भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के मुताबिक 20 फरवरी को खत्म हुए हफ्ते के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2.119 अरब डॉलर बढ़कर 723.608 अरब डॉलर हो गया।
विदेशी मुद्रा भंडार वह धनराशि और परिसंपत्तियां होती हैं, जिन्हें किसी देश का केंद्रीय बैंक (भारत में भारतीय रिज़र्व बैंक) विदेशी मुद्राओं और अन्य अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों के रूप में अपने पास सुरक्षित रखता है। इसका मकसद देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, मुद्रा की स्थिरता सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन और
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया कि 19 दिसंबर को खत्म सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.368 अरब डॉलर बढ़कर 693.318 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले के सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 1.689 अरब डॉलर बढ़कर 688.949 अरब डॉलर पर पहुंचा था।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को बताया कि 12 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.689 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 688.949 अरब डॉलर हो गया।
भारत ने एक नया ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ताजा विदेशी विनिमय भंडार डेटा के अनुसार, भारत के सोने के भंडार ने पहली बार 100 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, 3 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 276 मिलियन डॉलर की गिरावट आई और यह 699.96 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों में यह ताजा रुझान सामने आया है। किसी भी देश में विदेशी मुद्रा भंडार वह विदेशी मुद्रा और सोने जैसी संपत्ति है जो उस देश का केंद्रीय बैंक अपने पास रखता है।
दुनिया के कई देशों के पास काफी बड़ा स्वर्ण भंडार है, जिसमें टॉप पर अमेरिका है और दूसरे नंबर पर जर्मनी है। भारत का नंबर कौन सा है और कौन हैं वो टॉप 10 देश जिनके पास सबसे ज्यादा सोना है, जानिए...
डॉलर मूल्य में व्यक्त इन परिसंपत्तियों में यूरो, पाउंड, येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की मूल्य में उतार-चढ़ाव का भी असर शामिल होता है।
केंद्रीय बैंक 1991 के आर्थिक संकट के बाद सोने का भंडार कई गुणा बढ़ा चुका है। आरबीआई के पास अभी लगभग 870 टन सोना है।
इससे पहले 16 मई को खत्म हुए सप्ताह में देशी का विदेशी मुद्रा भंडार 4.89 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट के बाद 685.73 अरब डॉलर हो गया था।
16 मई को खत्म हुए हफ्ते में देश का स्वर्ण भंडार यानी गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 5.12 अरब डॉलर की भारी-भरकम गिरावट के साथ 81.22 अरब डॉलर रह गई।
पिछले साल सितंबर, 2024 के आखिर में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 704.89 अरब डॉलर के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया था।
सितंबर, 2024 के अंत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 704.89 अरब डॉलर के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया था।
बीते 4 अप्रैल को खत्म सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 10.872 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 676.268 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। सितंबर 2024 में विदेशी मुद्रा भंडार 704.885 अरब अमेरिकी डॉलर के अब तक के सबसे टॉप लेवल को छू गया था।
4 अप्रैल को खत्म सप्ताह के लिए, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, जो भंडार का एक प्रमुख कम्पोनेंट है, 9.074 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 574.088 अरब अमेरिकी डॉलर हो गईं।
सितंबर 2024 के आखिर में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 704.885 अरब अमेरिकी डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
बीते लंबे समय से पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली सामने आ रख है। हालांकि, अब कुछ ऐसा हुआ है जिससे पाकिस्तान मालामाल हो सकता है। पाकिस्तान ने अटक में 28 लाख तोला सोना खोजने का दावा किया है।
डब्ल्यूजीसी ने कहा कि आरबीआई द्वारा की गई यह खरीद 2023 की इसी अवधि की तुलना में पांच गुना बढ़ोतरी को दर्शाती है। डब्ल्यूजीसी ने आगे कहा कि उभरते बाजार के केंद्रीय बैंकों ने बाजार पर अपना दबदबा बनाए रखा है, जिसमें तुर्की और पोलैंड ने जनवरी-अक्टूबर 2024 तक क्रमशः 72 टन और 69 टन अपने स्वर्ण भंडार में जोड़े हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 15 नवंबर को खत्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 15.55 अरब डॉलर घटकर 569.83 अरब डॉलर हो गई।
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