मोटापा इन दिनों एक आम समस्या बन चुका है। इससे ज्यादातर लोग परेशान हैं। वजन घटाने के लिए कुछ लोग रोटी, चावल समेत कई चीजों को त्याग देते हैं। वहीं कई लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि वजन घटाने के लिए कौन सी रोची खाई जाए। चलिए जानते हैं।
पाकिस्तान में महंगाई चरम पर है। वहां गेहूं और चावल की कीमतें आसमान छू रही हैं। एक तरफ तो बाढ़ दूसरी तरफ चावल और रोटी पर आफत, लोग परेशान हैं। जानिए क्या है इसकी वजह?
केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक लागू स्टॉक सीमा में संशोधन किया है। सभी गेहूं स्टॉक करने वाली इकाइयों के लिए पोर्टल पर हर शुक्रवार को अपनी स्टॉक स्थिति अपडेट करना अनिवार्य किया गया है।
गेहूं विपणन सत्र अप्रैल से मार्च तक चलता है, लेकिन खरीद का बड़ा हिस्सा पहले तीन महीनों में ही होता है।
अधिकारियों ने देशभर में मौसम और जलाशयों की स्थिति को अनुकूल बताया, जिससे मौजूदा कृषि सत्र के लिए बेहतर संभावनाएं बन रही हैं।
मध्य प्रदेश में सरकार किसानों से गेहूं 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी। सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है।
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले और कल्याणकारी योजनाओं की जरूरतें पूरी हों, यह सुनिश्चित करने के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य एजेंसियां गेहूं की खरीद करती हैं।
गेहूं की कीमतों को काबू में रखने के लिए केंद्र सरकार ने 31 मार्च, 2025 तक लागू गेहूं की भंडारण सीमा को संशोधित करने का फैसला किया है।
बुलंदशहर की स्याना तहसील के गांव बिरौली स्थित फ्लोर मिल पर गेहूं के आटे में मिलावट का भंडाफोड़ हुआ है। आटे में खड़िया मिट्टी, भूसी और सेल खड़ी की मिलावट की जा रही थी।
खुदरा विक्रेता प्रत्येक बिक्री केंद्र पर 10 टन के बजाय पांच टन का स्टॉक रख सकते हैं। जबकि बड़ी चेन के खुदरा विक्रेता प्रत्येक बिक्री केंद्र पर 10 टन के बजाय पांच टन गेहूं ही रख सकते हैं।
जानकारों का कहना है कि सरकार के इस कदम से गेहूं से बनने वाले सामान के दाम कम होंगे, जिसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा।
भारत खाद्य सब्सिडी सीमा की गणना के लिए फॉर्मूले में संशोधन की मांग कर रहा है।
मंत्रालय ने रबी सत्र 2024-25 के लिए 164.55 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें 115 लाख टन गेहूं और 18.15 लाख टन दालें शामिल हैं। रबी (सर्दियों) की फसलों की बुवाई शुरू हो गई है और दिवाली के बाद इसमें तेजी आएगी।
अगर आप भी बिना पार्लर जाए अपनी स्किन को ग्लोइंग बनाना चाहते हैं, तो आपको किचन में आसानी से मिल जाने वाली कुछ चीजों की मदद से आटा फेस पैक जरूर बनाकर देखना चाहिए।
प्रोसेसरों के लिए, लिमिट को घटाकर उनकी मासिक स्थापित क्षमता (MIC) का 60 प्रतिशत कर दिया गया है। अभी तक ये 70 प्रतिशत था। व्यक्तिगत खुदरा विक्रेताओं के लिए स्टॉक लिमिट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है यानी वे अभी भी 10 टन तक गेहूं का स्टॉक रख सकते हैं।
सोशल मीडिया में एक वीडियो पिछले कई महीनों से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बताया जा रहा है कि अब फैक्ट्री में प्लास्टिक के गेहूं बनाए जा रहे हैं। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल वीडियो की जांच पड़ताल की है।
सरकार का कहना है कि उसके पास सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त गेहूं का स्टॉक है, जो लगभग 1.84 करोड़ टन है।
गेहूं के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं है और चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध की समीक्षा करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। थोक विक्रेताओं के लिए स्टॉक सीमा 3,000 टन होगी, जबकि यह प्रोसेसर के लिए यह प्रसंस्करण क्षमता का 70 प्रतिशत होगी।
कारोबारी सरकार से आयात नियमों में ढील देने के लिए कह रहे हैं ताकि वे ऐसे समय में आयात दोबारा से शुरू कर सकें जब रूसी उत्पादन में अधिकता के चलते अंतरराष्ट्रीय कीमतें कम हैं। भारत में छह साल पहले गेहूं के आयात पर 44% शुल्क लगाया गया था।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने चालू विपणन सत्र के दौरान 11 जून तक लगभग 266 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं की खरीद की है। गेहूं का स्टॉक कभी भी तिमाही बफर स्टॉक मानदंडों से नीचे नहीं गया है।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़