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कुत्ते के काटने से भैंस की मौत, ग्रामीणों ने उसी के दूध का खाया था रायता, अब 200 लोगों ने लगवाया रेबीज का टीका

Edited By: Dhyanendra Chauhan @dhyanendraj
Published : Dec 29, 2025 10:49 am IST, Updated : Dec 29, 2025 10:58 am IST

कुत्ते के काटने से भैंस की मौत के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे समेत करीब 200 लोगों ने सरकारी अस्पताल में पहुंचकर रेबीज के टीके लगवाए हैं।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : PTI AND FREEPIK सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां उझानी क्षेत्र में कुत्ते के काटने से एक भैंस की मौत हो गई। इसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। कुत्ते के काटने से भैंस की मौत का मामला सामने आने के बाद उसके दूध से बनी दही का रायता खाने वाले ग्रामीणों में दहशत फैल गई। आनन-फानन में करीब 200 ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एहतियातन रेबीज का टीका लगवाया। 

तेरहवीं संस्कार में पूरे गांव ने खाया रायता

ग्रामीणों के अनुसार, 23 दिसंबर को उझानी थाना क्षेत्र स्थित पिपरौल गांव में तेरहवीं संस्कार का आयोजन किया गया था, जिसमें पूरे गांव को दावत दी गई थी। दावत में रायता भी परोसा गया जिसे बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने खाया। बाद में जानकारी सामने आई कि जिस भैंस के दूध से जमायी दही का रायता तैयार किया गया था, उसे कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काट लिया था। 

संक्रमण फैलने की आशंका के चलते अफरा-तफरी

साथ ही ये भी बताया गया कि 26 दिसंबर को उस भैंस की कुत्ते काटने से मौत भी हो गई। इसके बाद गांव में संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर अफरा-तफरी मच गई। डर के माहौल में शनिवार और रविवार को पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और युवा भी बड़ी संख्या में उझानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और रेबीज का टीका लगवाया। 

एहतियात के तौर पर टीका लगवाने पहुंचे ग्रामीण

समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए ग्रामीण जशोदा देवी ने कहा कि गांव में तेरहवीं की दावत थी, जिसमें सभी लोगों ने रायता खाया था। बाद में भैंस की मौत होने और उसे कुत्ते के काटने की जानकारी मिलने पर गांव के लोग घबरा गए और एहतियात के तौर पर टीका लगवाने पहुंचे। 

भैंस का काटा था पागल कुत्ते ने

ग्रामीण कौशल कुमार ने कहा कि भैंस को पागल कुत्ते ने काटा था और इस बात से अनजान होने की वजह से उसी के दूध से बनी दही का रायता बनाया गया था। तेरहवीं में रायता खाने के बाद लोगों को डर सता रहा था कि कहीं उन्हें भी कोई परेशानी न हो जाए, इसी कारण सभी लोग टीकाकरण कराने गए। 

जानिए क्या बोली डॉक्टरों की टीम

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि सूचना मिली थी कि गांव में एक भैंस को पागल कुत्ते ने काट लिया था और रेबीज के लक्षणों के कारण उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों द्वारा उस भैंस के दूध से जमायी दही का रायता खाने की बात सामने आई थी। एहतियात के तौर पर सभी को रेबीज का टीका लगवाने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि आमतौर पर दूध उबालने के बाद रेबीज की आशंका नहीं रहती, लेकिन किसी भी संभावित जोखिम से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल गांव में किसी तरह की बीमारी नहीं फैली है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है।

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