Shani-Surya Yuti: सूर्य ग्रह 15 मार्च को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर कर जाएंगे। मीन राशि में शनि ग्रह पहले से ही विराजमान हैं ऐसे में मीन राशि में सूर्य और शनि की युति होगी। ज्योतिष में इस युति को शुभ नहीं माना जाता। इस युति के चलते कुछ राशियों को पारिवारिक और सामाजिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आज हम आपको इन्हीं राशियों के बारे में जानकारी देंगे।
आपके सप्तम भाव में शनि और सूर्य की युति होगी। यह भाव विवाह और साझेदारी का कारक माना जाता है। शनि-सूर्य का आपके इस भाव में होना वैवाहिक जीवन में हलचल मचा सकता है। पार्टनर के साथ कहासुनी हो सकती है या गलतफहमियां पैदा हो सकती है। इस दौरान आपको बोलने से ज्यादा अपने पार्टनर को सुनना और समझना चाहिए, ऐसा करने से रिश्ते में अलगाव की स्थिति नहीं बनेगी। इस राशि के लोगों को सामाजिक स्तर पर भी संभलकर चलने की आवश्यकता होगी। साझेदारी में कारोबार करते हैं तो धन के मामलों में सतर्कता बरतें।
आपके चतुर्थ भाव में शनि और सूर्य की युति होगी। चतुर्थ भाव को ज्योतिष में सुख का कारक माना जाता है। वहीं इस भाव में सूर्य-शनि का होना पारिवारिक जीवन की खुशियों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। माता-पिता के साथ किसी बात को लेकर मतभेद पैदा हो सकते हैं, आपको अपनी मर्यादा की सीमा में रहकर माता-पिता से बात करनी चाहिए वरना स्थितियां बिगड़ सकती हैं। सामाजिक स्तर पर बातचीत सोच-समझकर करें आपकी बातों का गलत मतलब निकाला जा सकता है जिससे आपकी छवि खराब हो सकती है।
शनि के स्वामित्व वाली कुंभ राशि के जातकों के द्वितीय भाव में सूर्य और शनि युति करेंगे। यह भाव आपके कुटुंब और धन का कारक होता है। सूर्य-शनि के इस भाव में होने से पारिवारिक संपत्ति को लेकर घर के लोगों के साथ विवाद पैदा हो सकते हैं इसलिए संभलकर रहें। गलत संगति से आपको बचकर रहना होगा नहीं तो समाजिक स्तर पर आपका नाम खराब हो सकता है। सेहत को लेकर भी सतर्क रहने की आपको आवश्यकता होगी। इस दौरान धन का निवेश करने से पहले सोच-विचार अवश्य कर लें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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