एमएसएमई सेक्टर के लिए भी बजट में कई बड़े ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री ने छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। आइये जानते हैं एमएसएमई सेक्टर के लिए इस बार बजट में क्या है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बैंक 4 अलग-अलग कैटेगरी- शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस में लोन देने मुहैया कराते हैं।
एंबिट फिनवेस्ट का कहना है कि यह पार्टनरशिप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को लोन तक एक्सेस आसान बनाएगा। कंपनी इस पार्टनरशिप के जरिये, एमएसएमई के व्यापक क्षेत्र तक पहुंचने की तैयारी में हैं।
एमएसएमई लोन कारोबार विस्तार, ऑपरेशनल खर्च और दूसरी वित्तीय जरूतों के लिए जरूरी फंड उपलब्ध करते हैं। यह लोन वित्तीय सहायता प्रदान करके, छोटे व्यवसायों की वित्तीय बाधाओं को दूर करने में मदद करते हैं।
फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर का एक विशेष रूप है, जिसमें बहुमंजिला इमारतें होती हैं, जिन्हें मैन्यूफैक्चरिंग, असेंबली और स्टोरेज ऑपरेशंस के लिए उपयुक्त इंडिविजुअल यूनिट्स में विभाजित किया जाता है।
अडानी ग्रुप का यह निवेश स्मार्ट-मीटर, हाइड्रो पंप स्टोरेज, पावर ट्रांसमिशन, सड़क एवं राजमार्ग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स के साथ ही ‘स्किलिंग एवं वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर’ के माध्यम से क्षमता-निर्माण का विस्तार करेगा।
मुकेश अंबानी ने कहा कि हम उत्तर-पूर्व में अपने 4.5 करोड़ बहनों और भाइयों में से अधिकांश के जीवन को छूने की आकांक्षा रखते हैं। हम क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले एफएमसीजी उत्पादों के लिए कारखानों में भी निवेश करेंगे और क्षेत्र की शानदार कारीगर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे।
गौतम अडानी ने कहा कि उनका ग्रुप पूर्वोत्तर राज्यों में 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगा। यह निवेश अगले 10 साल में किया जाएगा।
एमएसएमई को मशीनरी व उपकरण खरीदने के लिए बिना किसी गारंटी या तीसरे पक्ष की गारंटी के ‘टर्म लोन’ की सुविधा देने के लिए एक ऋण गारंटी योजना शुरू की जाएगी।
तेलंगाना सरकार ने राज्य में सूक्ष्म लघु, मध्यम और उद्यमों को विकसित करने के लिए विभिन्न पहलों पर अगले पांच वर्षों में 4,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है।
एमएसएमई तथा पारंपरिक कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने उत्पादों को बेचने में सक्षम बनाने के लिए पीपीपी मोड में ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
World MSME Day 2023: आज के समय में केंद्र सरकार MSME सेक्टर के छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रयास कर रही है। बिना गारंटी के लोन देने से लेकर आसान इकोसिस्टम मुहैया कराने तक का काम सरकार के नेतृत्व में किया जा रहा है।
Good News For MSME Sector: भारत में अगर अधिक से अधिक रोजगार पैदा करनी है तो सबसे पहले सरकार को MSME सेक्टर को मजबूत करना होगा। सरकार अब इस बात को अच्छे से समझ चुकी है। उसे सरकार के तरफ से एक बूस्टर डोज दिया गया है। आइए पूरी खबर जानते हैं।
आम बजट- 2023 को सरकार ने संसद में पेश कर दिया है, जहां वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी सेक्टर को ध्यान में रखकर इस बजट को संसद में पेश किया है। वहीं MSME सेक्टर को सरकार ने बड़ा समर्थन दिया है।
देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के मापदंड बदले गए हैं। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए कई उपायों की घोषणा की।
उत्तर प्रदेश सरकार अपनी बहुचर्तित योजना 'एक जिला, एक उत्पाद' (ओडीओपी) को प्रदेश के 75 जिलों में और तेजी से बढ़ावा देगी। इसके लिए हर माह एक उद्यमी सम्मेलन कराए जाने का निर्णय लिया है और इसके लिए पूरी तैयारी की जा रही है।
सरकार को देश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करने के लिये पर्यटन, रीयल एस्टेट और कपड़ा क्षेत्र पर अधिक ध्यान देना चाहिये।
सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उपक्रमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को कहा कि वे एमएसएमई को होने वाली दिक्कतों के समाधान के लिए महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी की नियुक्ति करें।
सेबी के पूर्व अध्यक्ष यू.के. सिन्हा के नेतृत्व वाली आरबीआई की एक समिति ने छोटे कारोबारों के लिए 5,000 करोड़ रुपये का एक संकट निधि बनाने की सिफारिश की है।
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