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Anahat Singh CWG 2022: 14 साल की अनाहत सिंह की आंखों में बड़े सपने, नौवीं में पढ़ने वाली ने जीता पहला मैच

 Published : Jul 30, 2022 05:14 pm IST,  Updated : Dec 14, 2022 08:43 pm IST

Anahat Singh CWG 2022: अनाहत ने स्क्वॉश महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 64 मुकाबले में खुद से कई साल बड़ी सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस के जेडा रॉस को लगातार तीन गेमों में 3-0 हराया। वह सिर्फ 14 साल की हैं लेकिन उनके सपने काफी बड़े हैं।

Anahat Singh- India TV Hindi
Anahat Singh Image Source : PTI

Highlights

  • अनाहत सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की सबसे कम उम्र की एथलीट
  • अनाहत ने स्क्वॉश में जीता अपना राउंड ऑफ 64 मुकाबला
  • नौवीं में पढ़ने वाले अनाहत के बड़े सपने

Anahat Singh CWG 2022: कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 की मेडल टैली पर अपनी छाप छोड़ने के लिए भारतीय दल का सफर शुरू हो चुका है। भारतीय दल में शामिल तमाम सुपरस्टार और अनुभवी एथलीट्स के बीच एक 14 साल की बच्ची भी मौजूद है जिसकी आंखों में देश को गौरवान्वित करने के सपने झिलमिला रहे हैं। 14 साल की अनाहत सिंह नौवीं में पढ़ती हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू कर रही हैं। वे मल्टी स्पोर्ट इवेंट में हिस्सा लेने वाली भारत की सबसे कम उम्र की एथलीट हैं।  

अनाहत ने शुक्रवार को स्क्वॉश महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 64 मुकाबले में खुद से कई साल बड़ी सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस के जेडा रॉस को लगातार तीन गेमों में 3-0 हराया। भारतीय प्लेयर ने पहला गेम 11-5 और दूसरा गेम 11-2 से जीता जबकि तीसरे गेम में तो विरोधी प्लेयर अनाहत के सामने खाता तक नहीं खोल सकीं। सिंह ने तीसरे गेम को 11-0 से अपने नाम किया।

अनाहत ने नेशनल ट्रायल्स में बेहतरीन प्रदर्शन करके सेलेक्टर्स को प्रभावित किया जिससे उन्होंने बर्मिंघम की टिकट हासिल की। राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण कर रही विलक्षण प्रतिभा वाली अनाहत ने इससे पहले कभी किसी बड़े टूर्नामेंट में शिरकत नहीं की। अपनी इस स्थिति पर उन्होंने कहा, “मैं अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कैंप को शेयर करने को लेकर चिंतित थी, लेकिन वे सब बहुत अच्छे हैं, उन सबने मेरी खूब मदद की।”

आपको जानकर हैरानी होगी कि स्क्वॉश इस बच्ची की पसंद का पहला खेल नहीं था। छह साल की उम्र तक अनाहत को बैडमिंटन खेलने में ज्यादा आनंद आता था। धीरे-धीरे स्क्वॉश से मिलने वाले रोमांच ने उन्हें आकर्षित किया और आठ साल की उम्र से उन्होंने इसे खेलना शुरू किया। उन्होंने अपनी बहन अमीरा के साथ दिल्ली से सिरी फोर्ट में स्क्वॉश खेलना शुरू किया।   

अनाहत कहती हैं, “मैं अपनी बहन के साथ 15 से 20 मिनट तक ट्रेनिंग करती थी। मैं स्क्वॉश को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं थी क्योंकि मैं बैडमिंटन पर फोकस कर रही थी। मेरी बहन अमीरा बंगाल में हो रहे एक स्क्वॉश टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही थी जहां मैं भी साथ गई और हिस्सा भी लिया। इस खेल में मेरा प्रदर्शन अच्छा होता गया लिहाजा मैं इसको लेकर गंभीर हो गई।”

जैसे ही अनाहत को इस खेल से प्यार हुआ, उन्होंने तुरंत प्रोफेशनल कोचिंग लेनी शुरू कर दी और पूरे भारत के अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगीं। अनाहत अब तक कुल 46 टाइटल्स जीत चुकी हैं जिनमें 2 नेशनल टाइटल और 8 इंटरनेशनल टाइटल शामिल हैं। खास बात ये कि अनाहत ब्रिटिश जूनियर ओपन 2019 और 2021 में यूएस जूनियर स्क्वॉश ओपन जीतने वाली पहली महिला एथलीट हैं।

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