पानी की खपत घटाने के लिए ड्रिप और स्प्रिंक्लर इरिगेशन सिस्टम को बढ़ावा देने की योजना
इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने 23 मई 2020 को सभी ऋण देने वाली संस्थाओं को कर्ज की किस्तों के भुगतान से छूट (मोराटोरियम) को तीन महीने बढ़ाने की स्वीकृति दी थी।
टिड्डियों के हमले का सबसे ज्यादा असर राजस्थान में
नीति अयोग का चालू वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3 प्रतिशत रहने का अनुमान
कोविड-19 की वजह से लागू राष्ट्रव्यापी बंद को देखते हुए बढ़ाया गया समय
फसल वर्ष 2020-21 के दौरान खरीफ सत्र में 14.99 करोड़ टन और रबी सत्र में 14.84 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने कोरोनावायरस (कोविड-19) के बढ़ते प्रकोप मद्देनजर किसानों को अनजान श्रमिकों से काम नहीं लेने की सलाह दी है।
देश के विभिन्न इलाकों खासतौर से उत्तर भारत में हो रही बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और चना जैसी रबी फसलों को नुकसान हो सकता है।
सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए इसे किसानों के लिए वैकल्पिक बना दिया है।
पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान के रेगिस्तानी इलाकों से आये टिड्डियों के झुंडों ने बनासकांठा, मेहसाणा, कच्छ, पाटन और साबरकांठा जिलों में, सरसों, अरंडी, सौंफ, जीरा, कपास, आलू, गेहूं और जतरोफा जैसी फसलों पर हमला किया।
महाराष्ट्र के पालघर जिले में पचास साल के एक किसान ने 29 अक्टूबर को कीटनाशक दवा खाकर आत्महत्या कर ली।
फसल वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) के चालू खरीफ सत्र में बोई जाने वाली फसलों का रकबा 1,054.13 लाख हेक्टेयर पर अपरिवर्तित बना रहा।
कम बारिश के चलते खरीफ मौसम की सभी फसलों की बुवाई में गिरावट आयी है। कृषि मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक खरीफ के मौसम में धान का रकबा 223.5 लाख हेक्टेयर और दलहन का रकबा 105.14 लाख हेक्टेयर रहा है।
देशभर में खरीफ फसलों की बुवाई चालू सीजन में पिछले साल से तकरीबन 9 फीसदी पिछड़ी हुई है।
प्याज की कीमतों में आई तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार इसके निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए जो सब्सिडी दे रही थी उसे अब बंद करने की घोषणा की गई है।
पराली जलाने पर अड़े पंजाब, हरियाणा के किसान, दिल्ली-एनसीआर तक आ सकता है धुआं | किसानों के पराली जलाने से दिल्ली-एनसीआर में बढ़ सकती है धुंध |
इस मानसून सत्र में बारिश सामान्य से कम रहने के बावजूद सरकार ने फसल वर्ष 2018-19 में 28.52 करोड़ टन अनाज उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज कहा कि सरकार जल्द ही एक नई प्रणाली लाएगी ताकि किसानों को उस हालत में उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित किया जा सके, जिसमें बाजार कीमत मानक दर से कम हो जाती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों की मदद के लिए चलाई जा रही फसल बीमा योजनाओं में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग फसलों के प्रीमियम निर्धारण को तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।
पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में कई जगह आग से जली किसानो की फसल.
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