पीएफ अकाउंट में अगर अंशदान 2.50 लाख रुपये से ज्यादा है तो उस पर मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स लगता है।
How to withdrawn money from PF Account: अगर आपका पीएफ खाते खुले 7 वर्ष से अधिक का समय हो जाता है तो आप शादी के लिए भी अपने पीएफ अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं।
अगर आपका पीएफ खाता है तो यह खबर आपके लिए है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पीएफ खाताधारकों के लिए अलर्ट जारी किया है। ईपीएफओ ने फ्रॉड से बचने के लिए यह अलर्ट दिया है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में पीएफ फर्जीवाड़े में तेजी आई है।
अगर आपके पास पीएफ से जुड़ा मोबाइल नंबर नहीं है तो सबसे पहले नए नंबर को आधार से लिंक करना होगा। इसके बाद लॉगिन पेज पर फॉरेगट पासवर्ड पर क्लिक करना होगा। इसके बाद यूएएन नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
जो भी व्यक्ति देश के संगठित क्षेत्र में नौकरी करता है उसकी सैलरी का एक हिस्सा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में जमा होता है। इन पैसों को कोई भी किसी इमरजेंसी सिचुएशन में या रिटायरमेंट के बाद निकाल सकता है।
EPFO Interest Rates: देश भर के लाखों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आई है। सरकार ने पीएफ ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है।
प्राइवेट नौकरियां करने वाले लोग जब एक कंपनी से दूसरी कंपनी में करते हैं तो वो अपने पीएफ अकाउंट मर्ज कराना भूल जाते हैं, जो कि बहुत जरूरी है। आइए आज आपको पीएफ अकाउंट मर्ज कराने के फायदे बताते हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने अंशदाताओं को अधिक पेंशन का विकल्प चुनने के लिए तीन मई तक का वक्त दिया है।
EPFO के खाताधारक पीएफ ब्याज दर के पैसे की ओर जाने कब से देख रहें हैं, वहीं अब अब उम्मीद है कि उन्हें पीएफ ब्याज दर का पैसा जल्द ही मिल सकता है। जहां सरकार होली के पहले उन्हें यह तोहफा दे सकती है।
EPFO ने कर्मचारियों की सुविधा के लिए अकाउंट में जमा रकम को चेक करने के लिए कई ऑप्शन दिए हैं, जिनके द्वारा कर्मचारी पीएफ अकाउंट बैलेंस चेक कर सकते है।
जो लोग ईपीएफ से अलग एक सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं वे पब्लिक प्रोविडेंट फंड का सहारा लेते हैं। इसके लिए उन्हें बैंक या पोस्ट आफिस में या बैंक में पीपीएफ खाता खुलवाकर निवेश करना होता है।
पीएफ अकाउंट (PF Account) में हर सैलरीड व्यक्ति के सैलरी (Salary) का एक हिस्सा जमा हो रहा होता है, जिसे आप रिटायरमेंट के बाद निकाल सकते हैं। इमरजेंसी की स्थिति में यह पहले भी पैसा निकालने की सुविधा देता है।
EPFO Rule: अगर आप किसी संस्थान में नौकरी करते हैं तो आपको पीएफ खाता(PF Account) के बारे में पता होगा। वो संस्थान प्राइवेट(Private) और सरकारी(Government) दोनों तरह के हो सकते हैं। इस खाते में हर सैलरीड व्यक्ति के सैलरी (Salary) का एक हिस्सा जमा हो रहा होता है।
पीएफ रिटर्न को आधार सत्पापित यूएएन के जरिये जमा कराने की समयसीमा को असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और त्रिपुरा के लिए 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दिया गया है।
आयकर कानून नियम, 1962 में नियम 9डी जोड़ा गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि पीएफ खातों में अलग से खाते बनाने होंगे। इसमें भविष्य निधि में कर योग्य और गैर-कर योग्य योगदान और उस पर मिलने वाले ब्याज को अलग-अलग दिखाना होगा।
1 जून 2021 से अगर किसी मेंबर का खाता आधार से लिंक नहीं होगा तो ECR फाइल करने की इजाजत नहीं होगी
पीएफ खाते से पैन को लिंक न करने पर पीएफ से पैसा निकालने के वक्त अधिकतम टीडीएस काटा जाएगा। जो कि पैन के लिंक होने पर बच सकता है
सीतारमण ने पीएफ खाते में जमा की जाने वाली राशि की सीमा को 5 लाख रुपये तक बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि यह नियम केवल उन मामलों पर ही लागू होगा, जहां नियोक्ता द्वारा कर्मचारी के पीएफ खाते में कोई अंशदान नहीं किया जाता है।
देश में करीब 40 लाख भविष्य निधि (पीएफ) अंशधारकों के खाते ऐसे भी हैं जिन्हें ब्याज का फायदा नहीं मिल सका है।
देश के 8 करोड़ पीएफ खाता धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब ईपीएफओ धारकों के लिए अपना अकाउंट बैलेंस पता करना आसान हो गया है।
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