Quotes In Hindi: आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे संतुष्टि की प्राप्ति हो गई होगी। बस हर कोई अपने को श्रेष्ठ बनाने में लगे हुआ है और इस कारण मन हमेशा विचलित और परेशान रहता है। हम अक्सर ऐसा सोचते हैं कि अगर ये मिल गया तो हमारा जीवन सुख से भर जाएगा और जब वो चीज पा लेते हैं तब भी हमें शांति नहीं मिलती। इसके बाद मन कुछ ओर पाने की चाह करने लगता है। ऐसे में प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि नाम जप और भगवान का चिंतन ही एक मात्र ऐसा उपाय है जो आपके जीवन में आनंद और संतोष ला सकता है। चलिए जानते हैं प्रेमानंद महाराज के वो दिव्य विचार जो आपको जीवन का असल महत्व बताएंगे और आपकी सोच बदलकर रख देंगे। 

प्रेमानंद जी महाराज के अनमोल विचार (Premanand Ji Maharaj Quotes In Hindi)

  1. हर कार्य करते समय नाम जप करना श्रेष्ठ भजन है।
  2. अध्यात्म मार्ग में आपका एक ही सच्चा साथी है आपके गुरुदेव।
  3. भगवान केवल अपनेपन से ही प्राप्त होता है
  4. चित्त में भय आना पूर्व के पापों का फल है।
  5. अध्यात्म की ऊंचाई का आधार आपकी सहनशक्ति है
  6. प्रभु के भरोसे से बढ़कर कोई साधना नहीं।
  7. चतुर भक्त भगवान को चाहता है भगवान से नहीं।
  8. सत्संग, अध्यात्म और भगवान के बिना कहीं भी चैन नहीं मिलेगा।
  9. भगवान की माया से भी बढ़कर भगवान का नाम है।
  10. वही निश्चिंत हो सकता है जो भगवान में चित्त जोड़े हुए है।
  11. पाप कर्म बढ़ जाने पर भगवान का चिंतन नहीं होता।
  12. यदि नाम, प्रतिष्ठा और पद की चाह है तो ह्रदय अभी मलीन है।
  13. मन की इच्छाओं पर शासन करना है तो नाम जप करना ही होगा।
  14. भजन कैसे चल रहा है और कितना चल रहा है ये गुप्त रखो।
  15. दूसरे से अपने तुलना करने पर अहंकार बना ही रहता है।

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