ईरान पर हुए इस हमले की वजह से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है और निवेशक बड़े पैमाने पर बिकवाली कर सकते हैं।
ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है। तनाव की स्थिति में सप्लाई चेन बाधित होने की चिंता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जो भारत पर काफी बुरा असर डालेगा।
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि हाल की खरीदारी को वैश्विक वृहद चिंताओं में कमी, खासकर अमेरिका के नरम महंगाई आंकड़ों से समर्थन मिला है। इससे, एफपीआई की भारत समेत उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता बेहतर हुई है।
लापता छात्र की तलाश पुलिस कई दिनों से कर रही थी और शनिवार को उसका शव मिला। भारतीय दूतावास ने कहा है कि छात्र का शव जल्द ही उसके घर लाया जाएगा।
अमेरिका में कर्नाटक निवासी 22 वर्षीय एक छात्र लापता हो गया है। वह अमेरिका से स्नात्तकोत्तर की पढ़ाई कर रहा था। भारतीय दूतावास ने घटना पर गहरी चिंता जाहिर की है।
अमेरिका के सिएटल में 2 साल पहले एक सड़क हादसे में मृत हुई जाह्नवी कंडुला के परिवार को 262 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला है।
रूस के ऊफा मेडिकल यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना में चार भारतीय छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। भारतीय दूतावास ने भी 4 भारतीय छात्रों के घायल होने की पुष्टि की है।
भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए बड़ी खबर आई है। इंडियन सुपर लीग के नए सीजन का आगाज होने जा रहा है। खेल मंत्री ने यह जानकारी दी।
कनाडा में दो हफ्ते के दौरान 2 भारतीयों की हत्या से दहशत फैल गई है। दोनों ही हत्याएं टोरंटों मे हुई हैं। ताजा घटना में 20 साल के एक छात्र को टोरंटो विश्वविद्यालय के पास गोली मार दी गई।
FPIs ने सितंबर में 23,885 करोड़ रुपये, अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचकर पैसे निकाले थे।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सितंबर में 23,885 करोड़ रुपये, अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसे निकाले गए थे।
अमेरिका में 24 वर्षीय भारतीय छात्रा की आग में झुलसने से मौत हो गई है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार में 14,610 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
अमेरिका में राजलक्ष्मी की मौत की खबर मिलने के बाद से ही उसका परिवार और दोस्त गहरे सदमे में हैं। मौत का सही कारण जानने के लिए अमेरिका में राजलक्ष्मी के शरीर की मेडिकल जांच चल रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट AI उछाल के अंत का संकेत नहीं, बल्कि एक स्वस्थ सुधार है। अब निवेशक उन कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे जिनके पास वास्तविक, टिकाऊ AI समाधान हैं, न कि केवल वे जो AI के प्रचार पर सवार हैं।
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा बिकवाली के बावजूद स्थितियां धीरे-धीरे भारत के पक्ष में हो सकती हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये बिकवाली वैश्विक और घरेलू कारकों, दोनों कारणों से हुई है। अगस्त की बिकवाली फरवरी के बाद सबसे तेज थी।
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने इस महीने (14 अगस्त तक) शेयरों से 20,975 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की है। इससे पहले जुलाई में उन्होंने स्थानीय शेयर बाजार से 17,741 करोड़ रुपये निकाले थे।
क्रिस्टोफर वुड ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाना, भारतीय इक्विटी बेचने का कोई कारण नहीं है बल्कि ये भारतीय इक्विटी खरीदने का एक कारण है।
राहुल छिल्लर दिल्ली के रहने वाले हैं, और सस्केचेवान पॉलिटेक्निक में पढ़ाई पूरी करने के लिए कनाडा गए थे। दीक्षांत समारोह उनके लिए सिर्फ डिग्री लेने का मौका नहीं था, बल्कि अपनी जड़ों को दुनिया के सामने लाने का अवसर था।
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