महिलाओं को हर महीने पीरियड्स के दर्द से गुजरना पड़ता है ऐसे में भारत में पीरियड्स लीव पॉलिसी पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। अब कर्नाटक सरकार ने भी महिला कर्मचारियों के लिए एक नई पॉलिसी मंजूर की है।
भारत में पीरियड्स लीव पॉलिसी पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। अब कर्नाटक में भी सरकारी और प्राइवेट, दोनों ही सेक्टर में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को एक दिन का मासिक धर्म अवकाश मिलेगा।
पीसीओएस में सही खान पान बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर भोजन पर ध्यान न दिया जाए तो लक्षण और गंभीर हो सकते हैं।
पीरियड्स का आपकी प्रजनन क्षमता से गहरा संबंध है, लेकिन हर बार पीरियड्स मिस होने का मतलब प्रेग्नेंसी नहीं होता। सवाल यह है कि पीरियड्स आपकी प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करते हैं?
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक स्कूल में शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां छात्राओं की जबरन कपड़े उतरवाकर जांच की गई, क्योंकि स्कूल के बाथरूम में खून के धब्बे पाए गए थे।
पीरियड्स होने पर महिलाएं सेनेटरी पैड, टैम्पोन और मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन अक्सर कई महिलाओं का यह सवाल होता है कि मासिक धर्म के दौरान हाइजीन के लिहाज से इनमें से किसका इस्तेमाल करना ज़्यादा बेहतर होता है।
आजकल कई कारणों से कम उम्र में ही पीरियड्स होने लगे हैं। 9 से 12 वर्ष की बच्चियों के भी पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। ऐसा क्यों हो रहा है और इससे बचने के उपाय क्या हैं चलिए डॉक्टर से जानते हैं
तमिलनाडु के एक स्कूल ने शिक्षा के मंदिर को शर्मशार करने वाली हरकत की है। स्कूल ने परीक्षा के दौरान एक दलित बच्ची को क्लास से बाहर बिठाया, जिसकी शिकायत अब कलेक्टर से की गई है।
कंपनी के चेयरमैन ने कहा कि इस घोषणा को लागू किए जाने के तौर-तरीके का सटीक विवरण जल्द ही संबंधित अधिकारियों द्वारा तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये घोषणा सिर्फ मूल कंपनी एलएंडटी की महिला कर्मचारियों पर ही लागू होगी और फाइनेंशियल सर्विस या टेक्नोलॉजी में लगी इसकी सब्सिडरी कंपनियों पर ये लागू नहीं होगी।
आजकल महिलाओं के जीवनशैली में काफी बदलाव आया है जिसके परिणामस्वरूप उनके पीरियड्स कई बार समय पर नहीं आ पाते हैं और यह गंभीर समस्या का रूप ले सकती है।
हार्मोन में गड़बड़ी के कारण पीसीओडी में महिलाओं का पीरियड अनियमित हो जाता है और वजन बढ़ने लगता है और हेयर फॉल होने लगता है। जहां सिर के बाल झड़ने शुरू होते हैं वहीं पूरे शरीर पर बहुत ज़्यादा बाल आने लगते हैं। ऐसे में जानें पीसीओडी में महिलाओं के पूरे शरीर पर कड़क बाल क्यों आते हैं और बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
पीरियड क्रैंप्स से मिलेगी राहत, बस अपना लीजिए दादी-नानी के ये देसी नुस्खे home remedies to get relief from period cramps how to get rid of period pain naturally
दो दिन में ही खत्म हो जाते हैं पीरियड्स, फ्लो को नॉर्मल करने के लिए क्या करें? blood flow not normal during periods end within two days know what to eat to normalize the flow
महिलाओं के लिए बड़ी खबर है। अब आपको पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्या से आफिस के कारण दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। ओडिशा सरकार ने राज्य में पीरियड्स के दौरान पेड लीव का ऐलान किया है।
लॉ यूनिवर्सिटी ने पीरियड्स लीव को लेकर बड़ी पहल की है। यूनिवर्सिटी ने अपनी मासिक धर्म अवकाश नीति लागू की है जो इस वर्ष एक जुलाई से प्रभावी हो गई है। छात्राओं के लिए यह छुट्टी अनिवार्य नहीं होगी, यदि वे चाहें तो ही इसके लिए आवेदन कर सकती हैं।
पीरियड्स का असर हर महिला पर अलग तरीके से हो सकता है। लेकिन अगर आपको पीरियड्स में इस तरह के लक्षण नजर आ रहे हैं तो आपको इन्हें इग्नोर करने की गलती नहीं करनी चाहिए।
अगर आप भी चाहती हैं कि आप पीरियड्स के दिनों में भी स्वस्थ और एनर्जेटिक महसूस करें इसलिए आपको अपनी जीवनशैली में हल्के फुल्के बदलाव करने होंगे। इसकी शुरुआत आप योग से कर सकती हैं.
तमाम देशों में पिछले कई सालों से पीरियड्स के दौरान छुट्टी (Menstrual Leave) पर बहस चल रही थी। इसे एक अधिकार बनाने की बात हो रही थी। ऐसे में इस देश ने ऐतिहासिक कदम उठाया है।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार द्वारा लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में लिखित उत्तर में जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि महवारी के दिनों में अवकाश को लेकर विधेयक लाने का सरकार का कोई प्रस्ताव नहीं है।
एक सर्वे के मुताबिक पीरियड्स के दिनों में 30 प्रतिशत महिलाएं क्रैम्प और दर्द से इतनी ज़्यादा परेशान होती हैं कि वो कोई भी काम सही ढंग से नहीं कर पाती हैं।
संपादक की पसंद