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कानपुर में थाने के पास कांड! ऑटो ड्राइवर ने मां-बेटी समेत 4 महिलाओं पर ब्लेड से किया ताबड़तोड़ हमला, लगे 35 टांके

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Feb 14, 2026 03:55 pm IST,  Updated : Feb 14, 2026 04:29 pm IST

Blade Attack In Kanpur: कानपुर में मां-बेटी समेत पर चार महिलाओं पर ऑटो ड्राइवर ने ब्लेड से ताबड़तोड़ हमला किए। इसमें उसके दो साथियों ने भी साथ दिया। अटैक के बाद डॉक्टर को दो महिलाओं के 35 टांके लगाने पड़े।

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कानपुर में थाने के पास 4 महिलाओं पर ब्लेड से हमला हुआ है। Image Source : REPORTERS INPUT

Kanpur Crime News: यूपी के कानपुर शहर में एक बार फिर से थाने के पास हुई एक वारदात ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, कानपुर साउथ के जूही थाना क्षेत्र में थाने से कुछ कदम की दूरी पर ही मां-बेटी सहित चार महिलाओं पर ब्लेड से ताबड़तोड़ हमला किया गया, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। यह घटना न केवल अपराधियों के हौसले बुलंद होने का प्रमाण है, बल्कि पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

रैश ड्राइविंग का विरोध करने पर हमला 

इस खौफनाक घटना की शुरुआत तब हुई जब किदवईनगर एन-ब्लॉक की रहने वाली रानी अपनी बेटी पलक, बड़ी बहन राधा, छोटी बहन प्रीति और प्रीति के पति गौरव के साथ बाजार जाने के लिए निकलीं। जैसे ही वे जूही थाने के सामने वाली गली से मुख्य सड़क पर पहुंचीं, सामने से एक तेज रफ्तार ऑटो अनियंत्रित हालत में लहराता हुआ आया। महिलाएं किसी तरह बाल-बाल बचीं, लेकिन ऑटो पलट गया। इस लापरवाही पर महिलाओं ने विरोध जताया, जिससे विवाद भड़क उठा, वहीं से मामले में जो मोड़ आया उसने सबको चौका दिया।

ब्लेड से चेहरे और गर्दन पर बेरहमी से किए वार

आरोप है कि ऑटो चालक आदिल नशे की हालत में था और उसके साथ दिशांत व बाबू उर्फ मोहम्मद समीर भी मौजूद थे। विरोध करने पर ये तीनों पहले गौरव पर टूट पड़े और फिर मारपीट शुरू कर दी। जब परिवार की महिलाएं गौरव को बचाने आगे आईं, तो हमलावरों ने क्रूरता की हद पार कर दी। उन्होंने अपने पास रखे ब्लेड से महिलाओं के चेहरे, गर्दन और शरीर पर बेरहमी से वार किए। हमला इतना भीषण था कि एक महिला के गाल पर गहरा घाव आया, जिसमें डॉक्टरों को 25 टांके लगाने पड़े। दूसरी महिला की गर्दन पर गंभीर चोट आई और 10 टांके लगे। बेटी पलक और प्रीति भी घायल हो गईं।

सीमा विवाद कहकर कार्रवाई को पुलिस ने टाला

ऐसे में इस घटना के बाद सबसे अधिक चौंकाने वाला पक्ष पुलिस का रवैया रहा। लहूलुहान हालत में पीड़ित महिलाएं जूही थाने पहुंचीं, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मदद करने के बजाय सीमा विवाद का हवाला देकर उन्हें टाल दिया। पुलिस का दावा था कि घटना किदवईनगर थाना क्षेत्र में हुई है, इसलिए वे कार्रवाई नहीं कर सकते। करीब एक घंटे तक पीड़ितों को इंतजार करना पड़ा। इस दौरान आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में यूपी-112 की टीम पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

क्या ब्लेड मार गिरोह से है कनेक्शन?

पीड़िता रानी की तहरीर पर किदवईनगर पुलिस ने मामला दर्ज किया और मुख्य आरोपी आदिल को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य दो आरोपियों दिशांत और बाबू की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ये युवक किसी संगठित 'ब्लेड मार गिरोह' से जुड़े हैं, जो शहर में महिलाओं को निशाना बनाकर ऐसे हमले करते हैं।

यह वारदात कानपुर की महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। थाने के सामने ही ऐसी घटना होना पुलिस की मुस्तैदी पर और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय लोग अब खुलेआम कह रहे हैं कि अपराधी बेखौफ हो गए हैं और कानून का डर खत्म हो चुका है।

(इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)

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