देश के सबसे बड़े तेल और गैस उत्पादक ओएनजीसी ने जुलाई के दौरान 16 लाख टन कच्चे तेल का उत्पादन किया। ये पिछले साल के मुकाबले 4 प्रतिशत कम है
भारत में ज्यादातर क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस का उत्पादन अपस्ट्रीम उत्पादकों के लिए घाटे का सौदा बना हुआ है।
इसके साथ ही खरीदार कंपनियों को उतनी गैस लेनी होगी जितने को लेकर उन्होंने प्रतिबद्धता जतायी है। ऐसा नहीं करने पर इस्तेमाल नहीं की गई गैस के लिये भुगतान करने की शर्त
प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, इस्पात और सीमेंट क्षेत्र के खराब प्रदर्शन की वजह से बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में गिरावट आई है। नवंबर, 2019 में आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 0.7 प्रतिशत बढ़ा था।
रिलायंस-बीपी ने 18 दिसंबर को एशिया की सबसे गहरी परियोजना आर-क्लस्टर से उत्पादन की घोषणा की थी। यह उन तीन गहरे समुद्र की परियोजनाओं में से है जिनका विकास दोनों कंपनियों पूर्वी अपतटीय ब्लॉक में कर रही हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में सीएनजी तथा पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) की कीमतों में कटौती की गई है।
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सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल इंडिया लिमिटेड का गैस उत्पादन भी 10 प्रतिशत घटकर 20.20 करोड़ घनमीटर रह गया।
ब्लॉक पर ओएनजीसी की 5 अरब डॉलर निवेश करने की योजना
वैश्विक स्तर पर दाम में नरमी के साथ देश में प्राकृतिक गैस की कीमतों में अप्रैल से 25 प्रतिशत की कटौती हो सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
देश की सबसे बड़ी गैस कंपनी गेल इंडिया लिमिटेड की राष्ट्रीय गैस पाइपलाइन ग्रिड और शहरी गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार में अगले पांच साल में 45,000 करोड़ रुपए से अधिक निवेश करेगी।
सरकार ने कोल इंडिया को अगले दो- तीन साल के दौरान कोयला खदानों से कम से कम प्रतिदिन 20 लाख घनमीटर प्राकृतिक गैस उत्पादन करने को कहा है।
भारत ऊर्जा संसाधनों के उपभोग में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिये गैस आपूर्ति और वितरण बुनियादी ढांचे को विकसित करने में 60 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर रहा है।
पीपीएसी की अधिसूचना में कहा गया है कि सरकार ने मुश्किल क्षेत्रों से उत्पादिन गैस के दाम को सरकार ने 9.32 डॉलर से घटाकर 8.43 डॉलर प्रति एमबीटीयू कर दिया है।
सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) ने अपने घरेलू और वैश्विक तेल क्षेत्रों से तेल और गैस उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही कंपनी ने रिफाइनिंग क्षमता तीन गुनी करने और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रखने की योजना बनायी है। कंपनी ने 2040 के लिये दृष्टिकोण पत्र में ये लक्ष्य तय किये हैं।
प्राकृतिक गैस के उपयोगकर्ता अक्सर यह शिकायत करते रहे हैं कि अपने ईंधन के परिवहन के लिए वे 11,551 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं।
यह प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगातार चौथी वृद्धि होगी। हर छह महीने में कीमतों को संशोधित किया जाता है।
नई कीमतें पुरानी कीमतों से लगभग 10 प्रतिशत ज्यादा है
विदेशी बाजार में तेजी के चलते सरकार देश में उत्पादित प्राकृतिक गैस के दाम अक्टूबर से 14 प्रतिशत से अधिक बढ़ा सकती है। इस कदम से जहां खुदरा सीएनजी और पीएनजी महंगी हो सकती है, वहीं बिजली और यूरिया उत्पादन की लागत भी बढ़ेगी।
वस्तु एवं सेवा कर (GST) से जुड़े फैसले लेने वाला शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद इस सप्ताह विमान ईंधन (ATF) को जीएसटी के दायरे में लाने का विचार कर सकता है लेकिन कर स्लैब इसमें बाधा खड़ा करने का काम कर रही है।
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