केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) की भर्तियों में पूर्व-अग्निवरों के लिए 10 परसेंट रिजर्वेशन की घोषणा की है। इसके अलावा सरकार ने अधिकतम आयु-सीमा क्राइटेरिया में भी छूट दी है।
हमारे देश में इंडियन रेलवे ने 20 फरवरी 1986 को कंप्यूटर से रेलवे टिकट आरक्षण प्रणाली(Railawy Ticket Reservation) की शुरूआत की थी। लेकिन आपको पता है कि इससे पहले कैसे होते थे रिजर्वेशन। आज इस खबर के जरिए हम आपको इस बात की पूरी जानकारी देंगे।
अगर आपकी ट्रेन मिस हो जाती है तो आपके पास जो मौजूद टिकट है उसका क्या होता है। ये सवाल अधिकतर लोगों के मन में आता है। दरअसल अगर आपका टिकट रिजर्वेशन में है तो उस टिकट से आप किसी अन्य ट्रेन में सफर नहीं कर सकते हैं। अगर आपके पास रिजर्वेशन टिकट नहीं है तो आप उस टिकट से दूसरे ट्रेन में सफर कर सकते हैं।
EWS रिजर्वेशन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 12 जनवरी 2019 को की गई थी। आज हम इस खबर के जरिए इस स्पेशल कोटे के बारे में आपको डिटेल्ड जानकारी देंगे।
आलोक मेहता ने आरोप लगाया कि हमारे मन में राजनीति के प्रति नफरत भरी जा रही है। वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों को मंदिर में घंटा बजाना चाहिए वो सत्ता की कुर्सी पर बैठे हुए हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कर्नाटक की 2 बड़ी कम्युनिटी लिंगायत और वोक्कलिगा, दोनों को रिजर्वेशन में बढ़ोतरी की सौगात मिली है।
यदि चार्ट तैयार होने से पहले टिकट की पुष्टि नहीं होती है, तो ट्रिप एश्योरेंस यात्रियों को अंतिम समय के यात्रा के दूसरे विकल्पों को खोजने और बुक करने में मदद करेगा।
सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने EWS आरक्षण के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इसे पूरी तरह से वैध करार दिया है। इस फैसले को सुनाने वाले जजों में चीफ जस्टिस यूयू ललित के अलावा एस रवींद्र भट, दिनेश माहेश्वरी, जेबी पार्डीवाला और बेला एम त्रिवेदी शामिल रहे हैं।
Telangana News: तेलंगाना सरकार ने शनिवार को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जनजातियों को 10 फीसदी आरक्षण देने का आदेश शनिवार को जारी किया।
केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए ‘‘पूरी तरह से स्वतंत्र’’ आरक्षण को खत्म किए बिना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को पहली बार सामान्य वर्ग की 50 प्रतिशत सीटों में से दाखिले और नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
Sharad Pawar: शरद पवार ने कहा, ''महिला आरक्षण के मुद्दे पर एक बार मेरा भाषण पूरा करने के बाद मैं मुड़ा और मैंने देखा कि मेरी पार्टी के अधिकतर सांसद उठे और वहां से चले गए। इसका अर्थ है कि मेरी पार्टी के लोग भी इसे पचा नहीं पाए थे।’’
Maharashtra News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता आम आदमी के लिए काम करने की है। उनकी सरकार अन्य पिछड़ा वर्गों, मराठा और धनगर समुदायों को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राज्य के स्थानीय युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग की जा रही है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की भावना के मुताबिक यह सही नहीं है। मैं इसके कानूनी पहलू का अध्ययन कर रहा हूं।
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाट्रांसको और महाराष्ट्र सरकार से एक याचिका पर जवाब मांगा है। दरसल, अदालत ने नौकरियों में आरक्षण की मांग लेकर एक ट्रांसजेंडर द्वारा दायर की गई याचिका पर जवाब मांगा है।
Agneepath Scheme: अग्निपथ योजना पर सरकार ने बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब रक्षा मंत्रालय में अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। रक्षा मंत्रालय में 10 फीसदी सीटें अग्निवीरों के लिए रिजर्व रखी जाएंगी।
Agnipath Scheme : इन दोनों फोर्सेज में भर्ती के लिए अग्निवीरों को आयु सीमा में तीन साल की छूट भी मिलेगी। साथ ही गृह मंत्रालय ने यह भी ऐलान किया कि अग्निवीर के पहले बैच के लिए अधिकतम उम्र सीमा में 5 साल की छूट मिलेगी।
जानकारों का कहना है कि आर्थिक आधर पर सवर्णों को आरक्षण देने का फैसला गेम चेंजर साबित हुआ है। इस फैसले से न सिर्फ सवर्ण गरीबों को उनका उचित हक मिला है बल्कि कई राज्यों में आरक्षण को लेकर उठ रहे स्वर बंद हो गए हैं।
हालांकि, शीर्ष अदालत ने माना कि राज्य सरकार के पास अधिनियम पारित करने की विधायी क्षमता थी। इस मामले में विस्तृत फैसला बाद में दिया जाएगा।
करनाल में खट्टर ने पत्रकारों से कहा, हाई कोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किया है, लेकिन हम यह मुकदमा लड़ने में पूरा दमखम लगा देंगे।
न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पीरियेडिक रिव्यू पूरी करने के बाद प्रतिनिधित्व की अपर्याप्तता का मूल्यांकन करने के लिए मात्रात्मक डेटा का संग्रह अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि वह प्रतिनिधित्व की अपर्याप्तता को निर्धारित करने के लिए कोई पैमाना नहीं बना सकती है।
संपादक की पसंद